udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news केदारनाथ धाम: चांवल और झंगोरे के लेप से सजाया गया लिंग !

केदारनाथ धाम: चांवल और झंगोरे के लेप से सजाया गया लिंग !

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केदार बाबा को लगाया नए अनाज का भोग
रात दो बजे तक किये भक्तो ने बाबा के दर्शन

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में इस बार भी भतुज मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले में भारी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। रात के दो बजे भगवान केदारनाथ को चांवल और झंगोरे का लेप लगाया गया। साथ ही भक्तों को बाबा केदारनाथ के भव्य श्रृंगार के दर्शन कराए गए। ठंड में भी रात की दो बजे तक भक्त बाबा के दर्शनों के लिए उमड़ते रहे।

दरअसल, केदारनाथ में हर साल रक्षाबन्धन से पहले भतुज मेले का आयोजन किया जाता है। इस दौरान बाबा केदार को नए अनाज का भोग लगाया जाता है और बाबा केदार के स्वयंभू लिंग को सजाया जाता है। लिंग को चांवल और झंगोरे के लेप से लेपा जाता है। यह प्रथा केदारनाथ में सदियों से चली आ रही है। श्री बद्री केदार मंदिर समिति की ओर से इस मेले का आयोजन किया जाता है।

मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि हर वर्ष रक्षाबंधन से एक दिन पहले धाम में केदारनाथ के स्वयंभू शिव लिंग को नये अनाज चांवल, झंगोरा आदि स्थानीय अनाजों के लेप से ऋंगार किया जाता है। प्रातःकाल इस अनाज को मंदाकिनी नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि भगवान शंकर नये अनाज से विषाक्त तत्वों का शमन कर देते हैं। इस मौके पर पर प्रभारी अधिकारी आरसी तिवारी, राजकुमार नौटियाल, पुजारी गंगाधर लिंग, लोकेन्द्र रिवाड़, प्रबंधक अरविन्द शुक्ला, प्रदीप सेमवाल, मृत्युंजय, सूरज नेगी सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे।

वहीं ऊखीमठ क्षेत्र में रक्षा बंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर भगवान भोलेश्वर महादेव मंदिर अन्नकूट मेला पौराणिक परम्पराओं एवं रीति रिवाजों के अनुसार मनाया गया। श्रद्धालुओं ने महादेव के स्वयंभू लिंग पर अनेक प्रकार के अनाजों के भोग का श्रृंगार कर विश्व कल्याण एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गयी।

शनिवार देर शाम श्रद्धालुओं की भीड़ भोलेश्वर मंदिर में उमड़नी शुरू हुई तथा श्रद्धालुओं द्वारा नये अनाज का भोग बनाकर भगवान भोलेश्वर के स्वयंभू लिंग पर श्रृंगार कर रात्रि नौ बजे, बारह बजे, तीन बजे एवं ब्रहम बेला में चारों पहर चार आरती उतारकर भगवान शंकर को प्रसन्न किया गया। श्रद्धालुओं द्वारा पूरी रात्रिभर भजन कीर्तनों का आयोजन कर शंकर भगवान की स्तुति की गयी।