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सीडब्ल्यूजी 2018 : कड़े मुकाबले के लिए तैयार हैं भारतीय

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गोल्ड कोस्ट । राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी के मुकाबलों की शुरुआत गुरुवार से होगी। भारत के कुल 12 मुक्केबाज राष्ट्रमंडल खेलों में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिनमें आठ पुरुष व चार महिला मुक्केबाज शामिल हैं। पांच बार विश्व विजेता का खिताब अपने नाम करने वाली और ओलम्पिक पदक विजेता भारत की एम.सी मैरीकॉम की झोली में अभी तक राष्ट्रमंडल खेलों का पदक नहीं है। ऐसे में इस दिग्गज मुक्केबाज की नजरें अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल पदक पर होंगी।

पहले दिन भारत के मनोज कुमार पुरुषों के 69 किलोग्राम भारवर्ग में रिंग में उतरेंगे। इस बार इन खेलों में महिलाओं की श्रेणी में 45-48, 57 और 69 किलोग्राम भारवर्ग की स्पर्धाएं जोड़ी गई हैं। पुरुष वर्ग में खिलाड़ी 10 श्रेणी में पदकों के लिए जद्दोजहद करेंगे। 51 किलोग्राम भारवर्ग में भारत की पिंकी रानी पर सभी की नजरें हैं। उन्होंने आखिरी बार ग्लास्गो में खेले गए खेलों में कांसे पर कब्जा जमाया था। इस बार वो अपने पदक का रंग बदलने के लिए आतुर होंगी। इसी वर्ग में पिछले खेलों में रजत जीतने वालीं नार्दन आइलैंड की मिशेल वाल्श इस बार 57 किलोग्राम भारवर्ग में उतर रही हैं।

भारत की एक और दिग्गज मुक्केबाज सरिता देवी को 60 किलोग्राम भारवर्ग में रजत मिला था। इस बार वो सोने के लिए मुक्के बरसाएंगी। मेरी कॉम, सरिता और पिंकी के अलावा लाइश्राम देवी (60 किलोग्राम भारवर्ग) में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। ग्लास्गो में खेले गए राष्ट्रमंडल खेलों में इंग्लैंड मुक्केबाजी की पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा था।

एक बार फिर माना जा रहा है कि इंग्लैंड बाजी मार ले जाएगा। उसकी टीम की अगुआई दो बार की विश्व चैम्पियनशिप विजेता लिसा व्हाइटसाइड (51 किलोग्राम भारवर्ग) करेंगी। उनके अलावा नताशा गाले (75 किलोग्राम भारवर्ग) में उतरेंगी। इंग्लैंड के रास्ते में कोई वास्तविक रोड़ा है तो वो भारत ही है। मेजबान देश आस्ट्रेलिया की पांच सदस्यीय टीम उतरेगी जिसकी अगुआई विश्व चैम्पियनशिप की रजत पदक विजेता काये स्कॉट (69 किलोग्रा भारवर्ग), स्काई निकोलसन (57 किलोग्राम भारवर्ग) करेंगी।

पुरुषों में भारत के आठ मुक्केबाज अमित (49 किलोग्राम भारवर्ग), गौरव सोलंकी (52 किलोग्राम भारवर्ग), मनीष कौशिक (60 किलोग्राम भारवर्ग), मनोज कुमार (69 किलोग्राम भारवर्ग), हुसम मोहम्मद (56 किलोग्राम भारवर्ग), सतीश कुमार (91 किलोग्राम भारवर्ग से ज्यादा), नमन तंवर (91 किलोग्राम भारवर्ग से ज्यादा), विकास कृष्ण (75 किलोग्राम भारवर्ग) पदक की कोशिश में होंगे।
मनोज ने 2010 में नई दिल्ली में खेले गए खेलों में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था।

उनके पास इस बार अपनी सफलता को दोहराने का बेहतरीन मौका है। वहीं विकास कृष्ण और नमन से भी भारत को काफी उम्मीदे हैं। न्यूजीलैंड के डेविड न्यइका पर भी सभी की नजरें होंगी जो इस बार 91 किलोग्राम भारवर्ग में उतरेंगे। चार साल पहले 64 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक हासिल करने वाले नामीबिया के जोनस जानास इस बार सोने की ताक में होंगे। घाना के अब्दुल ओमर (52 किलोग्राम), स्कॉटलैंड के रीके मैक्फेडन (52 किलोग्राम भारवर्ग), केन्या के बेनसन जानगिरू (56 किलोग्राम भारवर्ग) एक बार फिर पदक के दावेदार के रूप में रिंग में उतरेंगे।