udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news तब मैंने श्रीदेवी का हाथ पकड़ा और प्रार्थना की: रवीना टंडन

तब मैंने श्रीदेवी का हाथ पकड़ा और प्रार्थना की: रवीना टंडन

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तमाम जद्दोजहद के बाद मंगलवार देर रात श्रीदेवी का पार्थिव शरीर प्राइवेट एयरक्राफ्ट से मुंबई पहुंचा। इससे पहले जब शनिवार को उनकी मौत की खबर आई तो पहले तो किसी को विश्वास ही नहीं हुआ, लेकिन धीरे -धीरे उनके सैंकड़ों फैन्स उनके घर के बाहर जुटने लगे। उनके फैन्स ही नहीं बॉलिवुड के उनके दोस्त और साथी कलाकारों ने इस मौके पर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बॉलिवुड की कई हस्तियों ने उनके चले जाने के बाद अपना ग़म शब्दों में बयां किया है।

श्रीदेवी से मेरी पहली मुलाकात के वक्त मैं काफी छोटी थी। तब वह मेरे पिता रवि टंडन की फिल्म नजऱाना में राजेश खन्ना और शबाना आजमी के साथ काम कर रही थीं। मैं उन्हीं की गीतों पर डांस करते हुए बड़ी हुई हूं। साल 1994 में मुझे लाड़ला में उनके साथ काम करने का सौभाग्य मिला, तो मैं काफी खुश थी। इस फिल्म का पहला शॉट हम सभी को बेहद भावुक कर देने वाला था, क्योंकि श्रीदेवी वही काम कर रही थीं, जो दिव्या भारती के आकस्मिक निधन से अधूरा रह गया था। इस शॉट में दिव्या के साथ शक्ति कपूर और मैंने औरंगाबाद में एक सीन शूट किया था।

इस सीन को शूट करते समय दिव्या एक ही लाइन पर बार-बार अटक रही थीं और उन्हें कई रीटेक लेने पड़ रहे थे। छह महीने बाद जब उसी दफ्तर में हम लोग वही सीन श्रीदेवी के साथ शूट कर रहे थे, तो वह भी न जाने किस संयोग के चलते उसी लाइन में बार-बार अटक रही थीं, जहां दिव्या अटक रही थीं। हम सभी घबरा गए और शक्ति जी ने कहा कि हम गायत्री मंत्र का जाप करें।

मैंने श्रीदेवी का हाथ पकड़ा और प्रार्थना की, जिसके बाद नारियल फोडक़र हमने दोबारा शूटिंग शुरू की। तब तक मेरे खाते में महज दो फिल्में थीं और श्रीदेवी सुपरस्टार हो चुकी थीं। वह सबसे घुलमिल कर रहती थीं, जबकि मैं अधिकांश समय वैनिटी वैन में ही बिता दिया करती थी। तब उन्होंने मुझे कम्फर्ट लेवल पर लाना शुरू किया। जब हमने नया घर लिया तो सबसे पहले बोनीजी और श्रीदेवी ने ही वहां शिरकत की।

जया प्रदा
मुझे अभी भी ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं कोई बेहद डरावना सपना देख रही हूं। मैं जब इस सपने से जागूंगी, तो श्रीदेवीजी को जिंदा पाउंगी। वह अच्छी इंसान, एक अद्भुत नृत्यांगना और विलक्षण प्रतिभावान अभिनेत्री तो थीं ही, एक बेहद शानदार मां भी थीं। अपने लंबे करियर में उन्होंने कई सारे मनोरंजक किरदार निभाए और इसी के चलते वह हमेशा एक ड्रीम गर्ल के तौर पर याद की जाएंगी। हमने औलाद, आखिरी रास्ता और तोहफा जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया।

हम दोनों सेट पर हमेशा एक-दूसरे का काफी उत्साहवर्धन किया करते थे। श्रीदेवी काफी अंतर्मुखी होने के साथ ही साथ बेहद शर्मीली भी थीं। इसके अलावा वह अपने निर्देशक के निर्देशों का हमेशा पूरा पालन करती थीं। जब मेरे बेटे सिद्धार्थ की शादी हो रही थी, तो मैंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें आमंत्रित किया था और वह अपने पूरे परिवार के साथ शरीक भी हुई थीं। हम जब भी मिले तो उन्होंने गर्मजोशी से मेरा अभिवादन किया। अपनी बेटी जान्हवी की पहली फिल्म को लेकर काफी उत्साहित थीं।

जजूही चावला
मेरी पहली फिल्म सल्तनत आज से 30 साल पहले उन्हीं के साथ थी। उस वक्त मैं कॉलेज में फर्स्ट इयर की स्टूडेंट थी। सेट पर बहुत नर्वस थी मैं। वह सनी देओल की हिरोइन थीं और मैं कुणाल कपूर के साथ इंट्रोड्यूज हो रही थी। तब तक उनकी हिम्मतवाला, सदमा, मवाली जैसी कई हिट फिल्में आ चुकी थीं। चांदनी में वह लीड भूमिका में थीं, जबकि मैं गेस्ट अपीयरेंस में।

सच कहूं तो मैं अभिनय के क्षेत्र में उन्हें अपना आइडियल मानती हूं और यही वजह थी कि जब मुझे डर में मेन हिरोइन के रूप में कास्ट किया, तो मैं बहुत डरी हुई थी कि क्या श्री की तरह मैं भी दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतर पाऊंगी! मैंने उनकी चांदनी, चालबाज, लम्हे जैसी फिल्मों से बहुत कुछ सीखा। लोग कहते हैं कि मेरी कॉमिक टाइमिंग बहुत अच्छी है, मगर मुझे लगता है कि उन जैसी कॉमिक टाइमिंग वाली हिरोइन का मिलना दुर्लभ है। पर्दे पर वह किसी डॉल की तरह लगती थीं।

अव्वल नंबर की डांसर थीं वह। चाहे वह मेरे हाथों में नौ-नौ चूडिय़ां हों या फिर काटे नहीं कटते ये दिन और रात हो उनके एक्सप्रेशन अतुलनीय होते थे। फिर मुझे उनके साथ एक साबुन का विज्ञापन करने का मौका भी मिला, जिसमें शाहरुख बाथटब के अंदर थे और मुझे, हेमाजी, श्री जी और करीना बाथटब के बाहर पोज देना था। उस दिन उनकी बेटी जाह्नवी भी शूटिंग पर आई थी। आगे चलकर मैं जब मां बनी तो अपनी बेटी का नाम मैंने भी जाह्नवी रखा और मैंने जब उन्हें फोन करके यह बात बताई तो वह बहुत खुश हुई थीं।