udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र दुरूस्त करने के भी निर्देश

क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र दुरूस्त करने के भी निर्देश

Spread the love
पौड़ी: जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में जिलास्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई।
जिलाधिकारी ने दुर्घटना सम्भावित चिन्हित स्थल की रिर्पोट तर्कसंगत न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए एआरटीओ पौड़ी को संबंधित विभागों से सही रिर्पोट विवरण के साथ अपडेट करने के निर्देश दिये। जबकि एनएच अधिशासी अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने एवं संबंधित प्रतिनिधि को जानकारी न होने पर जिलाधिकारी ने ईई के विरूद्ध लापरवाही बरतने पर शासन को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिये। तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति की बैठक करने के भी निर्देश जारी किये। साथ ही उन्होंने सभी सड़क निर्माण विभागों को मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को शीघ्र दुरूस्त करने के भी निर्देश दिये। 
जिलाधिकारी सुशील कुमार ने जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति में गत बैठक में दिये गये निर्देशांें के क्रम में कार्य प्रगति की बिन्दुवार जानकारी ली। उन्होंने जनपद में सभी सड़कों पर गठित समिति द्वारा निरीक्षण कर प्रेषित रिर्पोट में स्थलों की सही जानकारी अंकित नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। जिस पर जिलाधिकारी ने उक्त चिन्हित स्थलों की सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी पौड़ी को सम्पूर्ण जानकारी के साथ त्रुटिरहित रिर्पोट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। साथ ही उन स्थलों को वाहनों के आवागमन हेतु सुरक्षित बनाने के निर्देश समस्त कार्यदायी विभागों को दिये।
जिलाधिकारी ने वाहनों की संयुक्त चैकिंग अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिये। कहा कि कोटद्वार एवं लैंसडोन क्षेत्रों को प्राथमिकता से लेना सुनिश्चित करें। ओवर लोडिंग, ड्रांकंन ड्राइविंग पर विशेष निगरानी रखनेे के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा हेतु लोगों में अधिक से अधिक जागरूकता लांये एवं मेडिकल कैम्प लगाकर वाहन चालकों की आंखें आदि स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु तहसील स्तर पर भी सड़क सुरक्षा समिति बैठक आयोजित की जाएगी। इसके लिए उन्होंने संबंधित तहसीलों के उप जिलाधिकरी को अध्यक्ष तथा नोडल अधिकारी, परिवहन विभाग, पुलिस तथा संबंधित सड़क निर्माण विभागों को समिति के सदस्य के रूप में नामित किया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से 15 सितम्बर से पूर्व सड़कों की अद्यतन स्थिति की रिर्पोट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने एआरटीओ को गत तीन माह में जनपद में हुई सड़क दुर्घटनाओं की सम्पूर्ण रिर्पोट विविरण सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत समय- समय पर  छापामारी चैकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिये। कहा कि दुर्घटना होेने की दशा में लापरवाह बरतने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सड़क को दुर्घटना रहित बनाना उनकी प्राथमिकता है। जिस हेतु जिलाधिकारी ने सभी को आपसी समन्यव बनाकर कार्य करने के निर्देश दिये।  बैठक में एआरटीओ ने बताया कि जनपद में पुलिस प्रशासन की ओर से ड्रंकंन ड्राविंग के तहत 525 लाइसेंस निरस्त हेतु प्राप्त हुये । जिसमें से 336 लाइसेंस जनपद अन्तर्गत पाये गये जिन्हें निरस्त कर दिया गया। शेष लाइसेंस अन्य जनपदों से संबंधित होने के चलते उन्हें संबंधित जनपदों को निरस्त करने की कार्यवाही हेतु प्रेषित किये गये।
साथ ही 12 वाहनों के ओवर लोडिंग पाये जाने पर एफआईआर दर्ज किया गया। जानकारी देते हुए कहा कि हिट एण्ड रनिंग मामले में प्रभावित को जीआईएस कम्पनी द्वारा 50 हजार मृत्यु पर तथा 25 हजार घायल होने पर छह माह के भीतर दिये जाएंगे। इसके लिए दुर्घटना होने की दशा में संबंधित या परिजन को उप जिलाधिकारी अथवा पुलिस कार्यालय में घटना की सूचना देनी आवश्यक है।
इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी, सीओ धन सिंह तोमर, एआरटी द्वारिका प्रसाद, सम्भागीय निरीक्षक प्रवीन सिंह रौथाण तथा राजेंद्र सिंह, मुख्य शिक्षाधिकारी एमएस रावत, ईओ पालिका विनोद लाल शाह, जिला पूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी, ईई लोनिवि बैजरो आर्दश गोपाल सिंह, एई एनएच बीएन द्विवेदी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।