प्रधानमंत्री मोदी खामोशी से देखते रहे विपक्ष का हंगामा

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन भी नोटबंदी को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। विपक्ष के हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को लोकसभा पहुंचें। पीएम मोदी के लोकसभा पहुंचने के बाद भी विपक्ष का हंगामा कम नहीं हुआ। वहीं प्रधानमंत्री चुपचाप बैठे सब सुनते रहे और आखिरकार स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने बुधवार को विपक्षी पार्टियों के भारी हंगामे के बीच नोटबंदी पर बहस के लिए विपक्षी पार्टियों के स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि पहले विपक्ष पीएम के सदन में मौजूद रहने की मांग को लेकर हंगामा कर रहा था और जब वह सदन में मौजूद है तो वह काम करने क्यों नहीं दे रहा है। वेंकैया ने कहा कि हंगामा करना विपक्ष की आदत हो गई है। वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार किसी भी हालत में नोटबंदी के फैसले को वापस नहीं लेगी। हालांकि इस मामले को वापस लेने के लिए विपक्ष लगातार दवाब बना रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी पहले प्रधानमंत्री है जो विदेशों से काला धन लाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने देश से ब्लैक मनी निकालने की कोशिश की है।
विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव नामंजूर
सदन में कार्य स्थगित करके मतविभाजन वाले नियम 56 के तहत तत्काल चर्चा कराने की विपक्ष की मांग को लेकर शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं सरकार का कहना है कि यह कदम कालाधन, भ्रष्टाचार और जाली नोट के खिलाफ उठाया गया है और वह नियम 193 के तहत चर्चा कराने को तैयार है हालांकि विपक्षी दल कार्य स्थगित करके चर्चा कराने की मांग पर अड़े हुए हैं।
नोटबंदी के पक्ष में जनता: अनंत कुमार
संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है। लेकिन इस प्रकार से बैनर, पोस्टर दिखाना कांग्रेस जैसे दल के लिए ठीक नहीं है जिसने देश पर 50 साल से अधिक समय तक शासन किया। अनंत कुमार ने कहा कि नोटबंदी पर एक-दो या तीन दिन भी चर्चा की जा सकती है, हम उसके लिए तैयार हैं। लेकिन इस प्रकार से सदन की कार्यवाही बाधित करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, असम के कल आये उपचुनाव के नतीजों में हमें जनादेश मिला है और यह नोटबंदी के पक्ष में जाता है। कांग्रेस को जनादेश समझना चाहिए और चर्चा करना चाहिए।
सांसदों की राय जानने के पक्ष में पीएम
आरएसपी के एम के प्रेमचंद्रन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के मुद्दे पर मोबाइल एप के जरिये जनता की राय जानने के लिए जनता के बीच सर्वेक्षण शुरू किया है लेकिन सदन में सदस्यों की राय नहीं जानना चाहते।
सरकार का अच्छा फैसला
अकाली दल के प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि अच्छा निर्णय है और कतारों में खड़े गरीब लोग भी मोदी जी की तारीफ कर रहे हैं।
नोटबंदी जरूरी कदम: शिवसेना
शिवसेना के आनंदराव अडसुल ने कहा कि हमने 500, 1000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले का स्वागत किया है। यह जरूरी कदम था। कालेधन पर लगाम लगाने के लिए ढाई साल से चर्चा हो रही थी। इसे चलन से बाहर करना जरूरी था। उन्होंने कहा कि कल प्रधानमंत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि जनता को राहत दी जाएगी और आज कुछ निर्णय लिये गये हैं जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।