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गैरसैण स्थाई राजधानी का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित

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अधिकारियों के न पहुंचने पर निंदा प्रस्ताव पारित ,क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक, समस्याएं हल न होने पर भड़के जनप्रतिनिधि

रुद्रप्रयाग। ब्लॉक सभागार ऊखीमठ में आयोजित ़क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक में विद्युत, यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य, लघु सिंचाई के मुद्दे छाये रहे। लैकों, एलएण्डटी व केदारघाटी में निर्माणाधीन अन्य जलविघुत परियोजनाओं के अधिकारियों के बैठक में मौजूद न पहुंचने पर निन्दा प्रस्ताव पारित किया गया।

क्षेत्र पंचायत प्रमुख सन्तलाल शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक को सम्बोधित करते हुए केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने कहा कि जब तक विभागीय अधिकारी समस्याओं के प्रति गम्भीर नहीं हांेगे, तब तक ग्रामीण क्षेत्रों में फैली समस्याओं का निराकरण होना असंभव है। विधायक रावत ने कालीमठ घाटी व सारी गांव के जनप्रतिनिधियों से पर्यटन संबंधी जानकारी मांगी तो जनप्रतिनिधियों द्वारा पर्यटन विभाग से संबंधित सभी जानकारियों को देने में असर्मथता जताई।

 

विधायक रावत ने कहा कि किसी भी अधिकारी को सीमा का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख सन्तलाल शाह ने कहा कि सभी को सदन की गरिमा बनाये रखनी चाहिए। उन्होंने बैठक में लैकों, एलएण्डटी एवं केदारघाटी में निर्माणाधीन अन्य जलविघुत परियोजनाओं के अधिकारियों के बैठक में शामिल न होने पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में सर्वप्रथम खण्ड विकास अधिकारी यसपाल टम्टा द्वारा पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टी की गयी, जिस पर जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी ने बैठक में अधिकारियों के उपस्थित ना रहने पर नाराजगी व्यक्त व्यक्त की।

 

पिछली बैठक में दर्ज सिंचाई विभाग की शिकायत पर कार्यवाही न होने व सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों के बैठक में मौजूद न होने पर मुख्य विकास अधिकारी डीआर जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर कडी फटकार लगाते हुए कहा कि हर अधिकारी पूरी जानकारियों के साथ बैठकों में मौजूद रहें। क्षेत्र पंचायत सदस्य गणेश तिवारी ने बैठक में जिलाधिकारी के मौजूद न रहने पर नाराजगी व्यक्त की। जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल ने छः फरवरी 2017 के भूकम्प से कालीमठ के प्रभावितों को मुआवजा न मिलने की शिकायत की।

 

प्रधान सांकरी राय सिंह राणा एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य मैखण्डा़ ने सदन में दर्ज शिकायतों पर कार्यवाही न होने पर नाराजगी व्यक्त की। जिला पंचायत सदस्य मीना पुण्डीर ने तोणीधार-पैलिंग मोटर मार्ग के जानलेवा होने की शिकायत की। प्रधान गिरिया मदन बर्त्वाल ने ऑलवेदर रोड़ के निर्माण में अवैध वृक्षों के पातन की शिकायत की। प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष विरेन्द्र असवाल ने पूर्व में क्षेत्र पंचायत की बैठक में पारित उरेडा़ के प्रस्ताव को जिला योजना में शामिल न करने पर नाराजगी व्यक्त की।

 

कहा कि क्षेत्र पंचायत में पारित प्रस्तावों कों जिला योजना के बैठकों में अनदेखा किया जाता है। प्रधान बेडूला नरोत्तम राणा ने तिमली तोक में विघुत लाइन बिछाने की मांग की। ज्येष्ठ प्रमुख विष्णु कान्त शुल्का ने ल्वारा गांवों में लघु सिंचाई के निर्माणाधीन चैकडेमों में गुणवत्ता न होने की शिकायत की। प्रधान बुरूवा नरोत्तम धिरवाण ने शिकायत करते हुये कहा कि सिचाई विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में गांवों में चैकडैम बनाये गये थे, जिनकी गुणवत्ता न होने की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की गयी थी, मगर आज तक कार्यवाही नहीं हो पाई है।

 

इस मौके पर कनिष्ठ प्रमुख नर्वदा देवी, जिला विकास अधिकारी अमर सिंह गुंज्याल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी रमेश नितवाल, जिला पूर्ति अधिकारी के एस कोहली, जिला उघान अधिकारी डीएन मखनवाल, जिला युवा कल्याण अधिकारी के एन गैरोला, प्रधान सरिता देवी, पुष्पादेवी, सरिता नेगी, इन्द्रा देवी, जसबीर सिंह नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भरोसी देवी, लखमा देवी, जसमति देवी, राखी देवी, दीपा जुगराण, प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी रघुवीर पुष्पाण, अब्बल सिंह रावत, हरेन्द्र कुमार, बुद्विपाल सिंह रावत, शशि देवी, विक्रम सिंह रावत, सहित जिला स्तरीय अधिकारी व पंचायत प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

ब्लॉक सभागार मंे आयोेजित क्षेत्र पंचायत की बैठक में गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। बैठक में मौजूद केदारनाथ विधायक मनोज रावत व बैठक की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्र पंचायत प्रमुख की पहल पर ज्येष्ठ प्रमुख विष्णुकान्त शुक्ला ने स्थाई राजधानी गैरसैंण को बनाने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसका अनुमोदन कनिष्ठ प्रमुख नर्वदा देवी द्वारा किया गया तथा जिला पंचायत सदस्य मीना पुण्डीर, संगीता नेगी, राजाराम सेमवाल व प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष बीरेन्द्र असवाल द्वारा किया गया। सदन में मौजूद सभी पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए अपने सहमति दी।