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कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के नवीन परिसर का लोकार्पण

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मुनिकीरेती/देहरादून: मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरूवार को पूर्णानन्द डिग्री कॉलेज मुनिकीरेती जनपद टिहरी में स्वामी पूर्णानंद डिग्री कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के नवीन परिसर का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि शिक्षा देश व समाज के विकास की आधारशिला है। विकसित देशों ने विकास के लिये सर्वप्रथम शिक्षा पर ही अपना ध्यान केन्द्रित किया है। हमने भी शिक्षा को ही प्राथमिकता दी है। क्वालिटी एजुकेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा प्रयास आधुनिक तकनीकि का शिक्षा में अधिक से अधिक समावेश करना है। प्रदेश में छात्रों की तकनीकि दक्षता के प्रति विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आई.टी.आई. में उद्योगों के अनुकूल व्यवसायिक विषय पढ़ाये जा रहे है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये शिक्षकों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। समाज के सर्वांगीण विकास में शिक्षा का अहम योगदान है। शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाने के बजाय उन्हें तकनीकि दक्षता युक्त बनाने का हमारा प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की बेहतर व्यवस्था के लिये 10 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों का एकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों के साथ ही सभी से शिक्षा के बेहतर प्रसार में योगदान देने की भी अपेक्षा की।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने मुनिकीरेती में गंगा नदी पर बनाये जा रहे जानकी पुल(थ्री लैंड पुल) एवं अधूरे पूड़े पूर्णानंद स्पोटर्स स्टेडियम के निर्माण को शीघ्र पूर्ण किये जाने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि तकनीकि शिक्षण संस्थान पहाड़ों की आर्थिकी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा की योजना बनाये, ताकि आर्थिक दृष्टि से कमजोर बच्चे भी तकनीकि शिक्षा प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी श्रीमती सोनिका, एसएसपी डॉ.योगेन्द्र सिंह रावत, स्वामी पूर्णानन्द निकेतन समिति के संरक्षक श्री गुरू प्रसाद परमहंस, अध्यक्ष मुकेश कुमार गुप्ता आदि उपस्थ्ति थे।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेशवासियों को हिन्दी दिवस की शुभकामनाएं दी है। हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने कहा कि हिन्दी हमारे सम्मान, स्वाभिमान और गर्व की भाषा है। हिन्दी ने हिन्दुस्तान को विश्व में एक नई पहचान दिलाई है।
वैश्विक स्तर पर हिन्दी की स्वीकार्यता बढ़ी है। आज हिन्दी विश्व में करोड़ों लोगों तक पहुंच रखने वाली दूसरी सबसे बड़ी सम्पर्क भाषा है। विश्व के अनेक देशों में बोली व समझी जाने वाली हिन्दी भाषा पर विश्व के 150 से अधिक विश्व विद्यालयों में शोध, अध्ययन एवं अध्यापन हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने युवाओं से अपील की कि अपनी मातृ भाषा हिन्दी के सरंक्षण एवं सवर्द्धन के लिए हिन्दी के प्रति अपने लगाव में कमी न आने दें। मातृ भाषा ही हमें अपनी संस्कृति से जोडने में मददगार होती है। उन्होंने हिन्दी भाषा के विकास तथा सम्मान के लिये समेकित प्रयासों की भी जरूरत बतायी।