udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news मे प्रशिक्षण दिये जाने हेतु धनराशि भी शीघ्र जारी करने के निर्देश

मे प्रशिक्षण दिये जाने हेतु धनराशि भी शीघ्र जारी करने के निर्देश

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देहरादून : मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय सभाकक्ष में मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों की समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्य सचिव द्वारा प्रदेश में इस वर्ष हुई पांच गंभीर सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित कारणों की जानकारी तथा सडक दुर्घटनाओें के नियंत्रण के लिये परिवहन तथा पुलिस विभाग द्वारा किये गये उपायों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए लो.नि.वि, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग को संयुक्त रूप से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने मा0 उच्चतम न्यायालय के रोड सेफ्टी एक्शन प्लान के निर्देशों के अनुरूप अनुमोदित योजना के तहत अब तक की गई कार्यवाही पर जानकारी भी प्राप्त की। लो.नि.वि. अभियंताओं को इस संबंध मे प्रशिक्षण दिये जाने हेतु धनराशि भी शीघ्र जारी करने के निर्देश दिये।
उन्होंने राज्य में चिन्ह्ति 130 ब्लैक स्पाॅट को ठीक करने की प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुख्य अभियंता लो.नि.वि. को निर्देश दिये कि कार्यदायी संस्था एनएच एवं एनएचएआई तथा बीआरओं के क्षेत्र के अन्तर्गत ठीक किये गये ब्लैक स्पाट की भी निरन्तर समीक्षा की जाय।
मुख्य सचिव नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जनपदों में जहाँ सड़क दुर्घटनाओं के अधिकतर मामले सामने आये हैं को प्राथमिकता में लेते हुए यहाँ सड़क हादसों में नियंत्रण के लिये प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिये।
उन्होंने जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित करते रहने और उसमें सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित कार्यों की लगातार माॅनिटरिंग करने के निर्देश दिये।
मुख्य सचिव ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों में बिना हेल्मेट, मोबाईल पर बात करना, तेज ड्राईविंग, शराब पीकर वाहन चलाना, ओवर लोडिंग के प्रति निरन्तर अभियान चलाने  के निर्देश दिये। मुख्य सचिव द्वारा रोड सेफ्टी एक्शन प्लान, इंजिनियरिंग इंप्रूवमेंट, रोड सेफ्टी आॅडिट, मोटर वीकल्स (ड्राइविंग) रेगुलेशन 2017 में जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप की गई कार्यवाही की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री अनिल रतूड़ी ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित तीन वर्षीय तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि वर्ष 2018 में 1078 तथा वर्ष 2017 में 1178 तथा वर्ष 2016 में 1192 सड़क दुर्घटनायें हुईं, जिनमें वर्ष 2018 में 772 तथा 2017 में 698, 2016 में 706 लोग मृत हुए।
उन्होंने वर्ष 2018 में मृतकों की संख्या बढ़ने का कारण 01 जुलाई, 2018 में जनपद पौड़ी की बमणीसैण-धूमाकोट मार्ग पर हुई बड़ी घटना को बताया जिसमें ओवरलोडिंग एवं सड़क खराब होने के कारण 48 लोगों की मृत्यु हुई थी।
उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष सितम्बर तक 12.56 लाख चालान कर 18.09 करोड़ रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। वर्ष 2018 में 32264 डीएल निलम्बन की संस्तुति की गई। तथा बिना हेल्मेट के 434891 चालान काटे गये। आयुक्त परिवहन श्री शैलेष बगौली ने बताया कि जनपद स्तर पर सड़क सुरक्षा के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तिमाही जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की जा रही है।
बैठक में अपर आयुक्त परिवहन श्रीमती सुनीता सिंह, मुख्य अभियंता लोनिवि श्री हरिओम शर्मा सहित परिवहन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।