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प्रभावितों की समस्याओं का निस्तारण करने का आश्वासन

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पौड़ी:  श्रीनगर स्थित अलकनंदा हाईड्रो पावर कम्पनी लि0 चैरास एवं परियोजना प्रभावित ग्रामों के बीच मांगों को लेकर पौड़ी तथा टिहरी के जिलाधिकारियों को बीच आयोजित बैठक में प्रभावित गांवों के साथ समझौता को लेकर मंथन किया गया। जिलाधिकारी ने तय समय के भीतर प्रभावितों की समस्याओं का निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
बैठक में पेयजल, रास्ते, सड़क, फसली मुआवजा, मोक्षघाट, विद्युत, विस्थापन, चैक कालातीत होना, कर्मचारियों का निलंबन तथा कम्पनी के साथ अनुबंध आदि के मामलों को सुना। कम्पनी द्वारा पैकेज के चैक वितरण एवं रोजगार को लेकर मुख्यतय मामले रहे। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को कम्पनी के साथ हुई करार के दस्तावेज एवं भुगतान नहीं हुए चैक को एक सप्ताह के भीतर उप जिलाधिकारी के पास जमा करने को कहा। उन्होंने जांच कर शीघ्र निस्तारण करने का भरोसा दिया।
शासन के ऊर्जा सचिव राधिका झा के निर्देशन पर आज नगर पालिका श्रीनगर के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संयुक्त रूप से जिलाधिकारी पौड़ी सुशील कुमार तथा जिलाधिकारी टिहरी सोनिका ने करते हुए हाईड्रो पावर कम्पनी के प्रभावित ग्रामीणों की समस्यायें सुनी।
उन्होंने एक-एक कर प्रभावित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों से बिन्दुवार समस्यायें सुनी। जिस पर डुंगरीपंथ, स्वीत, मंदौली तथा कलियासौंड़, धारी, सैंदरी, सुपाणा, थापली, महरगांव, नैथाणा आदि के ग्राम प्रधानों ने कम्पनी पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा वितरित चैकों का भुगतान नहीं किया गया है। जो कि कालातीत भी हो गये हैं साथ ही कहा कि ग्राम सभाओं के साथ हुए अनुबंध के अनुरूप कम्पनी द्वारा धरातल पर विकास कार्य नहीं हुई और ना ही रोजगार में कोई ठोस पहल की गई है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आदि की समस्यायें भी गहराने लग गई हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित गांवों में जल निगम को 15 दिनों के भीतर प्राक्कलन तैयार कर संबंधित कम्पनी को देने के  निर्देश दिये। जबकि डुंगरीपंथ में स्कूल कक्ष को 10 अगस्त तक ठीक कर कक्ष संचालन हेतु ग्रामीणों को सुपुर्द करने के निर्देश संबंधित परियोजना प्रबंधक को दिये।
पुल निर्माण में ग्रामीणों द्वारा की जा रही आपत्तियों के निस्तारण हेतु संबंधित ग्राम प्रधान से कम्पनी को एनओसी देने के निर्देश दिये। मंदिर को जाने वाले मार्ग एवं पुल में भू-धसाव होने के खतरे की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी एवं कम्पनी को संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिये।
ग्राम प्रधान नैथाणा ने बताया कि कम्पनी के अुनबंध के अनुसार भूमिधरी को छह लाख तथा बिना भूमिधरी काश्तकार को तीन लाख रूपये का पैकेज देना तय हुआ था। जबकि कम्पनी द्वारा कुछ लोगों को ही अनुबंध का लाभ दिया गया जबकि कुछ लोगों को छोड़ दिया गया। ग्राम सभा धारी के प्रधान ने कम्पनी पर आरोप लगाया कि 28 दुकानदारों को एक लाख 75 हजार रूपये देने के अनुबंध हुआ था। जो कि कम्पनी द्वारा अभी तक पूरा नहीं किया गया। जिस पर जिलाधिकारी ने मामले को निस्तारित करने हेतु कम्पनी को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
वहीं कम्पनी में तैनात स्थानीय लोगों को निलंबित करने के मामले पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी को लिखित रूप से पत्रावली प्रेषित करने को कहा। जिलाधिकारी ने परियोजना के साथ ग्रामीणों के हुये अनुबंध आदि दस्तावेजों को एक सप्ताह के भीतर उप जिलाधिकारी श्रीनगर के पास जमा करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन सभी मामलों को जांच पड़ताल कर अवशेष मामलों पर संबंधित कम्पनी से निस्तारित कराये जाएंगे। उन्होंने कहा कि शासन के द्वारा टैक्निकल टीम भेजा जा रहा है जो सम्पूर्ण मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इस मौके पर उप जिलाधिकारी श्रीनगर मायादत्त जोशी, उप जिलाधिकारी टिहरी नुपुर वर्मा, तहसीलदार श्रीनगर सुनील राज के साथ ही समेत कम्पनी के अधिकारी एवं ग्राम प्रधान तथा प्रभावित उपस्थित रहे।