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कार्य में लापरवाही ना बरती जाय

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पौड़ीः पंचायती राज विभाग के तत्वाधान में जन योजना अभियान ‘‘सबकी योजना सबका विकास‘‘ के तहत ग्राम पंचायत विकास कार्यक्रम (जीपीडीपी) की दो दिवसीय कार्याशाला मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई। प्रथम दिवस की कार्यशाला में जीपीडीपी प्रक्रिया पर रेखीय विभागों के साथ चर्चा की गई। चर्चा के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान ने जीपीडीपी संचालन की प्रक्रिया एडीओ पंचायत, बीडीओ एवं रेखीय विभागांें को दी।
जीपीडीपी के तहत विभागों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं को जीपीडीपी के तहत आॅनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह कार्यक्रम दो अक्टूबर से 16 नवम्बर तक आयोजित किया जाएगा। पंचायत  स्तर पर जीपीडीपी कार्यक्रमों का प्रचार प्रसार किया जाएगा तथा ग्राम पंचायतों में सचिव जीपीडीपी के दृष्टिकोण से बैठकों का भी आयोजन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से राज्य सरकार और भारत सरकार की विकास योजनाओं का सही आंकलन विशेषज्ञों तथा स्थानीय वाशिंदों द्वारा भी किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को आपस मे समन्वय बनाकर विकास कार्यों का सही आंकलन करते हुए जीपीडीपी एप में अपलोड करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों पर जो भी विकास कार्यों की कमियां नजर आती हैं उन्हें जीपीडीपी एप पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। ताकि उन योजनाओं को आवश्वता के अनुसार पूर्ण किया जा सके। उन्होंने बैठक में उपस्थित रेखीय विभागों को कहा कि इस कार्य में लापरवाही ना बरती जाय। सभी अधिकारी इस कार्य को गम्भीरता के साथ लेना सुनिश्चित करें।
कार्यशाला मंे परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, सहायक परियोजना निदेशक सुनील कुमार, परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत, सीईओ एमएस रावत, डीपीओ एसके त्रिपाठी, एडीओ पंचायत हरीश चंद शाह, मनमोहन सिंह बिष्ट, राजेंद्र कुमार शाह, विनोद कुमार, ज्योति चंदोला, एई एमआई राजीव रंजन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उर्पिस्थत रहे। फोटो समाचार 
 
भारत मौसम विज्ञान विभाग देहरादून ने जनपद में अगले 24 घंटे भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम के एलर्ट के मद्देनजर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने जनपद में आईआरएस सिस्टम को मुस्तैद रहने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने आईआरएस से जुड़े अधिकारियों को आपदा के दृष्टिगत मुख्यालय में बने रहने के भी निर्देश दिये हैं।
उन्होंने आपदा से जुड़ी किसी भी प्रकार की सूचना को आपदा परिचालन केंद्र में देने को कहा है। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, खंड विकास अधिकारियों को बरसात के दौरान संबंधित क्षेत्रों से आपदा की सूचनाएं आपदा केंद्र को देने निर्देश दिये हैं।