udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news केदारनाथ में सेना का एमआई 17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

केदारनाथ में सेना का एमआई 17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त

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केदारनाथः केदारनाथ में सेना का एमआई 17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त. हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोग सुरक्षित.बताया जा रहा है कि सुबह यह हेलीकाप्टर केदारनाथ में दुघर्टनाग्रस्त हो गया है। इसमें सवार सभी लोग सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

आपको बता दें कि केदारनाथ में पुर्ननिर्माण कार्य चल रहा है।जून 2013 की आपदा के बाद इस हेलीकाप्टर ने केदारघाटी और अन्य स्थानों पर फसे लोगों को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। इसके बाद केदारनाथ में पुर्नरनिर्माण कार्य में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

हेलीकॉप्टर ने निर्माण सामग्री लेकर गुप्तकाशी से केदारनाथ के लिए मंगलवार सुबह उड़ान भरी थी। लैंडिंग करते समय अचानक हेलीकॉप्टर धड़ाम से नीचे गिर गया। हेलीकॉप्टर गिरते ही वहां निम के कर्मचारी, सैन्यकर्मी और पुलिस टीम हरकत में आ गयी। तुरंत हेलीकॉप्टर में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

रुद्रप्रयाग एसपी पीएन मीणा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में चालक दल समेत छह लोग सवार थे, सभी सुरक्षित हैं। हादसे के कारण अभी पता नहीं चल पाए हैं। पुलिस और प्रशासन की पूरी टीम राहत कार्य में जुटी है। राहत के लिए वायुसेना की दूसरी टीम के भी केदारनाथ पहुंचने की सूचना है।

Posted by Mohit Dimri on Monday, 2 April 2018

बता दें कि केदारनाथ आपदा के बाद से वायुसेना लगातार पुनर्निर्माण कार्य में मदद कर रही है। यहां मशीनें और निर्माण सामग्री वायुसेना के हेलीकॉप्टर से पहुंचाई जा रही है। आपदा के वक्त भी वायुसेना ने राहत और बचाव कार्य में बहुत अहम रोल अदा किया था। फिल्हाल घटना से हड़कंम मच गया है।

सूचना के मुताबिक़, आज सुबह क़रीब नौ बजे केदारनाथ में सेफ़ हाउस के समीप लेंडिंग के दौरान एमआई-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ग़नीमत यह रही कि हेलीकॉप्टर हेलीपैड के पास ही सुरक्षित स्थान पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के बाद आनन-फ़ानन में चालक दल के सदस्य और अन्य क्रू मेम्बर हेलीकॉप्टर से बाहर निकले। इस बीच हेलीकॉप्टर से धुआं निकलने लगा।

इन दिनों हेलीकॉप्टर के ज़रिए केदारनाथ में सिंचाई विभाग के निर्माण कार्य के लिए मशीनें पहुँचाई जा रही थी। केदारनाथ में पुनर्निर्माण के कार्य के तहत बाढ़ सुरक्षा के कार्य चल रहे हैं। आज सुबह मशीनों को लेकर एमआई-17 हेलीकाप्टर ने चारधाम हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी और लेंडिंग के समय हेलीकॉप्टर दुर्घटना का शिकार हो गया।

आपको बता दें कि ऑपरेशन राहत उत्तर भारत बाढ़ २०१३ से प्रभावित नागरिकों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना के बचाव अभियान का सांकेतिक नाम दिया गया। भारी बारिश ने 16 जून को उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्य में काफी विकाराल रूप धारण कर लिया जिसकी वजह से तीर्थयात्रियों सहित हजारों लोग विभिन्न घाटियों में फंस गए।

राहत कार्य के लिए भारतीय वायुसेना की सहायता मांगी गई। पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) मुख्यालय ने विभिन्न राज्यों द्वारा बाढ़ से राहत संबंधी सहायता के अनुरोध पर त्वरित प्रतिक्रिया की है। इसके साथ ही वायुसेना ने यमुनानगर, केदारनाथ-बद्रीनाथ क्षेत्र, रूद्रप्रयाग घाटी, किन्नौरजिले के करचम-पुह क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू कर दिया।

सरसवा वायुसेना स्टेशन को इस अभियान के लिए केन्द्र बनाया गया जहां भटिंडा और हिंडन से हेलीकॉप्टर लाए गए। हाल ही में शामिल एमआई-17 वी5 सहित मध्यम भार वहन करने वाले अनेक हेलीकॉप्टरों को 17 जून को खराब मौसम के बावजूद देहरादून के जॉलीग्रांट हैलीपैड पर स्थित किया गया। एमआई-17 वी 5 द्वारा 17 जून को करनाल क्षेत्र से 36 लोगों को बचाया गया। इसके अलावा 15 बच्चों सहित 21 यात्रियों को नाकुड़ से बचाया गया। 18 जून को हिमाचल प्रदेश के रामपुर-रेकोन्गपिओ क्षेत्र में एनडीआरएफ टीम के साथ ही दो अतिरिक्त एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टरों की सेवा ली गई।

25 जून 2013 की हेलीकॉप्‍टर दुर्घटना के बावजूद वायुसेना उत्‍तराखण्‍ड के राहतकार्यों में जुटी हुई है। वायुसेना अध्‍यक्ष एयर चीफ मार्शल एन ए के ब्राउन ने कहा कि जिन लोगों की जान गई है उनकी याद में हमें इस राहत कार्य को जारी रखना होगा। बाढ़ग्रस्‍त क्षेत्रों में हेलीकॉप्‍टर सेवाओं के सफल प्रयोग की योजना बनाने के लिए हिन्‍डन से सुबह एक सी 130 जे ने रेकी उड़ान भरी।

धरासु और पिथौरागढ़ से लगातार 6 एमआई-17 वी 5 एस, दो ए एल एच और एक एमआई एल 7 हर्षिल से – मनेरी-धरासु और दरचुला-मिलम तथा काली-रामगंगा क्षेत्र में उडा़न भर रहे हैं। सुबह से दोपहर दो बजे तक वायुसेना ने 64 संक्षिप्‍त यात्राएं की और 636 लोगों को सुरक्षित स्‍थानों तक पहुंचाया। 17 जून 2013 से लेकर 25 जून-2013 तक वायुसेना ने 1540 उड़ाने भरीं और लगभग 13,052 तीर्थ यात्रियों को बचाने और 2, 16, 310 किलोग्राम राहत सामग्री को पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम किया।

बद्रीनाथ में फंसे 150 लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के साथ ही उत्तराखंड त्रासदी के 17 दिनों बाद (2 जुलाई 2013 को) वहां फंसे सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बचाने का काम पूरा हो गया है। मॉनसूनी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे करीब 1.1 लाख लोगों को आर्मी, एयरफोर्स, आईटीबीपी और एनडीआरएफ ने अत्यंत मुश्किलों का सामना करते हुए बाहर निकाला। चमोली जिले के डीएम एस. ए. मुरूगेशन के अनुसार बद्रीनाथ धाम में फंसे बाकी सभी श्रद्धालुओं को निकाल लिया गया है।

अब वहां कुछ स्थानीय लोग और नेपाल के मजदूर बचे हुए हैं जिन्हें धीरे-धीरे निकाल लिया जाएगा। टूटी सड़कों को ठीक कर दिया गया है। भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी ने दिल्ली में कहा कि हमने करीब एक हफ्ते के लिए अपने दस और हेलिकॉप्टरों को वहां तैनात रखने का फैसला किया है ताकि किसी भी अभियान के लिए उनका इस्तेमाल किया जा सके।

सभी फोटो सोजन्य से मोहित डिमरी