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कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला

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नोटबंदी व जीएसटी से हो रही दिक्कतों के संबंध में ज्ञापन सौंपा

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमण्डल ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें नोटबंदी और जीएसटी से लोगों को हो रही दिक्कतों से सम्बन्धित ज्ञापन प्रेषित किया।
राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमण्डल ने कहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में लिये गये नोटबंदी और जी.एस.टी. के अविवेकपूर्ण फैसलों के कारण पूरे देश में लम्बे समय से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र व राज्य सरकारें जन सरोकारों के प्रति संवेदनहीन हो चुकी हैं। देशभर में पहले कर्ज के बोझ से दबे किसानों ने आत्म हत्या का रास्ता अपनाया और अब नोटबंदी एवं जीएसटी की मार झेल रहा व्यापारी वर्ग भी इसी राह पर चल पड़ा है।
9 जनवरी को प्रकाश पाण्डेय की मौत इसका ज्वलंत उदाहरण है। देश में लाखों लोग इस जबरन नेाटबंदी व जीएसटी के कारण बर्बाद हो चुके हैं। प्रकाश पाण्डेय तो जीएसटी व नोटबंदी के दुष्परिणामों से प्रभावित उन लाखों लोगों के प्रतीक मात्र हैं जिनका व्यापार उजड़ गया है। यह हम सबके लिए चिन्ता और चिन्तन का विषय है। उत्तराखण्ड की देवभूमि इस घटना से शर्मशार हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रकाश पाण्डेय जैसे निम्न मध्यम वर्ग के व्यवसायियों की संख्या में राज्य बनने के बाद भारी इजाफा हुआ है और जी.एस.टी. तथा नोटबंदी लागू होने के साथ ही राज्य में भाजपा की सरकार सत्तासीन होने के बाद के इस एक वर्ष की समयावधि में इन निम्न मध्यम वर्ग के व्यवसायियों का कारोबार चौतरफा प्रभावित हुआ है। इस प्रकार के व्यवसायियों में से अधिकांश ने राष्ट्रीयकृत बैंकों, सहकारी बैंकों या निजी सेक्टर के वित्तीय संस्थानों से मासिक किस्तों के भुगतान की शर्तों पर कर्ज लेकर अपना व्यवसाय खड़ा किया है।
लेकिन जी.एस.टी., नोटबंदी व राज्य सरकार की गलत नीतियों से इनका कारोबार नहीं चल पाने के कारण यह लोग अपने कर्जों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप स्व0 प्रकाश पाण्डे के जैसी दिक्कतों (जिसकी वजह से उनको आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाना पड़ा) का सामना राज्य के बहुतायत व्यवसायियों को करना पड़ रहा है। केन्द्र व राज्य सरकारों की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा तो यह है कि राज्य की भाजपा सरकार के मुखिया व भाजपा नेता श्री प्रकाश पाण्डेय प्रकरण में कंाग्रेस द्वारा आवाज उठाये जाने को राजनीति करार दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्व0 प्रकाश पाण्डेय की तरह राज्य का कोई अन्य व्यवसायी जो इस प्रकार की दिक्कतों को झेल रहे हैं आत्महत्या जैसा घातक कदम न उठायें, इसके लिए राज्य की वर्तमान सरकार संजीदा नहीं दिखाई दे रही है। क्योंकि इस घटना के घटित होने के दौरान एवं स्व0 प्रकाश पाण्डेय की मृत्यु के उपरान्त से लेकर अब तक सरकार के मुखिया से लेकर सरकार के मंत्रीगणों एवं प्रशासनतंत्र के द्वारा जिस संवेदनहीनता और गैर जिम्मेदारी का प्रदर्शन किया गया है वह भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इतनी संवेदनशील घटना के बावजूद सरकार राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है।
    कांग्रेस प्रतिनिधमण्डल ने श्री राज्यपाल से अनुरोध किया कि स्व0 श्री प्रकाश पाण्डेय के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ सरकार के संदेशवाहक के रूप में जिलाधिकारी ने जो आश्वासन दिया उसको पूरा करते हुए श्रीमती पाण्डेय को सरकारी सेवा में लिया जाय। राज्य के निम्न मध्यम वर्ग के व्यवसायियों जिनके कारोबार जी.एस.टी. व नोटबंदी से प्रभावित हुए हैं, उनका सर्वेक्षण करके उनके कारोबार पुर्नस्थापित हो सके इस हेतु एक ठोस नीति बनाई जाय तथा यथाशीघ्र व्यापारियों की रक्षा की जाय तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए समय रहते समुचित कदम उठाये जांय।
प्रतिनिधिमण्डल में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के अलावा नेता प्रतिपक्ष डॉ0 इन्दिरा हृदयेश, विधायक मनोज रावत, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, हीरा सिह बिष्ट, प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, सूर्यकान्त धस्माना, पूर्व विधायक अनुसूया प्रसाद मैखुरी, जोत सिंह गुनसोला, राजकुमार, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रभुलाल बहुगुणा, नेताप्रतिपक्ष नगर निगम नीनू सहगल, अल्पसंख्यक अध्यक्ष ताहिर अली, पीसीसी सदस्य राजेश चमोली, नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्प्वाण शामिल थे।