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रोपवे से पहले स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार !

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देहरादून। साल 2013 के जून माह में केदारनाथ में आई आपदा के बाद काफी मुश्किल से केदारनाथ में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। केदारनाथ धाम को लेकर खुद प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी भी काफी सक्रिय हैं, केदारनाथ का विकास प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इसके लिए केदारनाथ विकास प्राधिकारण का गठन भी किया जा चुका है।
केदारनाथ में पर्यटकों की संख्या में सुधार हो इसके केदारनाथ धाम की यात्रा को सुगम बनाने के लिए सरकार केदारनाथ में रोप-वे लगा रही है। ताकि केदारनाथ आने वाले पर्यटकों की केदारनाथ यात्रा सुगम हो। केदारनाथ में रोप-वे लगने से स्थानीय लोग काफी चिंतित हैं।
केदारनाथ यात्रा से वहां के हजारों स्थानीय  लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। केदारनाथ का पांडा समाज, होटल व्यवसाई, टैक्सी वाहन चालक, डंडी कंडी और करीब 10 हजार घोड़े खच्चर से जुड़े लोग। केदारनाथ में रोपवे लगने से सीधे-सीधे 10 हजार घोड़े-खच्चर वाले प्रभावित होंगे। जिसने इनके परिवार का भरणपोषण होता है।
राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत स्थानीय लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम रोपवे से केदारनाथ यात्रा को सुगम बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घोड़े खच्चर वालों से गंदगी और बदबू आती है। वहीं घोड़े-खच्चर से गिरने से लोगों को चोट भी आ जाती है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि रोप-वे लगाने से पहले स्थानीय लोगों को रोजगार भी दिया जाएगा। केदारनाथ में मल्टीपर्पज व्हीकल चलाने पर भी गौर किया जा रहा है। इसके अलावे अन्य ट्रैक जैसे कूबेर गुफा, मैथाना ट्रैक और भी ट्रैक विकसित कर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों के रोजगार के लिए चिंतित है। इसी प्रकार अन्य साइट जैसे गंगोत्री और यमनोत्री को विकसित किया जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों को ज्यादा से ज्याद रोजगार मिले।रोपवे लगाने की बात पर खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस नेता और केदारनाथ से विधायक मनोज रावत ने सतपाल महाराज पर निशाना साधते हुए कहा कि सतपाल महाराज का घोड़े-खच्चर से रास्तों में गंदगी और बदबू आती है काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इन्हीं घोड़े-खच्चर वालों के कंधे पर बैठ कर सतपाल महाराज राजनीति में आए हैं और स्थिति पर स्थापित हुए है।
मनोज रावत ने कहा कि केदारनाथ क्षेत्र के करीब 10 हजार लोग घोड़े खच्चर के व्यवसाय से जुड़े हैं। जिससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। उन्होंने कहा कि हम किसान हैं और हमें घोड़े-खच्चर से बदबू नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज ने अगर यह बयान गलती से दिया है तो  उन्हें अपने बयान पर जल्द से जल्द क्षेत्र के घोड़ा-खच्चर वालों से माफी मांगनी चाहिए।