udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news स्वयं सिद्ध मुहूर्त  : दस साल बाद अक्षय तृतीया पर बन रहा सिद्ध योग

स्वयं सिद्ध मुहूर्त  : दस साल बाद अक्षय तृतीया पर बन रहा सिद्ध योग

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रुडकी। अक्षय तृतीया पर इस बार 18 अप्रैल को सिद्ध योग बन रहा है। ज्योतषाचार्यों के अनुसार अक्षय तृतीया स्वयं सिद्ध मुहूर्त है। दस साल बाद अक्षय तृतीय पर सिद्ध योग बन रहा है।

 

आईआईटी रुडक़ी स्थित सरस्वती माता मंदिर के पुजारी पंडित आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि तिथि, नक्षत्र और वार आदि के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर सिद्ध मुहुर्त बन रहा है। बताया कि दस साल बाद सिद्ध मुहूर्त आ रहा है। तिथि और आयुष्मान योग इस दिन बन रहे हैं। बैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को अक्षय तृतीया कहा जाता है।

 

ज्योतिशास्त्र के स्वयं सिद्ध मुहूर्तों में अक्षय तृतीया सर्वोपरी है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य मुहूर्त न होने पर भी किया जाता है। इस दिन दिए गए दान आदि का पुण्य अक्षय होता है। इस दिन विवाह, यज्ञोपवीत (उपनयन), मुंडन, गृह प्रवेश, भूमि, भवन, वाहन आदि खरीदना शुभ होता है।

 

बताया कि सनातन मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु ने परशुराम का अवतार लिया था। इसी दिन से सतयुग का प्रारंभ माना जाता है। देवी अन्नपूर्णा का जन्म भी इसी दिन माना जाता है। अक्षय तृतीया पर जौ, सत्तू, ककड़ी, चने की दाल, जल से भरा घड़ा, छतरी, जूते-चप्पल और ठंडी वस्तुओं का दान करने का विधान है।

 

जल दान करने से अपार संपत्ति की प्राप्ति होती है। वस्त्र दान करने से आयु की वृद्धि होती है। कुमकुम दान करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। स्वर्ण दान करने से सभी मनोवांछित कामनाओं की पूर्ति होती है। शंख और मोरपंख के दान से भाग्योदय होता है और चंदन दान करने से दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।

 

अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान करने पितृों के निमित्त तर्पण आदि करने से पितृों को अक्षय की प्राप्ति होती है। बताया कि इस दिन भगवान लक्ष्मी नारायण का पूजन एवं श्री सूक्त आदि का पाठ करना चाहिए। यह होंगे शुभ मुहूर्तपूजा का मुहूर्त सुबह 5.55 से दोपहर 12.20 बजे तक स्वर्ण आदि खरीदने का मुहुर्त सुबह 5.55 से 09.05 बजे तक, सुबह 10.45 बजे से दोपहर 12.21 बजे तक।