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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से प्रभावित काश्तकारों ने गिनाई अपनी समस्याएं

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प्रभावितों ने की योग्यता के आधार पर रोजगार देने की मांग,सुमेरपुर में हुई रेल लाइन से प्रभावित ग्रामीणों की अंतिम जनसुनवाई

रुद्रप्रयाग।126 किमी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई ब्राडगेज रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिये तहसील रुद्रप्रयाग के 10 गांवों (दैजीमाण्डा, खांकरा, नरकोटा, पुनाड, तिलणी, सुमेरपुर, रतूडा, मवाणा, नगरासू, बहडगांव) में भूमि अधिग्रहण के लिये सामाजिक समाघात अध्ययन के उपरान्त सुमेरपुर मे अंतिम जनसुनवाई की गई। रेलवे के निर्माण में रुद्रप्रयाग के 10 गांवों की 23.454 हेक्टयेर भूमि रेलवे की ओर से अधिग्रहीत की जा रही है।
सुनवाई के दौरान सुमेरपुर के काश्तकारों ने कहा कि रेलवे लाइन के निर्माण में प्रयुक्त भूमि में डिमार्केशन किया जाए, जिससे ढंग से पता चल सके कि कहा से होकर रेलवे लाइन गुजरेगी। इस संबंध में रेलवे के डीजीएम बीपीपी बगोडा ने बताया कि लाइन के लिये प्रयुक्त भूमि में तार लगा दी जाएगी व 10-12 फीट की ऊंचाई तक ही रेलवे डम्पिग जोन बनायेगा।
सुमेरपुर निवासियों ने कहा कि नगरपालिका द्वारा भवन किराया लिया जाता है, जिसके सभी दस्तावेज हैं, लेकिन मुआवजे मंे रेलवे द्वारा जमीन का मुआवजा नगरपालिका की दर के अनुसार व भवन का मुआवजा ग्रामीण रेट के आधार पर निर्धारित किया जा रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों को अवगत कराया गया कि जो खसरे नगरपालिका में अधिसूचित है वहां जमीन व भवन का मुआवजा नगरपालिका की दर के अनुरूप बनेगा। जितने भी इस तरह के प्रकरण हैं, उनका पुनः आंकलन तैयार किया जाय।
ग्रामवासियों ने रेलवे द्वारा योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान करने के साथ ही अपनी अन्य समस्याएं रखी। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि जिन लोगों के खेत के रकबे में अन्तर था, उन्हें भूअभिलेखों के आधार पर ठीक कर दिया गया है व सभी की आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है।
रेलवे लाइन के निर्माण के दौरान ग्रामवासियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जायेगा। इसके लिए विश्व स्तरीय वैज्ञानिकों द्वारा अध्ययन किया गया है। सभी ब्रिज, टनल का निर्माण कार्य अन्तर्राष्ट्रीय मापदण्डो के अनुरूप किया जायेगा। सुरक्षा प्रबन्धन समिति द्वारा सुरक्षा के सभी प्रावधान किये जायंेगे तथा मलवे का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से किया जायेगा।