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टाटा ग्रुप ने टेलिकॉम यूनिट को बंद करने का फैसला !

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नई दिल्ली। टाटा ग्रुप ने सरकार को बताया है कि वह अपना वायरलेस बिजनस बंद करना चाहती है। इसके साथ ग्रुप के 21 साल पुराने टेलिकॉम सर्विस बिजनस का अंत हो जाएगा।

 

टाटा ग्रुप के चीफ फाइनेंशल ऑफिसर सौरभ अग्रवाल और टाटा टेलिसर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर एन श्रीनाथ ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट (डीओटी) के अधिकारियों से मुलाकात की और स्पेक्ट्रम होल्डिंग को सरेंडर करने या बेचने के तरीकों के बारे में बात की।

 

टाटा ग्रुप को कुछ स्पेक्ट्रम एडमिनिस्ट्रेटिव तौर पर अलॉट किया गया था, जबकि कुछ स्पेक्ट्रम उसने पिछले कुछ वर्षों में हुई नीलामी में खरीदे हैं। टाटा ग्रुप की टेलिकॉम यूनिट का नाम टाटा टेलिसर्विसेज है।

 

एक सूत्र ने बताया, टाटा ग्रुप के अधिकारियों ने अनौपचारिक तौर पर बिजनस बंद करने और लॉस दर्ज करने की जानकारी दी है। ग्रुप एक महीने में इसका प्रॉसेस शुरू करना चाहता है। टाटा ग्रुप के अधिकारियों ने टेलिकॉम डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ डेढ़ घंटे तक बात की। एक अन्य सूत्र ने बताया, टाटा ग्रुप को इस बारे में दूसरे डिपार्टमेंट्स को भी जानकारी देनी पड़ेगी।

 

बिजनस बंद करने की शुरुआत करने के बाद उसे 60 दिनों में इसे पूरा करना होगा। इसकी एक सब्सिडियरी टाटा टेलिसर्विसेज (महाराष्ट्र) शेयर बाजार में लिस्टेड है।

 

टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस के प्रवक्ता ने इस बारे में कमेंट करने से मना कर दिया। ग्रुप के 149 साल के इतिहास में यह पहली बड़ी यूनिट है, जो बंद होने जा रही है। इसे 1996 में लैंडलाइन ऑपरेशंस के साथ शुरू किया गया था।

 

कंपनी ने 2002 में सीडीएमए ऑपरेशंस शुरू किया था और उसके बाद 2008 में उसने जीएसएम टैक्नॉलजी को अपनाया। उसे जापान की एनटीटी डोकोमो से 14,000 करोड़ रुपये का निवेश भी मिला था, लेकिन जापानी फर्म ने 2014 में जॉइंट वेंचर से निकलने का फैसला किया।

 

एक अन्य सूत्र ने बताया कि बगैर नीलामी के कंपनी को जो स्पेक्ट्रम मिला था, उसे सरेंडर करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी के पास नीलामी में हासिल स्पेक्ट्रम की ट्रेडिंग का ऑप्शन है।

 

इसके लिए जो भी कीमत उसे मिले, स्वीकार करना होगा। उन्होंने बताया कि अगर टाटा ग्रुप स्पेक्ट्रम की ट्रेडिंग नहीं करता तो उसे सरकार को इसे लौटाना होगा और सालाना किस्तों में स्पेक्ट्रम के लिए रकम भी चुकानी पड़ेगी। टाटा टेलिसर्विसेज का वायरलेस सेगमेंट में मार्केट शेयर 3.5 पर्सेंट है और इस साल जुलाई तक कंपनी के पास 4.20 करोड़ कस्टमर्स थे।

 

उसे लॉस हो रहा है और कंपनी पर अभी करीब 30,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसका टाटा संस के फाइनेंशल परफॉर्मेंस पर बुरा असर पड़ रहा है। सेवाएं बंद करने से 30 दिन पहले कंपनी को यूजर्स को नोटिस देना होगा। कंपनी के कॉल सेंटर को फोन करने पर पता चला कि उसने कई सर्कल में नए ग्राहक लेना बंद कर दिया है।