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केदारनाथ: यात्रा पड़ावों पर बेची जा रही अवैध शराब

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मांस की सप्लाई भी जोरों पर, प्रशासन मौन
सोनप्रयाग के महंत ने की जिलाधिकारी से शिकायत
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा पड़ावों पर शराब और मंास की बिक्री होने की शिकायत सोनप्रयाग स्थित हनुमान मंदिर के महंत सत्यानंद गिरी महाराज ने जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल से की। उन्होंने कहा कि यात्रा पड़ावों में मांस की दुकाने खोली गयी हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।

दरअसल, केदारनाथ यात्रा के दौरान यात्रा पड़ावों में मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है। सोनप्रयाग में खुलेआम मांस परोसा जा रहा है, जिससे धार्मिक आस्था को ठेस पहुंच रही है। इसके अलावा शराब की बिक्री भी तेजी से की जा रही है। सोनप्रयाग स्थित हनुमान मंदिर के महंत सत्यानंद गिरी महाराज ने डीएम मंगेश घिल्डियाल से शिकायत करते हुए कहा कि यात्रा पड़ावों पर अवैध शराब की बिक्री तेजी से की जा रही है।

शराब माफिया यात्रा पड़ावों पर शराब को धड़ल्ले से बेच रहे हैं, जबकि सोनप्रयाग में मांस खुलेआम बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस का ऐसे लोगों पर कोई नियंत्रण नहीं है। प्रशासन की नाक के नीचे सब खेल चल रहा है। कहा कि सोनप्रयाग बूचड़खाने से मांस की सप्लाई गौरीकुंड, लिनचौली सहित केदारनाथ धाम तक की जा रही है। यात्रा मार्ग पर बूचड़खाने के कारण तीर्थयात्रियों की आस्था को ठेस पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि यात्रा पड़ावों पर मांस की बिक्री की जा रही है, जो भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। 2013 की आपदा से पहले भी ऐसे कुकृत्य किये जा रहे थे, जिससे केदारनाथ में इतनी भयावह आपदा झेलनी पड़ी। अब अगर फिर से यात्रा पड़ावों पर पाप बढ़ता रहा तो इस बार बहुत बड़ी अनहोनी हो जायेगी। महंत सत्यानंद गिरी महाराज ने कहा कि यात्रा पड़ावों में अवैध शराब की बिक्री जोरो से चल रही है।

दुकानों में अवैध तरीके से शराब की बोतले रखी गयी हैं। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक शराब को बेचा जा रहा है। शराब माफिया यात्रा पड़ावों पर शराब का अवैध कारोबार कर रहे हैं और प्रशासन है कि कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में उनके चार शिष्य लोकेश गिरी, देव गिरी, संतोष गिरी एवं मनीष गिरी मारे गये थे। जूना अखाड़ा एवं ग्राम पंचायत त्रियुगीनारायण की ओर प्रमाण पत्र दिये जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से मुआवजा नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि आपदा के नाम पर कई लोगों ने शासन एवं प्रशासन को ठगा, लेकिन सनातन धर्म की रक्षा करने वालों की कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने जिलाधिकारी से यात्रा पड़ावों पर शराब, मांस की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही आपदा में मृत लोगों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की।