महिआलाओं का कर्मठ होना उत्तराखंड की शान

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पौड़ी: मुझे ऐसा लगता है कि पूरे देश में यहीं अनुशासन की बात है यहीं से सीखकर देश प्रेम की रक्षा के लिए आगे जाते हैं व महिआलाओं का कर्मठ होना उत्तराखंड की शान है मैं हर रूप में ऐसी उत्तराखंड की कामना करता हूं।
यह बात जनपद के श्रीनगर तहसील क्षेत्रांतर्गत आयोजित सात दिवसीय बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी 2018 का विधिवत शुभारंभ करते हुए प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कही। इससे पूर्व महामहिम राज्यपाल ने पौराणिक कमलेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश कर विधिवत पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। जबकि आयोजित मेले में क्षेत्रीय विधायक एवं सूबे के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 धनसिंह रावत ने बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। महामहिम राज्यपाल ने मेले का ध्वजारोहरण कर विभिन्न क्षेत्रों से आये स्कूली बच्चों की  मार्चपास्ट की सलामी ली। 
  श्रीनगर के जीआईएंडटीआई मैदान में आयोजित बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी 2018 के शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने देवभूमि के प्रति अपने अगाद स्नेह को व्यक्त किया। उन्होने कहा कि भगवान कमलेश्वर महादेव की पावन धरती पर आकर मुझे हर्ष हो रहा है। बैकुण्ठ चतुर्दशी के पावन पर्व पर आप सभी को शुभकामनाएँ।
मैं भगवान कमलेश्वर महादेव से प्रार्थना करती हूँ कि वह सबके जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाएं। देवभूमि उत्तराखण्ड के कण-कण में भगवान बसते हैं। इस पावन धरती पर भगवान शंकर एवं विष्णु जी की बड़ी असीम कृपा रही है। शायद यही कारण है कि उत्तराखण्ड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। 
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पहुंचकर उन्हें अपार शांति और सुकून प्राप्त होता है। कहा कि उत्तराखण्ड के धार्मिक और पर्यटक स्थल सदैव लोगों की आस्था और आकर्षण का केन्द्र रहे हैं। उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुन्दरता को देख कर पर्यटक यहाँ बार-बार आने की कामना करता है। महामहिम ने श्रीनगर क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास पर भी रोशनी डाली।
बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की इस विरासत को बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह मेला न सिर्फ धार्मिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसके आयोजन से स्थानीय संस्कृति, उद्योग एवं अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। इस मेले का यहां के लोगों को विशेषरूप से उद्यमियों एवं व्यापारियों को वर्ष भर इंतजार रहता है। प्रदेश के विकास में आवश्यक है कि स्थानीय उत्पादों को भी बाजार मिले।
महामहिम ने स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस विशाल मेले के आयोजन से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा। उन्होंने स्थानीय उत्पादकों व काश्तकारों को बेहतर प्रशिक्षित किये जाने की भी बात कही। कहा कि उनकी उपज को बाजार तक पहुंचाना होगा, तभी उनकी आमदनी को बढ़ेगी।
साथ ही पलायन रोकने के लिए लोगों को यहीं पर आमदनी के साधन उपलब्ध कराना अहम है। कहा कि इस कार्य में कुटीर और लघु उद्योग, कृषि एवं बागवानी मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस विशाल मेले के अवसर पर आयोजित होने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से उत्तराखण्ड की प्रतिभाओं को भी एक बड़ा मंच प्राप्त होगा। उन्होंने इन कार्यक्रमों को और व्यापक स्वरूप प्रदान कर किये पर बल दिया।
महामहिम ने कमलेश्वर मन्दिर से सम्बन्धित पौराणिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित कार्यक्रमों की डाक्यूमेंट्री तैयार कर उसे प्रर्दशित करने की भी बात कही। महामहिम ने अपने संबोधन के अन्त में मेला आयोजकों, व्यापारियों, सांमाजिक संस्थाओं और सांस्कृतिक दलों को बधाई देते हुए कहा कि जो कि किसी न किसी रूप में इस आयोजन के भागीदार बने हैं और यहाँ की संस्कृति और विरासत को संजोये रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, वे सभी बधाई के पात्र हैं।
बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में मेले को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार धन सिंह रावत ने कहा कि इस पौराणिक मेले को भव्य आयोजन को सफल बनाने में प्रत्येक घर से सभी का प्रतिनिधित्व जरूरी है। कहा कि 23 नवम्बर को मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मेले में प्रतिभाग करेंगे। इस मौके पर 11 हजार लोग एक साथ श्रीनगर में नमामि गंगे की स्वच्छता शपथ लेंगे। साथ ही मेले में विभिन्न लोक कला संस्कृति एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन कर मेले को भव्यरूप से आयोजन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि कमलेश्वर महादेव के बारे में कहा कि यहां दम्पत्ति लोग बच्चों की कामना को लेकर आते हैं। जिनके जीवन मंे खुशहाली की मन्नत पूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि 286 दम्पत्ति यहां आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने महामहिम राज्यपाल से यहां आयोजित होने वाले हर वर्ष इस मेले का उद्धाटन करने की मांग की। इसके उपरान्त उन्होंने मेला परिसर में स्थापित स्टाॅल, प्रदर्शनी का विधिवत उद्धाटन कर स्टाॅलों में निरीक्षण  में मौजूद सामग्री एवं योजनाओं की जानकारी ली। 
इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी दीप्ति सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी सहित संबंधित अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे