us/ अमरीका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प,अमेरिका में अबकी बार ट्रम्प की सरकार

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वाशिंगटन: डोनाल्ड ट्रंप आठ साल के अंतराल के बाद डेमोक्रेट्स के हाथ से व्हाइट हाउस को वापस हासिल करने में सफल हुए हैं और यह अमेरिकी इतिहास में एक अहम मोड़ साबित हुआ. अमेरिकी समयानुसार, आधी रात के बाद, 70 साल के ट्रंप इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों के जादुई आंकड़े 270 पार किया और अमेरिका के राष्ट?पति बन गए है. फॉक्स न्यूज के आकलनों के अनुसार, ट्रंप को 289 वोट मिले जबकि हिलेरी के हिस्से में 218 वोट आए. अमरीका के अगला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होंगे

ये नतीजे हिलेरी के प्रचार अभियान के लिए एक झटका साबित हो रहे हैं, जिसने प्रचार अभियान पर न सिर्फ ट्रंप से ज्यादा धन खर्च किया था बल्कि प्रमुख राज्यों में अच्छा प्रदर्शन भी किया.जॉर्ज बुश और उनकी पत्नी ने ट्रंप और हिलेरी में से किसी को वोट नहीं दिया.हिलेरी क्लिंटन ने नेवादा, वाशिंगटन, वर्जिनिया और कनेक्टिकट में जीत हासिल की है. वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने अहम राज्य ओहायो, यूटा, फ्लोरिडा मोंटाना और लुइसियाना में जीत दर्ज की है.अभी तक के रूझानों के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप हिलेरी क्लिंटन से आगे हैं. ट्रंप को 150 इलेक्टोरल वोट और हिलेरी को 122 पर बढ़त मिली है.न्यू यॉर्क टाइम्स के मुताबिक, 38 इलेक्टोरल वोट वाले राज्य टेक्सस में ट्रंप ने हिलरी को पछाड़ा. वहीं हाउस ऑफ रेप्रिज़ेंटटिव में रिपब्लिकन्स ने फिर हासिल किया बहुमत.हिलेरी ने इलिनोइस, न्यू जर्सी, मेरीलैंड, डेलावरे, रोड आइलैंड, कोलंबिया में जीत हासिल की है, वहीं ट्रंप ने ओक्लाहोमा, मिसिसिप्पी, फलौरिडा, पेंसिल्वेनिया और न्यू हैम्पशायर में जीत हासिल कर ली है.केंटुकी और इंडियाना में डोनाल्ड ट्रंप जीत गए हैं. वहीं, वरमोंट में हिलेरी क्लिंटन ने जीत दर्ज की है. न्यू हैंपशायर में हिलेरी क्लिंटन ने ट्रंप पर 32-25 से बढ़त बनाई. इससे पहले हिलेरी ने ट्रंप को हार्ट्स लोकेशन में 17-14 से हराते हुए जीत दर्ज की है.कैलिफोर्निया में मतदान केंद्र के पास गोलीबारी हुई है. गोलीबारी में एक शख्स की मौत हो गई है जबकि तीन लोग घायल हो गए हैं. खबर मिल रही है कि फिलहाल अजुसा में मतदान केंद्र को बंद कर दिया गया और सुरक्षाबलों को तैनात कर दिया गया है.यूएस मीडिया के मुताबिक, जॉर्जिया और साउथ कैरोलिना में ट्रंप और डिलेरी के बीच कांटे की टक्कर है. दोनों राज्यों में चुनाव खत्म हो चुका है.डेमोक्रेटिक समर्थक राज्यों में कैलिफोर्निया, कनेक्टिकट, डेलावरे, वाशिंगटन डीसी, हवाई, इलिनोइस, मैने, मेरीलैंड, मैसाचुसेट्स, न्यूजर्सी, न्यूयार्क, ओरेगन, रोड आइलैंड, वर्मोट, वाशिंगटन, मिन्निसोता और न्यू मैक्सिको शामिल हैं.रिपब्लिकन समर्थक राज्यों में अल्बामा, अलास्का, अर्कासास, इडाहो, इंडियाना, कांसास, केंटुकी, लुसियाना, मिसिसिप्पी, मिसौरी, मोंटाना, नेब्रास्का, नार्थ डकोटा, ओक्लाहोमा, साउथ कैरालीना, साउथ डकोटा, टेनेसी, टेक्सास, वेस्ट वर्जिनिया और व्योमिंग शामिल हैं.अमेरिका के सभी 50 राज्यों और वाशिंगटन डी. सी. में सभी छह टाइम जोन में मतदान हो रहा है. 13 राज्यों में अलग-अलग टाइम जोन में मतदान चल रहा है.
अमेरिका में कुल 538 चयनकर्ता

सभी पचास राज्यों और कोलंबिया ज़िले को मिलाकर अमेरिका में कुल 538 चयनकर्ता होते हैं. राष्ट्रपति चुनाव वही जीतता है, जिसे इनमें आधे से ज्यादा यानी कम से कम 270 चयनकर्ताओं का समर्थन हासिल हो जाए. चुनाव जीतने के बाद 20 जनवरी को नए राष्ट्रपति को शपथ दिलाई जाती है.

वोट डालने के बाद बोलीं हिलेरी- ‘मैं बहुत खुश हूं’

हिलेरी ने अपने पति बिल क्लिंटन के साथ न्यूयार्क के चाप्पाकुआ में अपने घर के पास कल एक प्राथमिक विद्यालय में वोट डाला. हिलेरी ने मतदान केंद्र से निकलते हुए कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं, मैं अत्यधिक खुश हूं.’’ उन्होंने वहां लोगों से हाथ मिलाया, ‘मैडम प्रेसीडेंट’ की नारेबाजी के बीच अपने समर्थकों के साथ नारे लगाए.
20 करोड़ लोगों ने की वोटिंग

देश का 45 वां राष्ट्रपति चुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस सदस्यों, प्रांतीय विधायिकाओं के सदस्यों और स्थानीय निकायों के सदस्यों के अलावा करीब 20 करोड़ लोग वोट डालने के योग्य है.

4.2 करोड़ लोग पहले ही वोट डाल चुके हैं

अमेरिकी चुनाव प्रणाली के ‘पहले ही मतदान करने’ के प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए रिकार्ड 4.2 करोड़ लोग पहले ही वोट डाल चुके हैं. यह 2012 के आंकड़े को पार कर गया है जब 3. 23 करोड़ लोगों ने पहले ही वोट डाला था. वर्जीनिया के लाउडन और फेयरफैक्स में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गई. वहां भारतीय मूल के लोगों की अच्छी खासी संख्या है.डेमोक्रेटिक पार्टी से उप राष्ट्रपति पद के उम्मदवार सीनेटेर टीम केन के गृह राज्य वर्जीनिया को एक निर्णायक साबित होने वाले राज्य के रूप में देखा जा रहा. हिलेरी और ट्रंप के आखिरी दिन के चुनाव प्रचार को भी अमेरिकी मीडिया ने निचले स्तर का बताया.

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावः इन 5 कारणों ने पक्की की डोनाल्ड ट्रंप की जीत

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में अभी तक के सबसे कड़े संघर्ष के बाद परिणामों की घोषणा हो चुकी है, रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को पछाड़कर अमेरिका के सबसे ताकतवर शख्स की कुर्सी तक पहुंचने में सफलता हासिल कर ली है।
अमेरिकी लोकतंत्र के 240 साल के इतिहास में इसे अभी तक का सबसे कड़ा मुकाबला माना जा रहा था जहां अंत तक भी किसी की जीत की एकतरफा भविष्यवाणी करना मुश्किल लग रहा था। लेकिन अंत में डोनाल्ड ट्रंप तमाम शंका-आशंकाओं को धता बताते हुए विजेता के रूप में उभरे। ट्रंप की यह जीत कई मायनों में चौंकाने वाली भी है, महिलाओं के खिलाफ अश्लील टिप्पणी के टेप सावर्जनिक होने और मुस्लिमों पर नस्लभेदी बयानों के कारण वह लगातार विवादों में घिरे हुए थे।

अगर ट्रंप या हिलेरी बने अमेरिकी राष्‍ट्रपति तो ये होगा भारत को फायदा

अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए हो रहे चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा, ये बहुत जल्दी साफ हो जाएगा. इस बार का मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा. अभी तक आए नतीजों में ट्रंप जीत के काफी करीब पहुंच गए हैं, लेकिन हिलेरी ने भी उन्होंने जोरदार टक्कर दी है.
70 साल के ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय मूल के वोटरों को लुभाने की तमाम कोशिशें कीं. हालांकि एक सर्वे में 65 फीसदी भारतीयों ने 69 साल की हिलेरी को पसंद किया. ऐसे में कहना मुश्किल है कि भारतीय वोटरों का बहुमत किस उम्मीदवार की तरफ जाएगा. अमेरिका में भारतीय मूल के करीब 25 लाख लोग हैं. यह वहां की आबादी में एक प्रतिशत से कम है. फ्लोरिडा, ओहोयो और कोलोरोडो में भारतीय मूल का असर है.

पाकिस्तान को सजा

ट्रम्प अपने प्रचार के दौरान पाकिस्तान के प्रति कड़ा रवैया दिखा चुके हैं. उन्होंने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि पाकिस्तान एक अस्थिर देश है और वहां मौजूद परमाणु हथियारों से पूरी दुनिया खतरे में है. ट्रम्प ने कहा है, ‘पाकिस्तान ने 9/11 के बाद कई बार धोखा दिया है. राष्ट्रपति बनने पर पाकिस्तान को हर गलती के लिए सजा दूंगा. पाकिस्तान से निपटने के लिए भारत अमेरिका की मदद कर सकता है.’

हिलेरी भी पाकिस्तान को लेकर कई बार आशंका जता चुकी हैं कि वहां तख्तापलट हो सकता है और जिहादी सरकार पर कब्जा जमा सकते हैं. हिलेरी का कहना है कि आतंकी परमाणु हथियारों पर कब्जा कर सकते हैं और दुनिया को आत्मघाती परमाणु हमलावरों से जूझना पड़ेगा.

ट्रम्प और हिलेरी के इन बयानों से लगता है कि इनमें से कोई भी राष्ट्रपति बनता है तो भारत को फायदा होगा क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ बन चुका है और आए दिन भारत में आतंकी हमलों को अंजाम देता है.

चीन को सबक

ट्रम्प चीन को लेकर सख्त रुख दिखा चुके हैं. ट्रम्प ने अपनी चुनावी सभाओं में कहा कि हम उसे अपने पर्यावरण और मजदूरी स्तर को सुधारने के लिए मजबूर करेंगे. चीन को नतीजे भुगतने होंगे.

वहीं हिलेरी ने कहा, चीन हमारे बाजारों में सस्ते उत्पादों को अवैध तरीके से उतारता है. हमारे व्यापार से जुड़े राज चुराता है. अपनी मुद्रा से खेल खेलता है. सरकारी कंपनियों को अनुचित फायदा पहुंचाता है और अमेरिकी कंपनियों के साथ भेदभाव करता है. यदि मैं राष्ट्रपति चुनी जाती हूं तो उसे ‘नियमों’ से चलना होगा.

चीन एनएसजी समेत तमाम मसलों पर बार-बार भारत पर दबाव बनाता रहता है. अगर ट्रम्प या हिलेरी राष्ट्रपति बनते हैं तो एशि‍या में अपना दबदबा बनाने की कोशि‍श में जुटे चीन पर शि‍कंजा कसने के लिहाज से भारत के लिए अच्छा होगा.

दुश्मन के सामने डटकर खड़ा होना

ट्रम्प व्यक्तित्व बेहद मुखर है. वो किसी भी मसले पर बेबाक राय रखते हैं और दुश्मन के सामने डटकर खड़ा रहना उनकी खासियत है. चीन पर उन्होंने एक बार कहा कि वो निर्यात बढ़ाने के लिए अपनी मुद्रा में जोड़-तोड़ करता रहा है. इससे हमारे कामगारों को नुकसान हो रहा है. चीन अमेरिका का ‘रेप’ करता रहे, अब हम इसकी इजाजत नहीं दे सकते.चीन और पाकिस्तान की तुलना में ट्रम्प और इनकी नीतियां भारत के ज्यादा करीब रह सकती हैं. अगर ट्रम्प राष्ट्रपति बनते हैं तो अमेरिका का एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा पर कड़ा रुख रह सकता है.

हिंदुस्तानियों के मन की बात

ट्रम्प ने भारतीय मूल के वोटरों का दिल जीतने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के मशहूर नारे ‘अबकी बार, मोदी सरकार’ की नकल कर अपना नारा बनाया, ‘अबकी बार, ट्रम्प सरकार.’ ट्रम्प को भी पता है कि नरेंद्र मोदी भारतीय अप्रवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. चाहे वो अप्रवासी अमेरिका में रहने वाले हों या ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले. ट्रम्प कई मौकों पर पीएम मोदी और भारत की तारीफ भी कर चुके हैं. ट्रम्प ने भारतीयों में भी हिंदू समुदाय की खूब तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि दुनिया और अमेरिका की संस्कृति के विकास में हिंदू समुदाय का उल्लेखनीय योगदान रहा है.

दूसरी ओर, हिलेरी का कहना है कि वो प्रेसिडेंट ओबामा की तरह ही भारत से रिश्ते मजबूत करेंगी. 21 वीं सदी भारत की होगी औऱ् एशिया में भारत ताकतवर होकर उभर रहा है.

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