udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news खतरा : गांव में भूस्खलन, ग्रामीणों को किया शिफ्ट !

खतरा : गांव में भूस्खलन, ग्रामीणों को किया शिफ्ट !

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बागेश्वर। कपकोट ब्लॉक के कुवारी गांव में लगातार हो रहे भूस्खलन से खतरा बढ़ गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। टीम ने खतरे केा देखते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया।

कपकोट के कुवारी गांव में बीते रविवार की देर रात से लगातार भूस्खलन हो रहा है। वहां रह रहे लगभग दस परिवारों जागकर रात काटी। सोमवार की सुबह उन्होंने घटना की सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम मौके पर भेजी। टीम ने वहां रह रहे लोगों को हटाया और सुरक्षित जगह पर जाने को कहा। कुवारी गांव के पदम राम ने बताया कि रविवार शाम साढ़े सात बजे पहला पत्थर गिरा।

जोरदार धमाका होने से लोग उस तरफ दौड़े तो देखा कि एक बड़ा बोल्डर पहाड़ी से लुढक़ कर नीचे आ रहा है। उसके बाद कई और पत्थर गिरने लगे। गांव के रूप राम ने बताया कि रात भर वह परिवार सहित जागते रहे।

रात काटना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा था। उन्हें सबसे ज्यादा ङ्क्षचता गोठ में बंधे जानवरों की थी। जिन्हें ऊपर पहाड़ी पर ले जाना भी मुश्किल काम है। गांव के चंद्र राम, मोहन, दिलीप ङ्क्षसह, कमल ङ्क्षसह, गोपाल व करूली देवी आदि ने बताया कि उनके घरों व गोठ के पास पत्थर गिर रहे हैं।

आपदा की दृष्टि से कुवारी गांव बेहद संवेदनशील है। बीते 2013 में यहां प्राकृतिक आपदा आई थी। जिससे गांव को काफी नुकसान हुआ था। गांव की आबादी 300 के करीब थी। आपदा के बाद सभी ग्रामीणों को सरकार ने सभी ग्रामीणों को पांच लाख का मुआवजा घर बनाने के लिए दिया। प्रभावितों ने गांव के पास ही सुरक्षित जगह पर अपने मकान बना लिए।

लेकिन इसके बाद भी कई ग्रामीण परिवार अपने पैतृक जगह का मोह नहीं छोड़ पाए। आपदा के बाद भी वह उसी स्थान पर रहने लगे। जिला पंचायत सदस्य गोङ्क्षवद दानू ने कहा कि मुआवजा इतना कम दिया गया कि प्रभावित उससे मकान नहीं बना पाए। जिस कारण वह पुरानी जगह पर लौट आए हैं। इनके पशु आज भी वहीं हैं।