udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news टूरिस्ट ने मालदीव से मोड़ी नजरें, गौते खाने लगी अर्थव्यवस्था

टूरिस्ट ने मालदीव से मोड़ी नजरें, गौते खाने लगी अर्थव्यवस्था

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माले। मालदीव में बीते सप्ताह से आपातकाल की घोषणा के बाद यहां आने वाले पर्यटकों ने अपनी पर्यटन यात्राएं रद्द कर दी हैं। यहां के टूर ऑपरेटर्स की मानें, तो यहां की सरकार द्वारा यह विश्वास दिलाने के बावजूद, कि सैरगाह के लिए मशहूर इस आईलैंड पर हालात सामान्य रहेंगे अब भी रोजाना सैकड़ों पर्यटक यहां अपने होटलों की बुकिंग कैंसल कर रहे हैं।

 

पर्यटकों की इस बेरुखी का असर यहां की अर्थव्यवस्था पर पडऩे लगा है। बता दें पर्यटन से मालदीव की अर्थव्यवस्था में एक तिहाई का योगदान रहता है। तो यामीन भी शरीफ की तरह मुंह में कटोरा दबाकर चीन पहुँच जाएगा। घटिया नेता देश और जनता का बेड़ा गर्क करके जाते हैं।

 

राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन द्वारा यहां आपातकाल घोषणा करने के बाद चीन, भारत, अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को यहां पर्यटन करने को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने अपने देश में इमर्जेंसी घोषित करने के साथ-साथ उन जजों की गिरफ्तारी के आदेश भी दिए थे, जिन्होंने यहां के विपक्षी नेताओं को जेल से रिहा करने के आदेश दिए थे।

 

इसके बाद से यहां के पर्यटन के लिए हालात सामान्य नहीं रहे और विदेशी पर्यटकों ने अपनी यात्राएं रद्द करनी शुरू कर दी हैं। यहां पैराडाइज आईलैंड रिजॉर्ट विला ग्रुप के प्रवक्ता ने बताया, ‘यहां आपातकाल की घोषणा के बाद रोजाना 50 से 60 रूम कैंसल हो रहे हैं। अब इस देश में मौजूद हमारी सभी प्रॉपर्टीज का यही हाल है।’

 

पैराडाइज आईलैंड रिजॉर्ट विला ग्रुप यहां पर 282 रूम वाले होटल का संचालन करता है, यह रिजॉर्ट माले से स्पीडबोट द्वारा 20 मिनट के सफर की दूरी पर है। लेकिन इमर्जेंसी से सबसे ज्यादा प्रभावित माले ही है और विदेशी मेहमान अब मालदीव की अपनी यात्राएं टालने लगे हैं। बता दें कि टूरिजम का मालदीव की अर्थव्यवस्था में तीसरा बड़ा शेयर है।

 

बीते साल 2017 में मालदीव की जीडीपी 3.5 बिलियन डॉलर थी। रेटिंग एजेंसी मूडी ने अनुमान लगाया है कि अगल मालदीव के हालात नहीं सुधरे और पर्यटक यहां से ऐसे ही किनारा करते रहे, तो साल 2018 में यहां की जीडीपी को करीब 4.5 फीसदी का नुकसान होगा।