udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने किया राज्य व केंद्र सरकार पर किया प्रहार 

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने किए राज्य व केंद्र सरकार पर प्रहार 

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उत्तरकाशी:  उत्तरकाशी में चीन सीमा तक पहुंचने वाले पुल के टूटने पर जहां सीमा की सुरक्षा खतरे में पड सकती हैं वहीं भ्रष्टाचार के आंकड में डूबे इंजीनियों के कारनामों से आम जन की जान खतरे में है।   कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप भट्ट ने चीन सीमा सुरक्षा व गंगोरी पुल के टूटने पर और सीमा की सुरक्षा को लेकर राज्य व केंद्र सरकार पर कई प्रहार किए । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के आंकठ में डूबी हुई है और इसके परिणाम धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मात्र शहरों के विकास की ओर ध्यान दे रही है और पहाड में जहां लोगों को सुविधाओं की आवश्यकता है उन्हें लावारिस छोडकर भ्रष्टाचार में मस्त है।

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप भटृट ने राज्य की डवल इंजन सरकार और केंद्र सरकार को कटघरे में खडा करते हुए कहा कि प्रदेश की डबल इंजन की सरकार आफ के चल रही है वहीं केद्र सरकार जुमलेबाजी में चल रही है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सकरार असंवेदनसील है और दोनो सरकार को जनता से कुछ लेना देना नहीं है केंद्र की सरकार जूमेबाजी में मस्त है और राज्य की डबल इंजन की सरकार भी हाफकर चल रही है।

उत्तरकाशी में और भारत की सीमा से लगा काम चलाव पुल जहां ओवर लोडिगं की वजह से गिर गया वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप भट्ट ने राज्य और केन्द्र सरका को आडे़ हाथ लिया,इस  मामले पर भट्ट ने पत्रकार वार्ता में बताया कि केन्द्र की मोदी सरकार भाषणों में मस्त है जहां एक तरफ भारत और चीन के सामने तनाव जैसी स्थितियां रहती है वहीं सीमा पर बने पुल गिर जा रहे हैं. भट्ट ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन काम नहीं कर रहा है और केंद्र का यहां की ओर काई ध्यान नहीं है। सीमा सुरक्षा पर भट्ट ने कहा की पीएम मोदी जुमलों की जगह यदि सीमा पर आवागमन के साधन सही कर दें तो वहीं सबसे बडी़ बात होगी।

कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने मामले को गंभीर बताया और जिलाधिकारी सहीत जिला पुलिस अधीक्षक की सरहाना की कि प्रसाशन के गम्भीरता से चंद समय में वैकल्पिक व्यवस्था शुरू हुई,   कांग्रेस प्रवक्ता ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पुल बनवाने में पांच साल लगना लाजमी था जब केन्द्र ने सड़क सीमा की सुध नही ली,  यह मामला गंगोत्री मार्ग पर बने गंगोरी वैकल्पिक पुल की जो २०१२/१३ की दैविक आपदा में बना था तब से आजतक सड़क सीमा का आरसीसी का पुल नहीं बन सका,

अब भाजपा कांग्रेस चाहे मामले का राजनैतिकरण कर ले लेकिन सवाल गंम्भीर है कि दोनो दलों ने पांच साल तक चुप्पी क्यों नहीं तोड़ी? अब मामला मजिस्ट्रेटी जांच का का कि आखिर मामले का सही प्रकरण क्या है?   अब मामले कि सत्यता जानने की फिराक में शासन भी है और प्रसाशन भी? उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास की गंगा मात्र सचिवालय में फाइलों में बह रही है। हकीकत यह है कि जमीन पर कुछ भी कार्य नहीं हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इतनी असंवेदनसील है कि कांग्रे के समय में जिन पुलों का निर्माण प्रारंभ हुआ था वो आज दिन तक नहीं बन पाए। प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। यही कारण है कि पुलों का निर्माण नहीं हो पाया। उत्तराखंड की सीमा चीन से लगी हुई है और यहां पुलों का र्निाण न होना भी किसी खतरे से कम नहीं है । सीमा पर तैनात जवानों के साथ स्थानीय लोगों को आज भी अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पैदन ही चलना पड रहा हैं। वहीं जहां चीन ने अपनी सीमा पर सभी सुविधाएं मुहैया करवादी है वहीं भारत अभी तक सीमा पर पहुंचने वाले पुलों का भी समय पर निर्माण नहीं करवा पा रही है। इससे सीमा पर खतरा मंडरा रहा है।