udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news मन की बात: एक बेटी 10 बेटों के बराबर: मोदी 

मन की बात: एक बेटी 10 बेटों के बराबर: मोदी 

Spread the love

नई दिल्ली। ‘मन की बात’ के 40वें एपिसोड में पीएम ने नारी शक्ति को नमन किया था और एक बेटी को 10 बेटों के बराबर बताया था। महान भौतिक शास्त्री और भारत रत्न सर सी.वी. रमन को याद करते हुए पीएम मोदी ने की मन के बात की शुरूआत की। यह कार्यक्रम का 41वां संस्करण है।

 

पीएम मोदी ने राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर लोगों की बधाई दी। पीएम ने कहा 4 मार्च को नेशनल सेफ्टी डे है। पीएम मोदी ने दुर्घटनाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि सुरक्षा से ना करो मस्ती, जिंदगी होगी सुरक्षित। उन्होंने कहा कि गलती ना करने पर दुर्घटना कम हो सकती हैं। ज्यादातर दुर्घटनाएं गलतियों के कारण ही होती है। NDMA की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि प्राकृतिक आपादा से लड़ने के लिए NDMA हमेशा तैयार है। NDMA लोगों को ट्रेनिंग दे रहा है। आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहा है। थॉमस एडिसन ने अपनी असफताओं को अपनी शक्ति बनाया।

 

पीएम ने कहा कि पशुओं के अपशिष्ट के इस्तेमाल की योजना को गोबरधन योजना नाम मिला। गोबर और कचरे को आय का स्त्रोत भी बनाएं। किसानों को गोबर की ब्रिक्री का सही दाम मिलेगा। गोबरधन योजना के ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म बनेगा। रायपुर में पहले कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया। कचरा प्रबंधन को ध्यान में रखकर कचरा महोत्सव का आयोजन किया गया था। स्वच्छता की थीम के ऊपर कई जिलों में महोत्सव का आयोजन किया गया था। महोत्सव का मकसद कचरे का सही ढंग से इस्तेमाल करना था।नारियों ने अपने आत्मबल से खुद को आत्मनिर्भर बनाया। पहले पुरुषों की पहचान नारियों से होती थी।

 

नारी का समग्र विकास, सशक्त नारी ही न्यू इंडिया है। आर्थिक समाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी हम सबकी जिम्मेदारी।बता दें कि मन की बात का रेडियो के अलावा सभी न्यूज चैनल पर इसका प्रसारण किया जाता है। रेडियो के अन्य स्टेशनों पर इसका स्थानीय भाषाओं में प्रसारण किया जाता है, जिसे पीएम की बातों को सारी जनता आसानी से समझ सके। कार्यक्रम आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क पर प्रसारित किया जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा दूरदर्शन समाचार के यू-ट्यूब चैनलों पर भी यह उपलब्‍ध होता है।

 

पीएम के मन की बात में आम जनता भी अपने विचार और सुझावों को साझा करते हैं। देशभर से लोग अपने विचार को पीएम को भेजते हैं। प्रधानमंत्री लोगों से सीधी संवाद स्थापित करते हैं। गौरतलब है कि अपनी आखिरी मन की बात में पीएम ने महिलाओं के मुद्दे को उठाया था इसके साथ पीएम ने क्रिसमस और नए साल के देशवासियों को बधाई दी थी।

 

गौरतलब है कि अपनी आखिरी मन की बात में पीएम ने नारी शक्ति का बखान किया था। उन्होंने नारी शक्ति का अभिनंदन किया था। प्रधानमंत्री ने समाज में नारी के स्थान, योगदान और सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा था हम आज बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं लेकिन सदियों पहले हमारे शास्त्रों में नारी शक्ति को स्वीकार किया गया है और एक बेटी को दस बेटों के बराबर बताया गया है। उन्होंने लक्ष्मी, सुभाषिनी और अरविंद का भी जिक्र किया था। पीएण इस दौरान पद्म पुरस्कार में किए गए बदलावों के बारे में बताया था।

 

मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से रोबोट, बोट्स और स्पेसिफिक टास्क करने वाली मशीनें बनाने बनायी जाती हैं जो सेल्फ लर्निंग से अपनी इंटेलिजेंस को और अधिक बनाती हैं। इस टेक्नोलॉजी का उपयोग गरीबों, वंचितों या ज़रुरतमंदों का जीवन बेहतर करने के लिए किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा- “क्या कभी हमने सोचा है कि नदी हो, समुन्दर हो, पानी रंगीन क्यों हो जाता है? यही प्रश्न 1920 के दशक में एक युवक के मन में आया था। इसी प्रश्न ने आधुनिक भारत के एक महान वैज्ञानिक को जन्म दिया।”

कार्यक्रम में लोगों से आग्रह करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुझाव मांगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से किस तरह दिव्यांग भाइयों और बहनों का जीवन सुगम बनाने में मदद मिल सकती है, प्राकृतिक आपदाओं के बारे में बेहतर अनुमान लगा सकते हैं, किस तरह फ़सलों की पैदावार बढ़ने में सहायता कर सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अहमदाबाद के एक नौजवान ने एक ऐसा यन्त्र बनाया है जिससे AI के माध्यम से अपनी बात लिखते ही वो voice में convert हो जाती है और इस तरह एक बोल सकने वाले व्यक्ति के साथ संवाद किया जा सकता है। AI का उपयोग ऐसी कई विधाओं में किया जा सकता है।

आपको बता दें कि ‘मन की बात’ से पीएम मोदी विभिन्न विषयों पर जनता से अपने विचार और सुझाव साझा करते हैं। पिछले एपिसोड में पीएम ने महिलाओं के मुद्दे को उठाया था। पीएम ने कहा कि हमारे स्कंद पुराण में कहा गया है, ‘दस पुत्रम समा कन्या.’ मतलब एक बेटी 10 बेटों के बराबर होती है। हमारे समाज में नारी को शक्ति का दर्जा दिया गया है। यह शक्ति परिवार को एकता के सूत्र में बांधती है।पीएम ने कहा कि शक्तिकरण आत्मनिर्भरता का ही एक रूप है। पीएम ने देश की तीन बहादुर महिलाओं भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी का जिक्र किया, जो फाइटर पायलट बनी हैं और सुखोई 30 में ट्रेनिंग ले रही हैं।