udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news खतरनाक  :  भूकंप से थर्राया मेक्सिको,194 झटके, 10 लाख घरों में छाया अंधेरा !

खतरनाक  :  भूकंप से थर्राया मेक्सिको,194 झटके, 10 लाख घरों में छाया अंधेरा !

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मेक्सिको: खतरनाक  :  भूकंप से थर्राया मेक्सिको,194 झटके, 10 लाख घरों में छाया अंधेरा ! मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी को भूकंप ने हिलाकर रख दिया। अमेरिका के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप की 7.2 तीव्रता थी। भूकंप का केंद्र दक्षिण राज्य ओक्साका में प्रशांत तट के करीब जमीन में 43 किलोमीटर अंदर बताया जा रहा है।

 

मेक्सिको के दक्षिणी और मध्य भाग में  तेज गति का भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया, जिससे इमारतें हिलने लगी थीं और भूकंप चेतावनी प्रणाली सक्रिय हो गई.अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। जैसे ही तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए, डरे-सहमे सभी लोग घर, दफ्तरों और बिल्डिंगों से निकलकर बाहर खुले मैदान में इकट्टा हो गए। मेक्सिको के 57 वर्षीय एक नागरिक ने कहा, ‘यह बहुत ही भयानक था।। यहां सब कुछ हिलना शुरू हो गया था। कार भी इधर-उधर जा रही थी। मुझे कुछ समझ नहीं आया कि क्या करूं।

 

मेक्सिको के राष्ट्रीय भूकंप सेवा और अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गयी है. फिलहाल कहीं से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. भूकंप का आभास होते ही मेक्सिको के निवासी अपने घरों से निकल कर सड़कों पर आ गए और उनके जेहर में बीते साल सितंबर में आए एक के बाद एक भूकंप की यादें ताजा हो गईं. भूकंप के डर से लोगों के सड़कों पर निकलने से यातायात को अस्थाई तौर पर रोक दिया गया.

 

मध्य मेक्सिको सिटी के ला रोमा के एक बिल्डिंग से बचाए गए 38 साल के केविन वाल्लाडोलिड ने एएफपी को बताया, ‘ईमानदारी से कहूं तो जैसे ही भूकंप का अलार्म बजा हमलोग भय से चिल्लाने लगे, खुद को बेहद परेशान महसूस करने लगे, हम पहले के समय में चले गए जब भूकंप की वजह से 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसलिए हम घरों से दौड़कर स्ट्रीट पर निकल आए. हम बस इतना ही कर सकते थे.’

 

शनिवार को आए भूकंप ने लोगों के जहन में सितंबर 2017 में आए भूकंप की भयावह यादें ताजा कर दीं. 19 सितंबर को आए भूकंप की तीव्रता 7.1 मापी गई थी, जिसमें 370 लोगों की मौत हो गई थी. इस भूकंप से मेक्सिको सिटी में 167, मोरेलोस में 73, प्यूबेला में 45 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि गुएरेरो में छह और ओक्साका में एक की मौत हुई थी. वर्ष 1985 में आए भूकंप के बाद से यह सबसे शक्तिशाली भूकंप था.19 सितंबर 1985 में आए भूकंप ने मेक्सिको में भयंकर तबाही मचाई थी. इस विनाशकारी भूकंप ने 10,000 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी, जबकि 30,000 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

 

भूकंप कितना खतरनाक था, उसका अंदाजा आप इन तस्वीरों को देखकर लगा सकते हैं। दुकानों का सामना रैंक से नीचे गिर गया। कुर्सी, मेज और पंखे हिलने लगे। पहले ही भूकंप का दर्द झेल चुके मेक्सिको सिटी के लोग डरकर घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े। मेक्सिको के वेराक्रुज़ के पब्लिक स्कूल के बच्चों के क्लासरूम से बाहर निकालकर खुले मैदान में बिठाया गया।संघीय बिजली आयोग ने बताया, तेज भूकंप के झटकों के कारण राजधानी मेक्सिको सिटी और 4 दक्षिण-पश्चिमी राज्यों के करीब 10 लाखों घरों और व्यवसायों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि अब किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। मेक्सिको सिटी के साथ ही ओक्साका के दक्षिणी राज्य में कम से कम 50 घरों को भूकंप से नुकसान पहुंचा है। जो अभी भी पिछले साल सितंबर में आए भूकंप के जख्मों से जूझ रहे हैं।

 

भूकंप से हुए नुकसान का दौरा करने निकले मेक्सिको के आंतरिक मंत्री और ओक्साका के गवर्नर को ले जाने वाले एक सैन्य हेलीकॉप्टर उड़ान भरने के कुछ घंटे बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आंतरिक मंत्री अल्फोंसो नवारेटे ने बताया कि इस हादसे में वे और ओक्साका के गवर्नर को नुकसान नहीं पहुंचा है। यह हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ। मंत्रालय ने ट्वीटर पर स्टेटमेंट जारी करते हुआ कहा कि मैदान पर खड़े दो लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई।

 

भयंकर भूकंप के बाद निरंतर 194 झटके (आफ्टर शॉक) महसूस किए गए। जिसके कारण लोगों के दशहत का माहौल पैदा हो गया। मेक्सिको सिटी में भूकंपी अलार्म ने 72 सेकंड पहले झटके महसूस किए थे। राज्य की नागरिक संरक्षण एजेंसी ने बताया कि कि ओक्साका के दक्षिणी क्षेत्र में भूकंप का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिला। जहां चर्च और सरकारी इमरत समेत 50 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।इस भूकंप ने एक बार फिर सितंबर त्रासदी की खौफनाक घटना याद दिया था। बता दें कि इससे पूर्व पिछले साल 19 सितंबर को भी 7.1 तीव्रता का भूकंप मध्य मैक्सिको में आया था, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।