udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news टीडीएस डिपॉजिट के लिए बैंकों के पीछे पड़े टैक्स अधिकारी

टीडीएस डिपॉजिट के लिए बैंकों के पीछे पड़े टैक्स अधिकारी

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मुंबई । टारगेट पूरा करने का आपाधापी में टैक्स अधिकारी बैंको के पीछे पड़ गए हैं और कहते फिर रहे हैं कि वे डिपॉजिट्स, सैलरी और अन्य मदों पर ब्याज के टीडीएस को हर हाल में 31 मार्च तक जमा करा दें।

बैंकों और कंपनियों को किसी भी महीने के लिए टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स को अगले महीने की सातवीं तारीख तक जमा करने की इजाजत होती है। मार्च के लिए ऐसा टीडीएस वे 30 अप्रैल तक जमा कर सकते हैं, लेकिन पिछले हफ्ते टैक्स अधिकारी बैंकों से यह कहते फिर रहे थे कि वे टीडीएस को 31 मार्च तक जमा कर दें।

वे ऐसा वित्त मंत्रालय की रजामंदी से कर रहे थे। दरअसल टैक्स अधिकारियों के सामने रेवेन्यू टारगेट पूरा करने की चुनौती थी। 31 मार्च तक जमा टीडीएस को वित्त वर्ष 2017-18 के कर संग्रह में दिखाया जा सकता है।

टीडीएस भरने के लिए टैक्स अधिकारी यूं कर रहे मदद
एक बड़े प्राइवेट बैंक के मामले में तो मुंबई टैक्स ऑफिस टीडीएस की गणना में मदद के लिए भी आगे आया। मुंबई टैक्स ऑफिस ने बैंक को तकनीकी मदद देने की पेशकश की। वहीं एक अन्य इंस्टिट्यूशन को सलाह दी गई कि अगर वह 31 मार्च तक अगर टीडीएस की सही गणना नहीं कर सकता है, तो वह पिछले क्वॉर्टर के टीडीएस के आसपास की रकम जमा कर सकता है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि ये अधिकारी सेंट्रल ब्यूरो ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज के एक इंटरनल नोट के आधार पर यह सब कर रहे थे। 28 मार्च को जारी इस नोट में सीबीडीटी कमिश्नर आनंद झा ने मुंबई जैसे बड़े टैक्स सर्कल्स के प्रिंसिपल कमिश्नरों से कहा था कि बोर्ड के अनुरोध पर डिपार्टमेंट ऑफ फ़ाइनैंशल सर्विसेज (डीएफएस) ने बैंकों से कहा है कि वे 31 मार्च तक इस क्वॉर्टर का टीडीएस जमा कर दें। डीएफएस फाइनेंस मिनिस्ट्री की इकाई है।

जानकारी देने वाले शख्स ने बताया कि ईमेल में झा ने लिखा, मुझे आपसे यह अनुरोध करने का निर्देश मिला है कि आपके चार्ज में आने वाले सभी बैंकों का 31 मार्च 2018 तक टीडीएस जमा करना और बजट टारगेट हासिल करना सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाएं क्योंकि बैंकों से टीडीएस पहले जमा करने को कहा गया है।

कितनी राशि पर कितना टीडीएस
बैंक डिपॉजिट्स पर 10000 रुपये से ज्यादा ब्याज होने पर 10 पर्सेंट टीडीएस डिडक्ट कर लेते हैं। लिहाजा 5 लाख रुपये के डिपॉजिट पर अगर सालाना ब्याज आमदनी 7 पर्सेंट इंट्रेस्ट रेट पर 35000 रुपये हो, तो इस पर 3500 टीडीएस कटेगा। सैलरी (इस पर टीडीएस रेट इनकम स्लैब के अनुसार तय होती है) के अलावा बड़े ब्रांच नेटवर्क वाले बैंक रेंट पर 10 पर्सेंट टीडीएस चुकाते हैं।

सीनियर चार्टर्ड एकाउंटेंट दिलीप लखानी ने कहा, कमिश्नरों को टीडीएस जमा करने की डेट पहले खिसकाने का निर्देश देने वाला सीबीडीटी का कोई भी ऐसा सर्कुलर अस्थायी समाधान है। इससे सरकार को लंबी अवधि में कोई मदद नहीं मिलेगी। अगर इस साल की टैक्स लायबिलिटी 31 मार्च से पहले डिस्चार्ज कर दी जाए तो अगले साल कलेक्शन कम होगा।

पर्याप्त लिक्विडिटी वाली कंपनियों और बैंकों को हो सकता है कि इसका पालन करने में परेशानी न हुई हो, लेकिन फ़ाइनैंशल क्लोजिंग में वर्क लोड के बीच टीडीएस का काम भी जुड़ गया। हालांकि इस निर्देश का पालन नहीं करना किसी कानून का उल्लंघन नहीं होगा।