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शर्मनाकः नवजात को चार घंटे तक बंधक बनाए रखा, मौत

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नई टिहरी। एक मिशनरी अस्पताल के प्रबंधकों ने अस्पताल की फीस न देने पर एक नवजात को चार घंटे तक बंधक बनाए रखा, जिससे उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन पर यह आरोप लगाते हुए नवजात के पिता ने डीएम से शिकायत की। डीएम सोनिका ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मामला जिले की चम्बा में 18 मार्च का है।

मिली जानकारी के अनुसार चंबा ब्लॉक के कांडा गांव निवासी कुलवीर सिंह की पत्नी ने 18 मार्च को पत्नी को मसीह अस्पताल में भर्ती कराया। ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। 23 मार्च तक उसकी पत्नी अस्पताल में ही भर्ती रही। इस दिन अस्पताल के डॉक्टर आए और उनकी बच्ची को लेकर आपरेशन वार्ड में गए और दो घंटे बाद आकर कहा कि तुम बच्ची को ऋषिकेश ले जाओ, यहां पर बच्ची ठीक नहीं हो सकती।

इस दौरान अस्पताल कर्मचारी उनसे पैसे मांगने लगे, जबकि उन्होंने पहले ही दिन 11 हजार रुपये जमा करा दिए थे। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने 23 मार्च को भी दस हजार रुपये लिए और चार घंटे बाद नवजात बच्ची को उसे दिया। कुलवीर ने डीएम से की शिकायत में कहा कि वह नवजात को लेकर ऋषिकेश के लिए रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। ऋषिकेश के निर्मल आश्रम में डॉक्टर ने बताया कि बच्ची को जरा पहले लाए होते तो उसकी जान बच सकती थी।

कुलवीर सिंह ने डीएम से कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने पैसे के कारण समय पर उनकी बच्ची को उन्हें नहीं दिया, जिससे उपचार के अभाव में उसकी जान चली गई। उन्होंने मसीह अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीएम सोनिका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. आरती ढौंढियाल को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

उधर इस मामले में मसीह अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि यह केस अस्पताल में आया था। इनका बिल 32 हजार हुआ था, लेकिन हमने केवल बीस हजार ही लिए थे। बच्ची के जन्म के छठे दिन उसकी हालत बिगड़ गई, जिस पर बच्ची को हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।