udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news प्रधानमंत्री ने की राज्य की जनता की तारीफ

प्रधानमंत्री ने की राज्य की जनता की तारीफ

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उत्तराख्ांड की जनता विकास के लिये इंतजार करने वाली नहीं है। केदारनाथ के हादसे में अपनी जिंदगी गवाने वालों के लिये योजना श्रद्धांजलि है। चारधाम यात्रा के लिये उत्तम मार्ग, अच्छी व्यवस्था है। ये राजमार्ग उत्तराखंड के लोगों को रोजी रोटी देगी। ये विकास के नये अवसर प्रदान करेगी। ये शिलान्यास हर देशवासी को संतोश देगा। जिसके मन में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ जाने की इच्छा है। आज का यह प्रकल्प उन वृद्ध माता पिता जो आने वाले दिनों में यात्रा के लाये आयेगे उन्हें बिना किसी परेशानी के यात्रा करेंगे। अब लोगों को चारधाम यात्रा के लिये केवल यात्रा के दिनों का ही हिसाब रखना होगा। नये प्रोजेक्ट से अनिश्चिता के माहौल में यात्रा नहीं करनी होगी। लोगों को यात्रा के मकसद से ही यात्रा करने में आसानी होगी। यात्रा में लोगों को भूस्खलन और अन्य मौसम संबंधी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। हर व्यक्ति के मन में अपने माता पिता को बदरीनाथ गंगोत्री यमुनोत्री की यात्रा कराने की इच्छा होगी। उन्होंने कहा कि अब तक की सरकारों ने लोगों की इस जरूरत का ध्यान नहीं रखा। उन्होंने कहा कि यह मेरे लिये राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने कहा कि जल्दबाजी में किये गये कामों से राजनीति हो सकती है समाजनीति नहीं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के मंत्री और अन्य सहयोगी पहले समस्याओं को समझते हैं सुनते हैं उसके बाद काम शुरू करते हैं। उन्होंने कहा कि देशवासी जब भी बदरीनाथ और केदारनाथ की यात्रा पर आयेंगे तब आने वाले दिनों में इस सरकार और नितिन गड़गरी को याद किया जायेगा। 12 हजार करोड़ की इस योजना बनने के दौरान राज्य के कई युवाओं को रोजगार मिलेगा। राज्य की आय का सबसे बड़ा साधन यात्री हैं यहां का र्प्यटन है। यदि व्यवस्थायें ठीक हों, सुविधायें जरूरत के हिसाब से हों तो लोग यहां आयेंगे और यहां रूकेंगे। उन्होंने कहा कि पहाड़ का पानी और जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। उन्होंने कहा ि कइस धारणा को बदलने का निर्णय लिया है। इसी लिये इस प्रोजेक्ट को बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार विकास की नई उंचाईयों को तय करना चाहती है। आजादी के बाद 18 हजार गांव ऐसे हैं जहां आज भी बिजली नहीं है। इसके बाद अधिकारियों से कहा गया कि एक हजार दिन में इन गांवों तक बिजली पहुंचायें। उन्होंने कहा कि सरकार का मिजाज बदला है सरकार बदली और अब देश भी बदलेगा। एक हजार दिन पूरे नहीं हुये हैं लेकिन 12 हजार गांवों तक बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो गया है। छह हजार गांवों की सूची में उत्तराखंड भी जहां काम चल रहा है। पहले लोगों को गैस के सिलेंडर के लिये पहचान निकालनी पड़ती थी लेकिन अब सरकार घर घर जाकर गैस के कनेक्शन बांट रही है। देश के पांच करोड़ गरीब परिवारों को तीन साल के भीतर गैस उपलब्ध कराने के निर्णय लिया। वन रेंक वन पेंषन पर बोलते हुये सीएम ने कहा कि 40 साल से लटके हुये मामले को सुलझाया गया है। इसके लिये सेना के जवानों को चार किस्तों में उनका लाभ दिया दिया जा रहा है। सरकार ने वन रेंक वन पेंषन योजना के तहत 6 हजार 6 सौ करोड़ रूपया दिया गया और षेष किस्त भी पहुंचा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने मुझे चौकीदारी का काम दिया है और मैं भी वहीं कर रहा हूं इससे कई लोगों को तकलीफ हो रही है। उन्होंने कहा कि देश को कालेधन ने बर्बाद किया और काले मन ने भी। इसलिये देश के काला मन और काला धन दोनों जाने चाहिये। उन्होंने लोगों से पूछा कि पूरे मन से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिये कि नहीं। उन्होंने जनसमर्थन पर देवभूमि की जनका का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि अब तक वर्ग तीन और वर्ग चार के पदों में नौकरी के लिये साक्षात्कार नहीं लिया जायेगा। केन्द्र ने मैरिट के आधार पर सरकारी नौकरी की व्यवस्था की। राज्यों को भी ऐसा करने को कहा गया लेकिन राज्यों ने इसपर अमल नहीं किया। नोटबंदी पर मोदी ने कहा कि उन्हें कालेधन को सफेद करने वालों की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि यह सफाई अभियान है जिसके तहत कालेधन को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता उनके साथ है और सवा सौ करोड़ की जनता उन्हें सुरक्षित रखे हैं। इसीलिये उनपर अंगुली नहीं उठा पा रहे हैं उन्होंने कहा कि देश को लूटने से बचाने के लिये उन्हें जनता का साथ चाहिये। आतंकवाद, बेईमानी और माफिया की दुनियां एकपल में तबाह कर दी है और ऐसा देश की रक्षा के लिये किया है। उन्होंने कहा कि बेईमानों की इस लड़ाई में उन्हें जनता का साथ चाहिये। उन्होंने कहा कि बाजपेई जी ने उत्तराखंड राज्य दिया और उत्तराखंड को उत्त्म राज्य बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उत्तराखंड को बर्बाद करके रखा है। उत्तराखंड को मुसीबतों से बाहर निकालना है तो डबल इंजन की जरूरत है। पहला दिल्ली का और दूसरा राज्य का। जब दिल्ली और देहरादून का इंजन एक हो जायेगा तो तेजी से विकास होगा।