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संकल्प पत्र में महिलाओं व युवाओं पर फोकस

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देहरादून । उत्तराखंड विधानसभा चुनाव २०१७ के लिए कांग्रेस ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है और जिसे पांच सालों का संकल्प पत्र नाम दिया गया है और संकल्प पत्र में महिलाओं व युवाओं को पूरी तरह से फोकस किया गया है, जबकि गैरसैंण के नाम पर केवल मुख्यमंत्री वहां पर एक सप्ताह बैठेंगें, परन्तु राजधानी के लिए अभी आधारभूत इन्फ्रास्टक्चर तैयार किया जा रहा है जिसमें लगभग दो साल का समय लगेगा और उसके बाद निर्णय लिया जायेगा।

वहीं भाजपा के विजन डाक्यूमेंट को कांग्रेस सरकार की योजनाओं की नकल बताया गया, जिसमें कहा गया है हम करेंगें, लेकिन योजनायें पूरी तरह से गतिमान है।यहां सुभाष रोड स्थित एक होटल में कांग्रेस ने अपने संकल्प पत्र को जारी किया और इस दौरान पत्रकारों से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि यह संकल्प पत्र अगले पांच साल तक सरकार की नीतियों एवं कार्यक्रमों की दिशा तय करेगा। उनका कहना है कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, आत्म गौरव और उत्तराखंण्डियत अक्षुण्ण रखने व उत्तराखंड राज्य को उत्पादकता के सर्वोच्च शिखर पर ले जाने हेतु पार्टी वचनबद्ध है।

उनका कहना है कि राज्य के सभी मातृशक्ति, किसानों, मजदूरों, युवाओं और वतन के रखवालों को बेहतर जीवन देने हेतु सभी भी भागेदारी विकास कार्यों में सुनिश्चित की जायेगी। उनका कहना है कि आज लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरा है, जनता का भरोसा टूट रहा है और पार्टी अपनी नैतिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी समझती है। उनका कहना है कि अगले पांच वर्ष का मुख्य लक्ष्य उत्पादकता पर एकाग्रता होगा तथा विकास का मूलमंत्र होगा सहकारिता और सहभागिता, जिसके केन्द्र में होगा गांव तथा समाज का अंतिम व्यक्ति तक होगा।
उनका कहना है कि अगले दो वर्षों में पूर्व सैनिकों, युवा और महिला सशक्तिकरण वर्ष के रूप में मनाया जायेगा और इस दौरान सरकार के सभी निर्णय, योजनायें और कार्यक्रम पूर्व सैनिक, युवा व मातृशक्ति पर केन्द्रित होंगें। राज्य के १५ ब्लॉक सघन जड़ी बूटी उत्पादन क्षेत्र, १५ ब्लॉक सघन फल पटटी तथा १५ ब्लॉकों में सघन डेरी विकास क्षेत्र विकसित किये जायेंगें। उनका कहना है कि औद्योगिक तथा सूचना क्रांति के उपकरण और सॉफ्टवेयर निर्माण के लिए राज्य को चार भागों में बांटा गया है।

उनका कहना है कि राज्य के हर ब्लॉक में कॉरपोरेट कंपनी की तर्ज पर राज्य आंदोलनकारियों, युवा एवं पूर्व सैनिकों की कारपोरेट कंपनी या सरकारी संस्था गठित की जायेगी तथा आर्थिक तकनीकी सहयोग एवं प्रशिक्षण देकर ब्लॉक स्तर पर होने वाली सरकारी कार्यों को पूरा करने के लिए इन कंपनियों, सहकारी समितियों को प्राथमिकता दी जायेगी।उनका कहना है कि सभी एकल महिलाओं, विधवा, तलाकशुदा, परितक्या के बच्चों को शिक्षा प्रोत्साहन के तौर पर आर्थिक सदायता दी जायेगी और सामाजिक पेशन को सार्वभौमिक किया जायेगा और पेंशन में महंगाई के अनुपात में बढोत्त्तरी की जायेगी।

समस्त कार्यों के टेण्डर में राज्य के मूल निवासी अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों को १५ प्रतिशत अधिमान तथा पात्रता योग्यता में छूट दी जायेगी। महिलाओं को जलाऊ लकडी इकटठा करने के बोझ और चूल्हे के धुएं से निजात दिलाने के लिए गैस सिलेण्डर में सब्सिडी प्रदान की जायेगी। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली महिलाओं को रसोईघर बनाकर दिया जायेगा और सालाना रूपये दो लाख से कम आये वाले परिवार की माहिलाओं को रसोईघर बनाने या नवीनीकरण करने के लिए कुल खर्च का आधा, अधिकतम बीस हजार रूपये की सहायता प्रदान की जायेगी।