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ऑल वेदर रोड़ :बाईपास निर्माण में विजयनगर गधेरे में डाला जा रहा मलबा !

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रुद्रप्रयाग। ऑल वेदर रोड का कार्य कर रहे ठेकेदार पर ग्रामीणों ने रोड कटिंग में मनमानी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा समरेखण से बाहर भूमि काटी जा रही है। जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं एनएच के अधिकारी ठेकेदार द्वारा की गई कटिंग को सही बता रहे हैं तथा प्रभावित को नोडल अधिकारी के पास प्रार्थना पत्र देकर मुआवजे की कार्यवाही प्रारम्भ करने की बात कह रहे हैं। इसी ठेकेदार द्वारा अगस्त्यमुनि बाईपास के निर्माण में भी अनियमिततायें बरती जा रही हैं। ठेकेदार द्वारा मलबा विजयनगर गधेरे में डाला गया है। जिससे बिजयनगर कस्बे के निवासी डरे हुए हैं। यह वही गधेरा है जिसने वर्ष 2005 में विजयनगर में भारी तबाही मचाई थी। जिसमें पांच लोगों ने असमय अपनी जान भी गवांई थी।
सौड़ी गिंवाला गांव के रमेश रावत ने ऑल वेदर रोड का कार्य कर रहे ठेकेदार पर समरेखरण से बाहर उनकी नाप खेत की भूमि काटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सौड़ी बाजार से आगे एनएच के ऊपर उनका एक नाली का खेत है जिसका खसरा न0 150 है। जो कि ऑल वेदर रोड के समरेखण से बाहर है। इसलिए इसका मुआवजा भी नहीं बना था। परन्तु ऑल वेदर रोड का कार्य कर रहे ठेकेदार ने अपनी मनमानी करते हुए उनका खेत काट दिया है। जबकि उन्होंने पूर्व में भी ठेकेदार को इस सम्बन्ध में सूचित किया था।
तथा ठेकेदार ने राजस्व एवं एनएच के अधिकारियों के सम्मुख अपनी गलती मानते हुए ऐसा न करने का आश्वासन दिया था। उसके बाबजूद शुक्रवार रात्रि को ठेकेदार द्वारा उनका पूरा खेत काट दिया है। उन्होंने इसकी शिकायत पटवारी से की जिन्होंने उसे एनएच के पास भेजा। एनएच के अवर अभियन्ता ने अपने उच्चाधिकरियों को सुचित करने का आश्वासन दिया। इस सम्बन्ध में एनएच के सहायक अभियन्ता अनिल बिष्ट का कहना है कि ठेकदार के पास जो नक्शा है उसी के आधार पर वह कटिंग कर रहा है।
परन्तु उक्त नाप खेत लैण्ड एक्वायर में नहीं है। इस खेत का अलग से मुआवजा बनाया जायेगा। प्रभावित को इसके लिए नोडल अधिकारी (एडीएम) के पास प्रार्थना पत्र देना होगा। प्रभावित रमेश रावत ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि ठेकेदार का अलग नक्शा और एनएच के पास अलग नक्शा। उन्होंने इसे ठेकेदार की तानाशाही बताया है।
ठेकदार की मनमानी से बाई पास रोड के निचली ओर रहने वाले सभी रहवासी अभी से डरने लगे हैं। ठेकेदार द्वारा रोड कटिंग का मलबा जहंा तहां डाला जा रहा है जो कि बरसात के समय आफत ला सकता है। रोड कटिंग के मलबे से कई कास्तकारों की भूमि भी दब गई है। जिसका कोई मुआवजा नहीं मिला है। जबकि इस सम्बन्ध में एनजीटी के भी स्पष्ट निर्देश हैं कि मलबा डम्पिंग जोन में ही एकत्रित किया जायेगा।
इसके बाबजूद ठेकेदार दबंगाई पर उतारू है। विजयनगर के निवासियों की नींद तो अभी से उड़ने लगी है और वे से किसी सुरक्षित जगह की तलाश करने लगे हैं। असल में अगस्त्यमुनि से बेड़ूबगड़ तक बनने वाले बाईपास रोड पर विजयनगर में बहने वाला गधेरा भी आ रहा है। ठेकेदार द्वारा बाई पास का मलबा भी इसी गधेरे में डाला जा रहा है। यदि बरसात से पूर्व यह मलबा हटाया नहीं गया तो विजयनगर कस्बे पर खतरा आ सकता है।
क्योंकि यह वही गधेरा है जहां 2005 में विनाशकारी बाड़ आई थी। जिसमें पांच लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी और कई मकान जमींदोज हो गये थे। बरसात में उस गधेरे में कभी भी उफान आ सकता है और जमा मलबा तबाही मचा सकता है। एनएच के सहायक अभियन्ता अनिल बिष्ट ने आश्वस्त किया है कि ठेकदार को मलबा डम्पिंग जोन में ही एकत्रित करने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही गधेरे में डाला गया मलबा भी हटाने को कहा जायेगा।