udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news उर्गम घाटी के कल्पवीरसे मिलोगे तो मिलेगी आपको *समौण*

उर्गम घाटी के कल्पवीरसे मिलोगे तो मिलेगी आपको *समौण*

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दीपक बेंजवाल

कल्पवीर नाम से जाने जाने उर्गम घाटी के बेहद आत्मीय, चेतनाशील और लोकपंरपराओ के संरक्षक भैजी श्री लक्ष्मण सिंह नेगी से प्यूलानारायण में मुलाकात दिल को भावविभोर कर गयी। कल्पघाटी के रहस्यो, लोकपंरमपराओ और सामाजिक आर्थिक विषयो पर भैजी की शोधपूर्ण जानकारी ने इस हिमालयी यात्रा को दिलचस्प बना दिया।

4 किमी की खड़ी चड़ाई के बीच नेगी जी के नंदा जागर गीतो ने लोक के सबसे आत्मीय मर्म को समझने का सुदंर मौका दिया। उनकी हंसी मजाक और रोचक बातो ने कठिन चड़ाई को भी सहज बना दिया। आप भेंटा ग्रामसभा के प्रधान भी है, एक जनप्रतिनिधि के रूप में सबको साथ लेकर चलने की उनकी भावना के दर्शन पहले ही भर्की मंदिर में हो चुके थे, और रास्ते भर भी वे सभी लोगो का उत्साह बड़ाते दिखे।

एक चेतनाशील इन्सान की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वो निर्विकार भाव से सबको साथ लेकर चलते है। नेगी जी सच में कल्पवीर है। श्री नेगी जी की संस्था ” जनादेश ” उर्गम घाटी में पर्यावरण, सामाजिक उत्थान पर लंबे समय से महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। नंदाराजजात समेत विभिन्न विषयो पर आपकी एक दर्जन से अधिक पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है।

भर्की गाँव जाते समय एक स्थानीय निवासी श्री गोपाल सिंह पंवार से आपके बारे में बहुत कुछ सुनने को मिला। उन्होने बताया कि नेगी जी उनके भूमियाल के पश्वा है और आज की यात्रा में भूम्याल का अवतरण जात की शकुशलता के लिऐ आवश्यक है।

भूम्याल का आशय भूमि के रक्षक ईष्ट से होता है जो विभिन्न रूपो में पहाड़ के गाँवो में विद्यमान होते है। भूम्याल के पश्वा के रूप में आपक चयन तब और भी खास बन जाता है जब आप अपनी भूमि के उत्थान और सृजन कारी कार्यो की अगुवाई करते है। आपके रचनात्मक और आत्मीय रूप का यह बेहद खास हिस्सा है जो आपको विशिष्ट बनाता है।

प्यूलानारयण से विदा होते समय आपके द्वारा मिली नंदा राजजात पुस्तक की समौण मेरे लिऐ यात्रा का सबसे पवित्र प्रसाद बन गयी है। किताब में नंदा स्वनुल के साथ बहुत सारी ऐतिहासिक जानकारियो को स्थानीय तथ्यो के साथ सूरूचिपूर्ण ढंग से पिरोया गया है।