udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news सोने के टैक्स रेट पर होगा अंतिम फैसला! जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक 

सोने के टैक्स रेट पर होगा अंतिम फैसला! जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक 

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नई दिल्ली । केन्द्रीय वित्त, रक्षा और कॉरपोरेट मामले मंत्री श्री अरुण जेटली कल शनिवार, 03 जून को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होने वाली वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 15वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

 
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें जीएसटी परिषद की 14वीं बैठक में शेष रह गई वस्तुओं पर कर तथा उप-कर दरों को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

 

इसके अतिरिक्त एक दिन की बैठक के एजेंडे में अन्य मुद्दों के अलावा जीएसटी नियमों के प्रारूप और संबंधित प्रपत्र में संशोधन को मंजूरी भी शामिल है। बैठक में जीएसटी परिषद के सदस्य होने के नाते विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

 
छह कमोडिटी की तय होंगी दरें
जीएसटी परिषद शनिवार को सोना, टेक्सटाइल्स और बिस्किट समेत छह कमोडिटी के टैक्स रेट पर अंतिम फैसला लेगी। केंद्र और राज्य एक जुलाई से देश में जीएसटी को लागू करने के लिए तेजी से मिलकर काम कर रहे हैं।

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी के विज्ञान भवन में होने वाली जीएसटी परिषद की इस 15वीं बैठक में कुछ वस्तुओं के टैक्स रेट की समीक्षा भी की जाएगी।

 

यह बैठक बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शेष बची कमोडिटी के लिए टैक्स रेट और सेस की दर तय की जानी है। इस बैठक में ड्राफ्ट जीएसटी नियम और संबंधित फॉर्म में संशोधन को मंजूरी देने पर भी विचार किया जाएगा।

 
एक जुलाई से लागू करने की तैयारी
मोदी सरकार एक जुलाई से देशभर में जीएसटी कानून लागू करने की तैयारी पर काम कर रही है, जिसके तहत जीएसटी परिषद ने पिछले महीने की बैठक में बिस्किट, टेक्सटाइल, फुटवियर, बीड़ी, तेंदू पत्ता के साथ कीमती धातुओं, मोती, कीमती और अद्र्ध-कीमती पत्थर, सिक्कों और इमीटेशन ज्वैलरी पर टैक्स रेट को टाले जाने के बाद अपने एजेंडे में इनकी दरों को तय करना शामिल किया है।

 

सूत्रों के मुताबिक कुछ राज्य सोने पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के साथ 4 प्रतिशत टैक्स रेट चाहते हैं, जिससे इस कीमती धातु पर टैक्स की दर मौजूदा 2 प्रतिशत के बराबर ही बनी रहे। कुछ राज्य 100 रुपए प्रति किलो से कम दाम वाले बिक्सिट पर जीरो टैक्स चाहते हैं, जबकि केंद्र इसे 12 प्रतिशत टैक्स स्लैब में रखना चाहता है।