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स्वरोजगार  : जड़ी-बूटियों से मिल सकता है रोजगार !

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गोपेश्वर। हिमालयी क्षेत्र के जंगलों में उगने वाले फरण, तुलसी, तेजपात व घरों में उगाए जाने वाले धनिया, पुदीना आदि जड़ी बूटियों के जरिये भी युवा रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इन उत्पादों का उपयोग विभिन्न व्यंजनों में जायका बढ़ाने के लिए किया जाता है। उद्योग विभाग के माध्यम से बैंक इन उत्पादों से स्वरोजगार के लिए ऋण भी मुहैया करा रहे हैं।

कल्नरी हर्ब्स अर्थात विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में जायका बढ़ाने वाले इन उत्पादों में उद्यमिता विकास को लेकर जिला उद्योग केंद्र ने महाविद्यालय गोपेश्वर के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एमएससी बाटनी के 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डॉ. एमएस सजवाण ने छात्र-छात्राओं को कलनरी हर्ब्स के उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार प्राप्त करने का आह्वान किया। वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. विनय नौटियाल ने बतौर मुख्य वक्ता कलनरी हर्ब्स पर पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न कलनरी हर्ब्स जैसे धनिया, तुलसी, कसूरी मेथी, तेजपात, पुदीना, जम्बू फरण, अजमोथ एवं कड़ी पत्ता आदि के उत्पादन, प्रोसेङ्क्षसग, पैकेङ्क्षजग, महत्व एवं बाजार की विस्तृत जानकारी दी।

मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने कहा कि सरकार 80 प्रतिशत सब्सिडी देकर किसानों को पॉली हाउस उपलब्ध करा रही है। इसमें हर्बल टी, फ्लोरी क्लचर, कलनरी हर्ब्स आदि का उत्पादन कर सकते है। उन्होंने कहा कि यदि किसान कलस्टर में कार्य करें तो वो स्थान किसी उत्पाद में विख्यात हो जाती है, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ जाता है।

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डॉ. एमएस सजवाण ने पावर प्रजेंटेशन के जरिये छात्रों को स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए जिला उद्योग केंद्र की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई। साथ ही जनपद में उद्यम स्थापना के लिए विभिन्न नये उभरते क्षेत्रों की जानकारी दी। हार्क के गणेश नौटियाल ने कहा कि हार्क इकाई को पहले रिवाल्विंग फंड से शुरू किया गया।

आज हार्क का टर्नओवर 60 लाख रुपये है, जिसमें 20 लाख का टर्नओवर केवल तुलसी के पत्तों का है। कहा कि जनपद के 15 ग्रामों के 400 किसानों को सहकारिता एवं स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इसमें सदस्यों को तुलसी उगाने से लेकर पैकेङ्क्षजग करने तक प्रत्येक सदस्य की आमदनी पांच से पचास हजार तक की है।

स्वजल के सेवानिवृत्त परियोजना प्रबंधक कुंवर ङ्क्षसह रावत ने कहा कि जनपद में यात्रा मार्ग के कारण स्वरोजगार की अपार संभावना है। नवयुवकों को आज आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर डॉ. हेमलता नौटियाल, डॉ. गिरजा प्रसाद रतूड़ी, उद्योग केंद्र के सहायक प्रबंधक विक्रम ङ्क्षसह कुंवर, नवीन रावत भी मौजूद थे।