नेताजी ये पब्लिक है, सब जानती है !

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पीसी ध्यानी के समर्थन में उतरी विद्युत ऊर्जा आरक्षित वर्ग एसोसिएषन
pc-dyaani
देहरादून। उत्तराखण्ड पावर कारपोरेषन लिमिटेड में निदेषक मानव संसाधन के पद हुई पी सी ध्यानी की नियुक्ति पर कुछ व्यक्तियों द्वारा लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं पीसी ध्यानी पर लगातार हो रही बयानबाजी के बाद विद्युत ऊर्जा आरक्षित वर्ग एसोसिएषन उनके समर्थन में आ गया है। एसोसिएषन के केन्द्रीय प्रमुख महामंत्री एन.एस रवि ने पत्र जारी करते हुए आरोप लगाने वालों पर व्यंग करते हुए कहा कि किसी को भाई की पिटकुल में नियुक्ति न होने का गम है, तो किसी को कुम्भ मेला-2010 एवं फर्नेस घोटलों एवं वित्तीय अनियमितताओं में फंसे रिष्ते, नातेदारों की चिन्ता है। जनाब ये पब्लिक है-सब जानती है ।

एसोसिएषन के केन्द्रीय प्रमुख महामंत्री एन.एस रवि ने कहा कि एसोसिएषन की जानकारी में आया है कि उत्तराखण्ड पावर कारपोरेषन लि0, देहरादून में निदेषक (मानव संसाधन) के पद पर की गयी नियुक्ति के सम्बन्ध में कुछ व्यक्तियों द्वारा की जा रही असत्य एवं निराधार षिकायतों एवं बयानबाजी पर एसोसिएषन की ओर से कहना है कि ऊर्जा के तीनों निगमों-उत्तराखण्ड पावर कारपोरेषन लि0, पावर ट्रांसमिषन कारपोरेषन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड एवं उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लिमिटेड में निदेषक (मानव संसाधन) के पद हेतु जो षैक्षिक योग्यताएं एवं अर्हताएं निर्धारित की गयी हैं वह लोक उद्यम चयन बोर्ड (पी0ई0एस0बी0) भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों एवं निगमों जिनमें महानवरत्ना एवं नवरत्ना सहित ऊर्जा क्षेत्र की पावर ग्रिड कारपोरेषन ऑफ इण्डिया लिमिटेड, एन0टी0पी0सी0, एन0एच0पी0सी0, टी0एच0डी0सी0 में निदेषक (मानव संसाधन) के लिए निर्धारित षैक्षिक योग्यताओं/अर्हताओं के समान हैं। जिसकी जांच पी0ई0एस0बी0 की वैबसाईट ूूूण्चमेइण्हवअण्पद एवं ूूूण्नजजंतंाींदकरंसअपकलनजण्बवउ ूूूण्नचबसण्वतहए और ूूूण्चजबनसण्वतह की वैबसाईट पर कर सकते है ।
एसोसियेषन की जानकारी के अनुसार ऊर्जा क्षेत्र के उपाकालि, पिटकुल, यूजेविएन लिमिटेड, एन0एच0पी0सी0, एन0टी0पी0सी0 एवं पी0जी0सी0आई0एल0 के निदेषक (मानव संसाधन) की योग्यताओं का तुलनात्मक विवरण जारी करते हुए आरोप लगाने वालों को इसका अध्ययन करने की सलाह देती है । एसोसिएषन का कहना है कि पी0सी0ध्यानी द्वारा अपने पिटकुल के कार्यकाल में जहां ईमानदार एवं कर्तव्यनिश्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों को न्याय दिलाया गया वहीं दूसरी ओर भ्रश्टाचार के मामलों पर कठोर प्रहार किया गया । मैसर्स ईष्यून रिरौल लि0 को प्रोटेक्षन रिले के प्रकरण में रू0 28,300/- के स्थान पर रू0 2,83,000/- के भुगतान प्रकरण में ऐतिहासिक कार्यवाही करते हुए दोशी अधिकारी के खिलाफ एफ0आई0आर दर्ज करायी गयी जोकि उत्तराखण्ड राज्य बनाने के बाद भ्रश्टाचार के खिलाफ पहली ठोस कार्यवाही है ।

इसके साथ ही बिना फोरेस्ट क्लियरेंस के मैसर्स ज्योति स्ट्रक्चर्स को रू0 35,00,000/- (रू0 पैंतीस लाख) के फर्जी भुगतान तथा बिना कार्य पूर्ण हुए प्रोविजनल कम्पलीषन सर्टिफिकेट जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करते हुए उन्हें उपमहाप्रबन्धक से अधिषासी अभियन्ता के पद पर पदावनत कराया गया तथा इस प्रकरण में एक साजिष के तहत फंसाये गये छोटे स्तर के अधिकारी-अधिषासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता एवं अवर अभियन्ता को न्याय दिलाया गया । पी0सी0 ध्यानी द्वारा दबांगता के साथ की गयी कार्यवाही से भयभीत होकर भ्रश्टाचार में लिप्त कुछ अधिकारी प्रयोजित षिकायतकर्ताओं/नेताओं के माध्यम से उनके खिलाफ झूठी बयानबाजी करवाकर उन्हें हत्तोत्साहित करने का प्रयास कर रहें है। एसोसिएषन ने कहा है कि पी0सी0ध्यानी द्वारा पिटकुल के कार्यकाल एवं उपाकालि में निदेषक (मानव संसाधन) का पद संभालने के बाद अधिकारियों/कर्मचारियों के पिछले 10 वर्शों से लम्बित कई प्रकरणों का निस्तारण करते हुए न्याय दिलाया गया है । जिसके लिए विद्युत ऊर्जा आरक्षित वर्ग एसोसिएषन सहारना करती है तथा उनके साथ खड़ी है ।