udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news सड़क दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा

सड़क दुर्घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा

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देहरादून: जल्द से जल्द रोड सेफ्टी ऑडिट का कार्य पूर्ण कराएं। ब्लैक स्पॉट को दूर करने में तेजी लाएं। प्रवर्तन को और अधिक प्रभावशाली बनाएं। सड़क दुर्घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। 16 अगस्त से पूरे प्रदेश में परिवहन, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का संयुक्त अभियान चलाया जाए। ये निर्देश मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह ने जिलाधिकारियों को दिए। मुख्य सचिव ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सड़क सुरक्षा के बारे बैठक की।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों से दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। कहा कि जिन स्थानों पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें चिन्हित कर दुर्घटना के कारक को दूर किया जाय। इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर कार्य करते रहें। साथ ही तत्काल समाधान के लिए लघुकालीन उपाय करें। उन्होंने कहा कि गाड़ियों का फिटनेस सर्टिफिकेट केवल विशेषज्ञों द्वारा ही दिया जाय। सार्वजनिक बसों नें जीपीएस भी लगाएं जाय। स्टीकर भी लगाएं जिस पर व्हाट्सएप्प नंबर दिए जायं। जिससे कि ड्राइवर के नशे की हालत में होने या तेजी से गाड़ी भगाने की स्थिति में सवारी मैसेज करके संबंधित अधिकारी को शिकायत कर सके।
बैठक में सचिव परिवहन श्री शैलेश बगोली ने बताया कि जिलों में सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक होती है। बताया कि सघन प्रवर्तन की वजह से जनवरी से जून तक सड़क दुर्घटनाओं में कमी आयी है। इस अवधि में वर्ष 2017 में 783 दुर्घटनाएं हुई थीं, जो वर्ष 2018 में घटकर 746 हो गई। 50764 चालान किए गए और 19774 में रेड लाइट जंपिंग, ओवर लोडिंग, ओवर स्पीडिंग, मोबाइल पर बात करने या नशे की हालत में वाहन चलाने पर लाइसेंस के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
स्पीड गवर्नर लगाने के लिए वाहन स्वामी को नोटिस भेजा जा रहा है। पुलिस के 319 और परिवहन विभाग के 40 एल्कोमीटर के जरिए नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों को चेक किया जा रहा है। ई-चालान लागू किया जा रहा है। 937 चिन्हित ब्लैक स्पॉट दूर किए जा रहे हैं।
इन स्थानों पर क्रैश बैरियर, पैरापेट, साइनेज लगा दिए गए हैं। स्कूली वाहनों और अन्य गाड़ियों की ओवर लोडिंग चेक की जा रही है। दोपहिया वाहनों के पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चम्पावत और उत्तरकाशी जनपदों में सड़क दुर्घटनाओं में भारी कमी आयी है। जनपद पौड़ी और अल्मोड़ा में प्रवर्तन की प्रभावी कार्यवाही करनी होगी।
बैठक में डीजीपी श्री अनिल रतूड़ी, प्रमुख सचिव गृह श्री आनंद बर्धन, एडीजी श्री अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।