udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news तम्बाकू को त्यागो भाई, जिन्दगी चुनें तम्बाकू नहीं

तम्बाकू को त्यागो भाई, जिन्दगी चुनें तम्बाकू नहीं

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पौड़ी: ‘‘चाहो जो जीवन सुखदायी, तम्बाकू को त्यागो भाई, जिन्दगी चुनें तम्बाकू नहीं‘‘ की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आज विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर राजकीय इंटर कालेज के सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि तम्बाकू के सेवन से मनुष्य की आयु कम होती है इसलिये तम्बाकू का प्रयोग न करने की सलाह उपस्थित जन समुदाय की दी।
उन्होंने कहा कि आज नशे की प्रवृत्ति युवाओं और बच्चों में तेजी से बढ़ रही है। जिसके लिए सचेत होने की आवश्यकता है। हमें नशे के सेवन से बचना होगा। क्योंकि इससे छोटी-छोटी बीमारियां ही घातक बीमारियों का रूप ले लेती हैं। जबकि हम तम्बाकू के सेवन में पैसा खर्च करते हैं फिर तम्बाकू से होने वाले बीमारियों पर पैसा खर्च कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि जागरूकता के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों के कारणों के प्रति जागरूक करें
। उन्होंने कहा कि मात्र तम्बाकू निषेध का कानून बनाने तथा जुर्माने व सजा आदि से ही यह कुवृत्ति दूर नहीं होगी। इसके लिए हमें अपने स्कूल, नगर, गांव तथा समाज में लोगों को जागरूक करना होगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों को तम्बाकू का सेवन न करने की शपथ भी दिलाई तथा हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी/अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 नरेंद्र कुमार त्यागी ने तम्बाकू के सेवन से होने वाली विभिन्न बीमारियों की जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि तम्बाकू सेवन से प्रतिवर्ष विश्व में 54 लाख लोगों की मृत्यु होती है तथा विश्व में होने वाली आठ में से छह मृत्यु तम्बाकू सेवन से होती है। उन्होंने बताया कि भारत वर्ष में 48 प्रतिशत पुरूष तथा 20 प्रतिशम महिलायें तम्बाकू का सेवन करती हैं।
फलस्वरूप भारत में ढाई हजार से अधिक लोगों की मौत तम्बाकू सेवन से होती हैं। यही नहीं भारत में 40 प्रतिशत कैंसर की बीमारी तम्बाकू सेवन से ही होता है। उन्होंने बताया कि भारत में हर रोज 5 हजार से अधिक युवक तम्बाकू का सेवन शुरू करते हैं। जिनमें 15 से 24 वर्ष के किशोर एवं युवकों द्वारा तम्बाकू का सेवन किया जाता है। उन्होंने कहा कि तम्बाकू छोड़ना संभव है इसे छोड़ने के लिए कोई समय सीमा नहीं है बल्कि यह कभी भी छोड़ा जा सकता है। उन्होंने बताया कि तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्ति के साथ ही उसके परिवार पर भी बुरा असर पड़ता है। तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 के सन्दर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान निषेध है। इन स्थानों पर धुम्रपान करने पर दो हजार का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि तम्बाकू के सभी प्रकार के विज्ञापनों पर प्रतिबंध है।
जिसके लिए एक हजार का जुर्माना या जेल अथवा दोनों हो सकते हैं।  उन्होंने बताया कि शैक्षणिक स्थानों के सौ वर्ग मीटर क्षेत्र में तम्बाकू की बिक्री प्रतिबंधित है तथा 18 वर्ष से कम आयु पर तम्बाकू उत्पादनों को बेचने पर दो सौ रूपये का जुर्माना निर्धारित है। इसके अलावा सभी तम्बाकू उत्पादों पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी न छापे जाने पर पांच हजार का जुर्माना या जेल अथवा दोनों निर्धारित हैं। जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित भाषण, पेंटिंग तथा कविता प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को जिलाधिकारी ने पुरस्कृत किया।
भाषण प्रतियोगिता में सक्षम तिवारी प्रथम, धर्मपाल द्वितीय तथा शुभम बिष्ट तृतीय स्थान पर रहे। इसी प्रकार पेंटिंग में शुभम बिष्ट प्रथम, अर्चित रावत द्वितीय तथा ऋषभ भंडारी तृतीय रहे। इसके अलावा कविता प्रतियोगिता में निखिल रावत प्रथम, अमन रावत द्वितीय तथा ऋतिक रावत तृतीय रहे। इसके अलावा विद्यालयों में  छात्रों पर तम्बाकू निषेध की मॉनिटरिंग हेतु पांच छात्रों को तम्बाकू निषेध वॉलेंटियर के रूप में नियुक्त किया गया। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 बीएस जगपांगी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अजीत  मोहन जौहरी, खंड शिक्षाधिकारी डीपी काला, प्रधानाचार्य जीआईसी विमल बहुगुणा समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों के अलावा स्कूली छात्र- छात्रायें तथा शिक्षक शिक्षिकायें उपस्थित रहे। फोटो समाचार
 
राज्य निर्वाचन आयोग उत्तराखंड की अधिसूचना के अनुसार रिक्त सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं सदस्य जिला पंचायत पद पर उप निर्वाचन की समय सारणी निर्धारित कर दी गई है। उक्त उप निर्वाचन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा अवगत कराया गया कि आगामी 5 व 6 जून को  नाम निर्देशन पत्र जमा, 7 जून को नाम निर्देशन पत्रों की जांच, 8 को नाम वापसी, 9 को निर्वाचन चिन्ह आवंटित तथा 19  जून को प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक मतदान तथा 21 जून को प्रातः 8 बज से मतगणना का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि  नाम निर्देशन पत्रों की बिक्री विकास खंड मुख्यालयों पर संबंधित आरओ तथा एआरओ द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि  इन निर्वाचनों के लिए वही प्रक्रिया अपनायी जाएगी जो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित एवं निर्देशित है। उन्होंने बताया कि सदस्य ग्राम पंचायत तथा प्रधान ग्राम पंचायत के स्थानों के नामांकन पत्र से लेकर निर्वाचन प्रतीक चिन्हों के आवंटन का कार्य, मतों की गणना तथा परिणामों की घोषणा संबंधित विकास खंड मुख्यालयों पर किया जाएगा जबकि सदस्य जिला पंचायत पद हेतु नामांकन पत्र से लेकर निर्वाचन प्रतीक चिन्हों के आवंटन का कार्य जिला पंचायत मुख्यालय पर तथा मतों की गणना विकास खंड मुख्यालय तथा निर्वाचन परिणाम की घोषणा संबंधित जिला पंचायत मुख्यायल पर की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) सुशील कुमार ने बताया कि जनपद के क्षेत्र पंचायत पौड़ी के डोभ श्रीकोट के रिक्त जिला पंचायत सदस्य का उप निर्वाचन तथा विकास खंड यमकेश्वर के रिक्त सदस्य क्षेत्र पंचायत  कोटा के अलावा विकास खंड द्वारीखाल के ग्राम पंचायत दिउसा, विकासखंड एकेश्वर के ग्राम पंचायत पालकोट एवं सगोड़ा, विकास खंड पाबौ के ग्राम पंचायत चौफंडा तथा विकास खंड कोट के ग्राम पंचायत पैडुल व सिल्सू के रिक्त प्रधान ग्राम पंचायतों के अलावा क्षेत्र पंचायत नैनीडांडा के आठ, बीरोंखाल के 18, पोखड़ा, एकेश्वर, पाबौ व थलीसैंण के दो-दो, दुगडडा के पांच, यमकेश्वर व द्वारीखाल के 14-14, जयहरीखाल के चार तथा क्षेत्र पंचायत कोट के नौ ग्राम पंचायत सदस्यों के रिक्त पदों पर उप निर्वाचन की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला पंचायत सदस्य डोभ श्रीकोट के लिए वेद प्रकाश जिला विकास अधिकारी को रिटर्निंग ऑफिसर तथा डा0 नरेंद्र कुमार जिला उद्यान अधिकारी को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नामित किया गया है।
इसी प्रकार सदस्य ग्राम पंचायत, प्रधान ग्राम पंचायत तथा सदस्य क्षेत्र पंचायत के पदों के उप निर्वाचन के लिए भी आरओ तथा एआरओ नामित किये गये हैं। जिनमें विकास खंड बीरोंखाल के लिए बीडीओ  बीरोंखाल आरएस चौहान के रिटर्निंग  तथा अवर अभियतंा आरईएस सजल गोयल को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड पोखड़ा के लिए खंड विकास अधिकारी आरएस पंवार को रिटर्निंग तथा सहायक विकास अधिकारी रमेश चंद्र को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, विकास खंड यमकेश्वर के लिए खंड विकास अधिकारी सुश्री अर्पणा बहुगुणा को रिटर्निंग तथा रणवीर सिंह कठैत एडीओ पंचायत को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड दुगड्डा के लिए बीडीओ सुश्री सुमन राणा को रिटर्निंग तथा ज्योष चदं्र चंदोला एडीओ पंचायत को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड नैनीडांडा के लिए बीडीओ संतोष जेठी को रिटर्निंग तथा अवर अभियंता एमआई प्रमोद कुमार को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड पाबौ के लिए बीडीओ पाबौ प्रवीण भट्ट के रिटर्निंग तथा एबीडीओ शशी रावत को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड कोट के लिए बीडीओ सुरेंद्र नौटियाल को रिटर्निंग तथा सहायक कृषि अधिकारी तैड़ी सुधीर नौटियाल को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड थलीसैंण के लिए बीडीओ भाष्करानंद भट्ट को रिटर्निंग तथा एडीओ पंचायत अनुसूया प्रसाद पांडे को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड एकेश्वर के लिए बीडीओ सुश्री सुमन लता को रिटर्निंग तथा एबीडीओ श्रीपतिलाल को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड जयहरीखाल के लिए बीडीओ जयेंद्र भारद्वाज को रिटर्निंग तथा एबीडीओ चंद्र शेखर को सहायक रिटर्निंग आफिसर, विकास खंड द्वारीखाल के लिए बीडीओ सुश्री आतिया परेवज को रिटर्निंग तथा एबीडीओ देवकीनंदन बडोला को सहायक रिटर्निंग आफिसर एवं विकास खंड पौड़ी के लिए बीडीओ प्रमोद कुमार त्रिवेदी को रिटर्निंग तथा एडीओ पंचायत राजेंद्र शाह को सहायक रिटर्निंग आफिसर नामित किया गया है। जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने नियुक्त सभी निर्वाचन तथा सहायक रिटर्निंग आफिसरों को निर्वाचन कार्यों हेतु विकास खंडों में उपस्थित रहने तथा अपने कर्तर्व्यों का निर्वहन करते हुए समय पर सूचना पंचस्थानि कार्यालय को प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं। रिक्त पदों पर त्रिस्तरीय उप निर्वाचन  के लिए आज 31 मई से आगामी 21 जून मतगणना समाप्ति तक आदर्श आचार संहिता भी प्रभावी रहेगी। जिला मजिस्ट्रेट/ जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने समस्त कार्यालयाध्यक्षों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के रिक्त पदों व मतगणना की समाप्ति तक संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता का कढ़ाई से निवर्हन करना सुनिश्चित करें।