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सऊदी अरब में 11 शहज़ादे, कई मंत्री गिरफ्तार, मचा हड़कंप !

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सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई अब तक की सबसे बडी कार्रवाई,मचा हो हल्ला

प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई वाले नए भ्रष्टाचार निरोधक आयोग का गठन

रियाद: सऊदी अरब में 11 शहज़ादे, कई मंत्री गिरफ्तार, मचा हड़कंप ! सऊदी अरब में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘निर्णायक’ कार्रवाई के तहत एक प्रमुख कारोबारी सहित 11 शहजादों और दर्जनों मौजूदा और पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस कार्रवाही के बाद वहां हडकंप मच गया है और लोग हैरत में हैं कि इतनी बडी कार्रवाई कैसे हो गयी।

 

आपको बता दें कि मीडिया की खबरों के अनुसार, देश के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अगुवाई वाले नए भ्रष्टाचार निरोधक आयोग का गठन होने के बाद ये गिरफ्तारियां की गईं. खबरों में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में अरबपति कारोबारी अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं.इस कार्रवाहई के लिए लंबे समय से तैयारी चल रही थी और इस कार्रवाई के पूरा होने से खलबली मच गयी है।

 

 

इसके अलावा, कभी तख्त के प्रमुख दावेदार माने गए सऊदी नेशनल गार्ड के प्रमुख को भी बर्खास्त कर दिया गया है. साथ ही में, नौसेना प्रमुख और आर्थिक मामलों के मंत्री को भी हटा दिया गया है. इस घटनाक्रम ने समूचे देश को हिला कर रख दिया है. सऊदी अरब के सरकारी अल अरबिया चैनल ने खबर दी है कि आयोग ने लाल सागर के तट पर बसे जेद्दा शहर में साल 2009 में आई विनाशकारी बाढ़ जैसे पुराने मामलों की जांच शुरू करते ही शहजादों, चार मौजूदों और दर्जनों पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार कर लिया.

 

 

आपको बता दें कि सऊदी अरब की सरकारी प्रेस एजेंसी ने कहा कि आयोग का लक्ष्य सार्वजनिक धन को बचाना, भ्रष्ट लोगों और ओहदों का दुरूपयोग करने वालों को दंडित करना है. इस बीच देश के उलेमा की शीर्ष परिषद ने कार्रवाई पर जरूरी मजहबी समर्थन देते हुए ट्वीट किया कि भ्रष्टाचार रोधी प्रयास उतने ही अहम हैं जितनी कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अहम है.

 

 

उल्लेखनीय है कि सितंबर में प्रभावशाली उलेमा और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं और 32 साल के मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता पर अपनी पकड़ को मजबूत किया. विशेषज्ञों का कहना है कि हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग शहजादे मोहम्मद की आक्रामक विदेश नीति की मुखालफत करते हैं जिसमें खाड़ी पड़ोसी कतर का बहिष्कार करना और कई बड़े नीतिगत सुधार शामिल हैं. बड़े नीतिगत सुधारों में सरकारी संपत्ति का निजीकरण करना और सब्सिडी कम करना जैसी बाते हैं.

 

 

ताजा कार्रवाई में, शहजादे मुतैब बिन अब्दुल्लाह को नेशनल गार्ड के पद से बर्खास्त किया गया है. नेशनल गार्ड आतंरिक सुरक्षा का अहम बल है. उनकी बर्खास्तगी से देश के सुरक्षा संस्थानों पर शहजादे मोहम्मद की पकड़ मजबूत होगी. जून में, मोहम्मद बिन सलमान ने तख्त का उत्तराधिकारी बनने के लिए अपने 58 साल के चचेरे भाई शहजादे मोहम्मद बिन नायफ को किनारे करा दिया था.

 

 

उस वक्त, सऊदी अरब के चैनलों पर एक वीडियो में दिखाया गया था कि मोहम्मद बिन सलमान अपने बड़े भाई मोहम्मद बिन नायफ का हाथ चूम रहे हैं और आदर में उनके सामने घुटने पर बैठ गए. पश्चिमी मीडिया ने बाद में खबर दी कि मोहम्मद बिन नायफ को नजरबंद कर दिया गया था. इस दावे का सऊदी अधिकारियों ने कड़ाई से खंडन किया.

 

 

पहले से ही शासक के तौर पर देखे जा रहे, मोहम्मद बिन सलमान सरकार के सभी अहम हिस्सों पर नियंत्रण कर रहे हैं जिसमें रक्षा से लेकर आर्थिक मामले शामिल हैं. इन गिरफ्तारियों से साफ है कि शहजादे अपने पिता शाह सलमान (81 साल) से औपचारिक तौर पर सत्ता लेने से पहले उन लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर कर रहे हैं जिनसे उन्हें विरोध का सामना करना पड़ सकता है.