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सरकारी इंतजामों को चुनौती दे रहा है स्वाइन फ्लू

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देहरादून। सरकारी इंतजामों को स्वाइन फ्लू लगातार चुनौती दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जरूर जारी किया है, लेकिन इसका असर होता नहीं दिख रहा। इस बीमारी के दो और संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई। इनका हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में इलाज चल रहा था। एक मरीज ऋषिकेश और दूसरा हरिद्वार के ज्वालापुर का रहने वाला था। इनकी मौत से स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मचा हुआ है।

 

स्वाइन फ्लू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। जनपद देहरादून में इस साल स्वाइन फ्लू से छह मरीजों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को दो और संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई। इनमें ऋषिकेश निवासी मरीज की उम्र 54 वर्ष, जबकि हरिद्वार निवासी शख्स की उम्र 42 साल थी। इन दोनों को ही 15 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और डॉक्टरों के मुताबिक दोनों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए थे।

 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. तारा चंद पंत ने बताया कि मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण थे, इसलिए दोनों के सैंपल एनसीडीसी दिल्ली भेजे गए हैं। जिनकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। डॉ. पंत ने बताया कि अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अस्पतालों को कम से कम 10 बेड का स्वाइन फ्लू और डेंगू वार्ड बनाने का निर्देश दिया गया है।

 

प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर लगातार जारी है। इस साल अब तक 80 मरीजों के सैंपल एनसीडीसी दिल्ली भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 22 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। स्वाइन फ्लू से सात मरीजों की मौत भी हो चुकी है। स्वास्थ विभाग अभी इस समस्या से जूझ ही रहा था कि डेंगू ने भी दोहरा मोर्चा खोल दिया है।

 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. तारा चंद पंत ने बताया कि सभी अस्पतालों को दोनों बीमारियों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी संदिग्ध मामला आने पर तुरंत बताने को कहा गया है। डेंगू से बचाव के लिए शहर में फॉगिंग कराई जा रही है।

 

स्वास्थ्य विभाग को राजधानी देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर का लार्वा मिला है। एडीज के लार्वा को मच्छर बनने में लगभग एक सप्ताह लगता है। 20 से 40 डिग्री का तापमान इस मच्छर के लिए खासा उपयुक्त है।

 

राज्य में मानसून की वजह से लगातार बारिश हो रही है और इससे शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जो डेंगू मच्छर के लिए मददगार है।