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सर्दी की भेंट चढ़ीं कई जिंदगियां,उत्तर भारत में जानलेवा ठंड का कहर

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जानलेवा ठंड के कहर से शुरू हुआ हादसों का सिलसिला,उत्तर प्रदेश में ठंड से 35 की मौत

घना कोहरा हादसों को न्योता दे रहा , कटीली हवाओं ने लोगों के हाथ-पैरों को कर दिया जाम 

उदय दिनमान डेस्कः सर्दी की भेंट चढ़ीं कई जिंदगियां,उत्तर भारत में जानलेवा ठंड का कहर!  इसके साथ ही मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। रात तो रात नि में भी लोगों का बुरा हाल हो रहा है। देहरादून में सुबह 8.30 बजे तक कई राजमार्गों पर गाडिया रोशनी में चलने को मजबूर थी। वही देश के अन्य भागों में भी ठंड से जनजीवन बेहाल हो गया है।कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है।

कोहरे और सर्दी का असर रेलवे और रोडवेज पर भी पड़ रहा है। अधिकांश ट्रेन लेट चल रहीं है, जबकि रोडवेज में ठंड के कारण यात्रियों की संख्या कम हो गई है। इससे निगम की चिंता बढ़ गई है। रोडवेज से दिन में अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है। पूरे उत्तर भारत में जानलेवा ठंड का कहर जारी है। जिस तरह से पाला बरस रहा है, उससे कड़कड़ाती ठंड से राहत मिलने के हाल में कोई आसार नजर नहीं आ रहे। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, रैन बसेरों में लोग भरे पड़े हैं। शीतलहर का प्रकोप अब लोगों की जान पर बन आया है। घना कोहरा हादसों को न्योता दे रहा है, तो कटीली हवाओं ने लोगों के हाथ-पैरों को मानों जाम कर दिया हो।

पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में कम होने नाम नहीं ले रहा है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में  सूर्यदेव निकले, लेकिन थोड़ी ही राहत मिल सकी। शीतलहर और ठंडी हवाओं के आगे धूप फीकी रही। इस दौरान धूप खिलने से तापमान में उछाल आया, लेकिन शाम फिर से वही हालात बन गए। बर्फीली हवाओं से जीना मुहाल हो गया। सूर्य की किरणें बादलों के बीच से ही झांकती रही जिसके चलते लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पाई। शीतलहर चल रही थी। कोहरा छंटा तो आसमान में बादल छा गए। इससे शीतलहर का कहर बरकरार रहा। दिन में रात जैसी ठिठुरन रही। दिनभर चली शीतलहर से लोगों का घर से निकलना दुश्वार हो गया।

 

रात तो रात नि में भी लोगों का बुरा हाल

उत्तर प्रदेश में ठंड से 35 की मौत

उत्तर प्रदेश में ठंड से प्रभावित मरीजों की भी संख्या बढ़ती दिखी है। सर्दी के प्रकोप ने 31 लोगों की जान ले ली। जबकि कोहरे से हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, वहीं कई घायल भी हुए। ठंड की वजह से मुजफ्फरनगर और शामली जिलों में चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, मुजफ्फरनगर में आज पारा 3.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया जबकि सुल्तानपुर और फुरसतगंज में न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले एक हफ्ते से जारी जमा देने वाली ठंड से परेशान लोग सूरज निकलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पड़ाहों पर बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ा रखी है। हालांकि इस बीच मौसम विभाग से थोड़ी राहत की खबर जरूर मिली। मौसम विभाग के अनुसार अगरे 48 घंटे में मैदानी इलाकों में सर्द दिन और शीतलहर के प्रकोप से राहत मिलेगी।

धुंध के कारण दृश्यता शून्य , सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए
हरियाणा में जनवरी महीना शुरू होते ही हाड़ कंपा देने वाली ठंड का प्रकोप भी शुरू हो गया है। पहाड़ों में बर्फबारी और शीतलहर के कारण अमृतसर का न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में नारनौल का न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गुरुवार को रेवाड़ी का न्यूनतम तापमान जीरो डिग्री से भी नीचे माइनस .5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं हिसार का तापमान भी तीन डिग्री दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट के कारण खेतों में पाला जमने लगा है। उधर, धुंध के कारण दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जिस कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।

मौसम मे छोटे बच्चों की विशेष देखरेख की जरूरत

चंडीगढ़ मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते ही मौसम में यह बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि एक दो दिन बाद दिन के तापमान में बढ़ौतरी व रात के तापमान में और अधिक गिरावट आनी शुरू होगी। इसके चलते दिन में लोगों को राहत की सांस मिलेगी लेकिन रात को कड़ाके की ठंड बरकरार रहेगी। इस मौसम मे छोटे बच्चों की विशेष देखरेख की जरूरत है। डॉक्टर राकेश के अनुसार सर्दी शुरू होते ही जन्म से लेकर साल भर तक के बच्चों के लिए विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। सर्दी में छोटे बच्चों को निमोनिया होने, तरह-तरह के संक्रमण, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ आदि समस्याएं आमतौर पर हो सकती हैं।