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केदारनाथ धाम के लिए घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण 20 अप्रैल से

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण 20 अप्रैल से शुरू किया जाएगा। जिला पंचायत उन्हीं घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण करेगा, जिन्होंने स्वास्थ्य परीक्षण एवं बीमा कराया हो। पंजीकरण को लेकर जिला पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रतिवर्ष केदारनाथ यात्रा शुरू होते ही प्रशासन की ओर से केदारनाथ धाम के लिए घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जाता है।

 
आपदा से पूर्व घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण आठ से दस हजार के बीच रहता था, लेकिन 2013 मे आई आपदा के बाद यह संख्या घटकर दो हजार से चार हजार के बीच रह गई। यात्रियों की संख्या भी काफी कम रही, लेकिन इस वर्ष यात्रियो की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। इसलिए इस वर्ष घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण भी बढ़ सकता है। इस बार तीन मई को केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पूर्व जिला पंचायत और पशुचिकित्सा विभाग आगामी 20 अप्रैल से सोनप्रयाग में घोड़ा खच्चरों का पंजीकरण का कार्य शुरू करेगा।

 

पंजीकरण से पूर्व घोड़ा-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं बीमा कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण किया जाएगा। पशुपालन विभाग के जिले में 15 पशु चिकित्सालय है। साथ ही सोनप्रयाग में भी एक अस्थाई कैंप स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाया गया है। घोड़ा-खच्चर मालिक कहीं से भी अपने मवेशी का स्वास्थ्य परीक्षण व बीमा करवा सकता है। बिना स्वास्थ्य परीक्षण एवं बीमा के किसी भी घोड़े को केदारनाथ जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

 

केदारनाथ धाम की यात्रा में घोड़े-खच्चर अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही स्थानीय घोडा-खच्चरों को भी यात्रा सीजन में रोजगार मिल जाता है। जिला पंचायत के कर निरीक्षक ज्ञानेन्द्र बगवाड़ी ने बताया कि 20 अप्रैल से सोनप्रयाग में घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश नितवाल ने बताया कि घोड़ा-खच्चर को पशु का स्वास्थ्य परीक्षण एवं बीमा अवश्य कराना होगा।