udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news कांग्रेस व भाजपा पहाड़ विरोधी: दिवाकर भट्ट

कांग्रेस व भाजपा पहाड़ विरोधी: दिवाकर भट्ट

Spread the love

गैरसैंण राजधानी के लिये उक्रांद का सत्ता में आना जरूरी

रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड क्रांति दल के केन्द्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कांग्रेस व भाजपा को पहाड़ विरोधी बताते हुये कहा कि राजधानी के मामले में वे राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उक्रांद ही राजधानी गैरसैंण का पक्षधर रहा है।

यही कारण है कि आज सरकारों की मजबूरी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) राजधानी बनाने के लिये जनता के बीच आना पड़ा है। थराली विधानसभा उपचुनाव में उक्रांद प्रत्याशी के प्रचार अभियान से लौटते हुये उन्होंने यहां पत्रकारों से बातचीत में यह बाते कही।

श्री भट्ट ने कहा कि थराली उपचुनाव में भाजपा व कांग्रेस धनबल का जमकर प्रयोग कर रही है, लेकिन उक्रांद प्रत्याशी राजधानी गैरसैंण और पहाड़ के मुददों को लेकर राष्ट्रीय पार्टियों को टक्कर दे रहा है। उन्होंने जनता से उक्रांद के पक्ष में जनमत देने की अपील की। ताकि पहाड़ के मुददों और राजधानी के सवाल को हल किया जा सके।

उक्रांद अध्यक्ष श्री भट्ट ने कहा कि राज्य में भू-माफिया, खनन माफिया और बाहरी तत्व सक्रिय हैं। जो राज्य को खोखला करने में जुटे हुये हैं और सरकार उनको संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की जमीन भू माफिया से बचाने के लिये राज्य सरकार को सख्त भू-कानून लाना चाहिये। ताकि लोगों की पुस्तैनी जमीन औने-पौने दामों में बिकने से बच सके।

उन्होंने कहा कि राज्य की अस्मिता बचाने के लिये मूल निवास प्रमाण पत्र फिर से लागू किया जाना चाहिये। राज्य में किसान और ट्रांसपोर्टर लगातार आत्महत्या कर रहे हैं और रोजगार की समुचित व्यवस्था न होने के कारण अब बेरोजगारों के सामने भी रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है। श्री भट्ट कहा कि राज्य की जनता को उत्तराखण्ड क्रांति दल पर भरोसा जताना चाहिये। ताकि उक्रांद जनता के मुददों पर संघर्ष कर सके और उन्हें लागू कर जनता को राहत दिला सके।

पत्रकार वार्ता में दल के संरक्षक पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी, डॉ नारायण सिंह जंतवाल, पुष्पेश त्रिपाठी के अलावा उक्रांद के केन्द्रीय उपाध्यक्ष अवतार सिंह राणा, उक्रांद के प्रवासी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष देवेश्वर भटट, जिलाध्यक्ष राजेन्द्र नौटियाल, मीडिया प्रभारी देवेन्द्र चमोली, सूरत सिंह झिंक्वाण, सुभाष मोंगा आदि मौजूद थे।