udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news रहस्यः विश्व का एकमात्र स्थान जहां पर त्यागते है कौवे अपनी देह 

रहस्यः विश्व का एकमात्र स्थान जहां पर त्यागते है कौवे अपनी देह 

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काकभुसन्डी ताल यानि पूरे विश्व के कौवों का कब्रगाह!

 

उदय दिनमान डेस्कः सदियों से उत्तराखंड को देवभूमि कहा गया है और इस देवभूमि को इसलिए भी पवित्र कहा जाता है क्योंकि यहां साक्षात देवताओं का वास है और हर चाहे वह इंसान हो या फिर जानववर या फिर पक्ष सभी अपनी देह को त्यागने के लिए यही आना पंसंद कते है और यह प्रथा सदियों से चली आ रही है। आज हम आपको बता रहे ळै ऐसा रहस्य जिसे सुनकर आप चौक जाएंगे। उत्तराखंड में एक स्थान ऐसा भी है जहां विश्व भर से कौवे अपनी देह त्यागने के लिए यहां आते ळै और यह स्थान है काकभूसकंडी।

देवभूमि उत्तराखंड वास्तव में कई विविधताएं और विषमताओं का अद्भुत मिश्रण है। इस देवभूमि में देह त्यागना स्वर्ग समान सिर्फ मनुष्य ही नहीं मानते बल्कि पक्षी भी अपने को धन्य समझते हैं।इस विविधता के कारण ही पूरे विश्व में देवभूमि को अनोखा माना है और यहां आकरर सभी खुद को धन्य करना चाहते है।

 

उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में स्थित यह स्थान जोशीमठ से जैसे ही आप सामने की पहाड़ियों पर नजर डालते हैं तब बिष्णु प्रयाग पर आपके दाहिने ओऱ काक भुसन्डी पर्वत श्रृंखला दिखाई देती है।

 

उन्हीं के पार जब आप इन पर्वत श्रृंखलाओं पर विचरण करते हुए पहुँचते हैं तब आप हिमालय भूभाग के उस अतुलनीय क्षेत्र में पहुँचते हैं जहाँ बर्फीले पहाड़ों के बीच में लंबी नीली झील दिखाई देती है जिसके एक सिरे से रिसता पानी ऐसे लगता है मानों चांदी पिघल रही हो।


जब आप ताल के समीप जॉयेंगे तो पाएंगे हजारों हजार कौवे वहां अपनी देह त्यागे हुए हैं। यहाँ देह त्यागने वाले कौवे सत्कर्मों के आधार पर ही यहाँ तक का सफर करते हैं। इसे कागः स्वर्ग भी कहा जाता है और कागः कब्रगाह भी।

 

धरोहर के सुप्रसिद्ध फोटोग्राफर चन्द्रशेखर चौहान बताते हैं क़ि काक भुसन्डी तक पहुंचने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर जोशीमठ से आगे गोविन्द घाट से भ्युंडार और फिर भ्युंडार से रूपढून्गा, कर्गिला, सेमारतोली, डांग खरक, राज खरक, काक भुशंडी खाल होते हुए यहाँ पहुंचा जा सकता है……।