udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news पूर्वानुमान : उत्तर भारत में फिर लौट सकता है रेतीला तूफान !

पूर्वानुमान : उत्तर भारत में फिर लौट सकता है रेतीला तूफान !

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नई दिल्ली: पूर्वानुमान : उत्तर भारत में फिर लौट सकता है रेतीला तूफान ! उत्तर भारत के कई इलाकों में  रेतीले तूफान ने भारी तबाही मचाई है. आशंका जताई जा रही है कि आने वाले 48 घंटे में तूफान दोबारा लौट सकता है. मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचार तंत्र से आगामी 48 घंटों के दौरान उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर से धूल भरी आंधी आने का पूर्वानुमान है.
जयपुर के भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा ने बताया कि राजस्थान में आगामी 48 घंटों के दौरान उच्च क्षमता की तेज हवाओं के चलने से धूल भरा अंधड़ आने की आशंका है. इससे उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र विशेषकर करौली, धौलपुर जिले प्रभावित हो सकते हैं. बुधवार को आए तूफान से देश के कम से कम आठ राज्यों में जान-माल का नुकसान हुआ  और आम जनजीवन प्रभावित हुआ. सबसे ज्यादा तबाही राजस्थान और उत्तर प्रदेश में देखने को मिला.
विगत दिवस 132 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए इस तूफान में 8 राज्यों में अब तक कम से कम 114 लोगों की मौत हो गई है. सबसे ज्यादा तबाही उत्तर प्रदेश और राजस्थान में हुई है. इस तूफान से उत्तर प्रदेश में अब तक 73 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं राजस्थान में करीब 36 लोगों की मौत हो चुकी है. उत्तरप्रदेश और राजस्थान में आंधी-तूफान के कारण जनहानि पर दुख प्रकट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को राज्यों के साथ समन्वय बनाने और प्रभावितों को तुरंत राहत प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने को कहा है.
जिस तूफान को गर्मी से राहत का सामान समझा गया था वो चंद घंटे बाद ही मौत का सबब साबित हुआ. इस जानलेवा तूफान से यूपी में 83 लोगों के घायल होने की खबर है वहीं, 105 जानवरों के मरने की खबर है. यही नहीं, राजस्थान में 205  लोग घायल हुए हैं.उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में तूफानी तबाही आग की शक्ल में आई. यहां देर रात आई तेज आंधी के बाद लगी आग ने करीब आधा दर्जन से ज्यादा गांवों को अपनी चपेट में लिया. बताया जा रहा है कि किसानों ने खेतों को खाली करने के लिए नरई जलाई थी. आंधी से नरई से निकली आग गांवों में गिरने लगी जिससे कुछ ही मिन्टो में कई गांव एक साथ धू-धू कर जलने लगे.
मौसम से आठ राज्य प्रभावित हुए हैं. यूपी में तूफान से सबसे ज्यादा आगरा में 43 लोगों की मौत हुई है. कानपुर में 4, बिजनौर में 3, सहारनपुर में 2 लोग मारे गए हैं. इसके अलावा बरेली, पीलीभीत, चित्रकूट, रायबरेली, उन्नाव, मथुरा, अमरोहा, कन्नौज, बांदा, संभल और मिर्जापुर में 1-1 लोगों की मौत हुई है. राजस्थान में बीकानेर, भरतपुर, अलवर और धौलपुर में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है. भरतपुर में 19 लोगों की मौत हो गई वहीं अलवर में मौत का आंकड़ा 5 तक पहुंच गया है.
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जम्मू-कश्मीर के ऊपर बना हुआ था और दिल्ली में कम दवाब का क्षेत्र बना था. बंगाल की खाड़ी से आ रही हवाओं और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के बीच टकराव हुआ. इसका नतीजा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में तूफान के रूप में देखने को मिला. हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती प्रवाह के चलते भीषण अंधड़ आया जिसने राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई. उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही होगी.
मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि गरज के साथ आए तूफानी अंधड़ के मुख्यत: 4 कारण रहे- अत्यधिक गर्मी, नमी की मौजूदगी, वातावरण में अस्थिरता और तूफानी सक्रियता.राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाए.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जिलाधिकारियों को आंधी-तूफान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि संबंधित जिलों के अधिकारी नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को बिना देर किये मुआवजा प्रदान करें. राहत कार्यों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.