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ज्योतिष : सूर्य ने बदली चाल, इन राशि वालों पर होगी धन की वर्षा !

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उदय दिनमान डेस्कः ज्योतिष : सूर्य ने बदली चाल, इन राशि वालों पर होगी धन की वर्षा ! सभी ग्रहो में सबसे ताकतवर ग्रह सुर्य कर्क राशि में प्रवेश के साथ ही कई राशि के जातकों के लिए धन वर्षा का काम करेगा। चाहे वह व्यापारी हो या फिर नौकरीपेशे वाला या फिर आम इंसान। सूर्य की बदली चाल सभी को फायदा देगी। सूर्य को उर्जा का स्रोत बताया गया है और उर्जा हमेशा फायदेमंद ही होती है। इसलिए यह कई जातकों को खुशी लेकर आ गयी है। अर्थात बच्छे दिन आ गए कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

 

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि सूर्य की ऊर्जा मनुष्यों, प्रकृति के लिए कितनी आवश्यक हैं। वहीं सूर्य मनुष्य के जीवन में भी अति आवश्यक हैं। ज्योतिष के अनुसार सूर्य इंसान को बलवान बनाने के साथ-साथ उसमें असीम ताकत भी भर देता हैं। सूर्य की बदली चाल इंसान के लिए फायदे का सौदा होता है। यह सदियों से चलता आ रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार इन दोनो ग्रहों का एक ही राशि में आने से कई राशि के जातको पर शुभ-अशुभ का प्रभाव रहेगा।

 

सूर्य की यह चाल परिवर्तन से 5 राशिवालों को फायदा मिलेगा जबकि 7 राशियों के लिए यह नुकसान दायक साबित होगा।चलिए जानते हैं विस्तार से कि किन राशि के जातकों के लिए यह फलदायी है और किसके लिए नुकसानदेह।

 

मेष राशि- सूर्य आपकी राशि के चौथे भाव में प्रवेश होगा। सूर्य के कर्क राशि में जाने से जीवनसाथी को भी कार्यक्षेत्र में लाभ मिलने की संभावना है। किंतु सूर्य का अधिक प्रभाव होने के कारण आपको कार्यक्षेत्र पर मानसिक तनाव हो सकता है।

 

वृषभ राशि-सूर्य का आपकी राशि के तीसरे भाव में प्रवेश होगा। सूर्य का आना आपको नयी ऊर्जा देगा सूर्य के प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में बदलाव आ सकता है, शायद आप नई नौकरी खोजने में सफल हो जाएं।

 

मिथुन राशि-सूर्य का आपकी राशि के दूसरे भाव में प्रवेश करेगा, जिसके चलते आपके स्वभाव में बड़ा बदलाव आएगा। आपको ज्यादा गुस्सा आ सकता है इसलिए हमेशा सतर्क रहें क्योंकि सूर्य अग्नि तत्व का ग्रह है।

 

कर्क राशि-सूर्य इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं जिसके कारण आपके स्वभाव में अहंकार और चिडचिडापन देखा जा सकता है लेकिन आपको सिर्फ स्वयं पर नियंत्रण करना ही बेहतर होगा।

 

सिंह राशि- राशि से मंगल का परिवर्तन 12वें घर में हो रहा है। जो कि आपका व्यय व निवेश का घर है। कार्य के चलते विदेश जा सकते हैं। यदि रविवार को सूर्य को प्रसन्न करने के उपाय करेंगे तो कुछ राहत मिल सकती है।

 

कन्या राशि-सूर्य का आपकी राशि के 11वें भाव में प्रवेश होगा। बिजनेस करने वालों को आर्थिक लाभ और साथ ही सभी की कार्यक्षमता में वृद्धि करेगा।

 

तुला राशि-ऑफिस में तरक्की होने के शुभ संकेत हैं। आप किसी उच्च पद पर आसीन हो सकते हैं। कर्म क्षेत्र में समय बहुत ही अच्छा होता है। यहाँ सूर्य के आने से आपको लगेगा कि आप दूसरों से अच्छा काम कर रहे हैं। थोड़ा सा अभिमान जाग जाएगा इसमें कोई बुराई नहीं है।

 

वृश्चिक राशि-सूर्य का आपकी राशि के नवम भाव में प्रवेश होगा, जिसके चलते आपका समय मिलाजुला हो सकता है। इस राशि के जातको को सूर्य का अधिक प्रभाव होने के कारण आपकी किस्मत आपका साथ देगी।

 

धनु राशि-सूर्य का आपकी राशि के आठवें भाव में प्रवेश कर रहा है। अचानक मानहानि होने की सम्भावना तो है ही, स्वास्थ्य पर भी दुष्प्रभाव हो सकता है। गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें साथ ही कोई बड़ा निवेश ना करें।

 

मकर राशि-मंगल के साथ सूर्य अपने सातवें भाव में प्रवेश कर रहा है जिससे इस दौरान आपके परिवार के साथ मनमुटाव हो सकता है इसलिए विवाद से बचने के लिए ज्यादा से कोशिश करें।

 

कुम्भ राशि-आपके लिए तो सूर्य सातवें भाव है, इसलिए बहुत बार शादीशुदा जीवन सुखी नहीं होता। वैसे यह अच्छा भाव है सूर्य के फल एक तरफ तो उतने अच्छे नहीं रहेंगे लेकिन दूसरी तरफ आपको काम-काज में बरकत भी होगी।

 

मीन राशि-सूर्य का आपकी राशि के 5वें भाव में प्रवेश होगा। सूर्य आपकी राशि में आकर कार्यक्षेत्र पर परेशानियां लाएगा। इस समय यदि किसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में भाग ले रहे हैं तो परीक्षा तो थोड़ा सावधानी पूर्वक करें, हड़बड़ी न करें और संयम के साथ ध्यान से सवालों के जवाब दें।

 

सूर्य से निकली ऊर्जा

सूर्य अथवा सूरज सौरमंडल के केन्द्र में स्थित एक तारा जिसके चारों तरफ पृथ्वी और सौरमंडल के अन्य अवयव घूमते हैं। सूर्य हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा पिंड है और उसका व्यास लगभग १३ लाख ९० हज़ार किलोमीटर है जो पृथ्वी से लगभग १०९ गुना अधिक है। ऊर्जा का यह शक्तिशाली भंडार मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों का एक विशाल गोला है। परमाणु विलय की प्रक्रिया द्वारा सूर्य अपने केंद्र में ऊर्जा पैदा करता है। सूर्य से निकली ऊर्जा का छोटा सा भाग ही पृथ्वी पर पहुँचता है जिसमें से १५ प्रतिशत अंतरिक्ष में परावर्तित हो जाता है, ३० प्रतिशत पानी को भाप बनाने में काम आता है और बहुत सी ऊर्जा पेड़-पौधे समुद्र सोख लेते हैं। इसकी मजबूत गुरुत्वाकर्षण शक्ति विभिन्न कक्षाओं में घूमते हुए पृथ्वी और अन्य ग्रहों को इसकी तरफ खींच कर रखती है।

 

सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग १४,९६,००,००० किलोमीटर या ९,२९,६०,००० मील है तथा सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश को आने में ८.३ मिनट का समय लगता है। इसी प्रकाशीय ऊर्जा से प्रकाश-संश्लेषण नामक एक महत्वपूर्ण जैव-रासायनिक अभिक्रिया होती है जो पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यह पृथ्वी के जलवायु और मौसम को प्रभावित करता है। सूर्य की सतह का निर्माण हाइड्रोजन, हिलियम, लोहा, निकेल, ऑक्सीजन, सिलिकन, सल्फर, मैग्निसियम, कार्बन, नियोन, कैल्सियम, क्रोमियम तत्वों से हुआ है। इनमें से हाइड्रोजन सूर्य के सतह की मात्रा का ७४ % तथा हिलियम २४ % है।

 

इस जलते हुए गैसीय पिंड को दूरदर्शी यंत्र से देखने पर इसकी सतह पर छोटे-बड़े धब्बे दिखलाई पड़ते हैं। इन्हें सौर कलंक कहा जाता है। ये कलंक अपने स्थान से सरकते हुए दिखाई पड़ते हैं। इससे वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला है कि सूर्य पूरब से पश्चिम की ओर २७ दिनों में अपने अक्ष पर एक परिक्रमा करता है। जिस प्रकार पृथ्वी और अन्य ग्रह सूरज की परिक्रमा करते हैं उसी प्रकार सूरज भी आकाश गंगा के केन्द्र की परिक्रमा करता है। इसको परिक्रमा करनें में २२ से २५ करोड़ वर्ष लगते हैं, इसे एक निहारिका वर्ष भी कहते हैं। इसके परिक्रमा करने की गति २५१ किलोमीटर प्रति सेकेंड है।