udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news सोना उगलने वाली नदी : यहां जाल फेंकने पर मछलियां नहीं, निकलता है सोना ! 

सोना उगलने वाली नदी : यहां जाल फेंकने पर मछलियां नहीं, निकलता है सोना ! 

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उदय दिनमान डेस्कः सोना उगलने वाली नदी : यहां जाल फेंकने पर मछलियां नहीं निकलता है सोना ! चौक गए ना !जी, हां यह सत्य है और यह नदी है हमारे देश भारत में।आपको विश्वास नहीं हो रहा होगा लेकिन यह सत्य है और यह नदी सोना आज से नहीं बल्कि सदियों से उगल रही है और इससे हजारो परिवार पलते हैं। इस नदी में मछलियां तो मिली ही नहीं है यहा मिलता है सिर्फ सोना!

 

भारत को प्राचीनकाल में सोने की चिढिया यू ही नहीं कहा जाता था, जब इस देश के पानी में भी सोना निकले तो इसे सोने की चिडिया नहीं तो ओर क्या कहेंगे। भारत की भूमि को बीरों की भूमि और अन्य कई उपाधियों से नवाया जगया है। वैसे तो इस संसार के रहस्य का सही पता आज दिनतक कोई नहीं लगा पाया और धीरे-धीरे इस संसार के रहस्यों के बारे में पर्दा समय-समय पर उठता रहा है, लेकिन कुछ ऐसी अनसूलझे पहलुओं के बारे में जानकारी मिले तो वह रोचक लगती ही है।

 

 

वैसे तो  भारत में कहीं ना कहीं आज भी ऐसे चमत्कार होते रहते हैं जिनको जानकर आप दांतों तले अंगुली जरूर दबा लेंगें। कई बार तो ऐसे चमत्कार हेाते हैं भारत देश में कि जिसे विज्ञान भी चुनौती नही दे सकता । आज हम आपको ऐसे ही चमत्कार के बारे में बताने जा रहें हैं जिसे जानकर आप एक बार तो सोचने पर मजबूर हो जाएंगें। ऐसा कुछ ही है जहां पर एक ऐसी नदी जो सोना उगलती है।इस बात को सुनकर तो कई लोग हैरान हो जाते ळे तो कई लोग परेशान और कई लोग इस खबर को फेक तक कहते है लेकिन जो हकीकत है वह यही है कि यह नदी सोना उगलती है।

 

 

 

आपको बता दें कि भारत नदियों का देश भी है। यहा कई नदियां है जो हमारी आस्था, श्रद्ध और विश्वास की ध्योतक हैं। देश की इन नदियों से जहां हमे पीने के लिए पानी मिलता है वहीं यहां खेती के साथ अन्य कई आवश्यकताओं की पूर्ति यहां की नदियां करती हैं। अब आपको बता रहे हैं, झारखंड के रत्नगर्भा क्षेत्र में निकलने वाली स्वर्णरेखा नदी भी एक ऐसा ही चमत्कार यहां पर होता हैं। यहां के आदिवासियों ने इस नदी का नाम नंदा रखा हैं।

 

यहां के लोग कहते हैं कि इस नदी के जल में सोने के कण शामिल हैं और आदिवासी लोग इसके यानि नदी के तल में से सोना छान-छान कर सोने केे कणां को इकट्ठा करते रहते हैं।बाजार में सोने का व्यापार करने वालो को बेच देते हैं। यहां के आदिवासी के लोगों का जीवन यापन ऐसे ही चलता है और यहां के लोग इस बात से खुश भी हैं। सचमुच भारत का देश अजीब चमत्कारों से भरा पडा हैं। बस जरूरत हैं तो खोजने की।

 

बता दे की इसके पीछे एक बहुत गहरा राज छुपा है, जिसे यहां की एक नदी ने अपने भीतर समेटा हुआ है. झारखंड की राजधानी रांची से करीब 15 किमी दूर पर है रत्नगर्भा. यह एक आदिवासी क्षेत्र है. यहां से स्वर्ण रेखा नाम की नदी बहकर निकलती है. ये कोई आम नदी नहीं है. इस इकलौती नदी में सोने का इतना भंडार समाया हुआ है कि जिसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते है.

 

कहा जाता है कि इस नदी में सोने के कण पायें जाते है इसलिए इसका नाम स्वर्ण रेखा पड़ा है.और यहां के आदिवासी दिन रात इन कणों को इक्कठा करते रहते है और स्थानीय व्यापारियों को बेचकर रोजी रोटी कमाते है. इस नदी की रेत से निकलने वाले सोने के कणों का अपना ही एक रहस्य है. इस रहस्य का पता अभी तक कोई नहीं लगा पाया है.