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उत्तराखंड के जल स्रोतों के घटते जल स्तर पर जताई चिंता

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पौड़ी:  प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज जनपद के यमकेश्वर ब्लाक के बनास तल्ला, मल्ला में आयोजित कार्यक्रम में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तल्ला बनास का जीर्णाद्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से जल संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री ने गंगा व कोसी नदियों के अलावा उत्तराखंड के जल स्रोतों के घटते जल स्तर पर चिंता जताई। 
विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्राथमिक विद्यालय का जीर्णाद्वार के शिलापट का अनावरण किया। उन्होंने विद्यालय परिसर व कक्षा कक्षों का निरीक्षण कर शिक्षक एवं स्टाफ को पठन पाठन में बेहतर योगदान करने को कहा। श्रीमद्भागवत महापुराण एवं भंडारा समिति तल्ला बनास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोगों से जल के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आव्हान किया। उन्होंने राज्य में घटती वन सम्पदा पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि वन सम्पदा कम होने से जल स्रोतों पर प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ रहा है। जिससे जन जीवन भी निरंतर प्रभावित हो रहा है।  उन्होंने कहा कि पानी की समस्या इस विक्राल समय से निपटने के लिए पौधरोपण करने को कहा। उन्होने कहा कि पानी की खपत को देखते हुए नदियों तथा जल स्रोतों में 45 फीसदी से अधिक की कमी हो रही है। उन्होंने पानी के घटते स्रोतों तथा नदियों के कम होते जल स्तर पर भी चिंता जताई। कहा कि पानी की कमी लगातार इसी प्रकार कम होती रही तो वो दिन दूर नहीं जब घरों में केवल पाइप लाईनों में अवशेष रह जाएंगे।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने जनपद की विभिन्न समस्यों के निस्तारण के लिए सामूहिक योगदान को अहम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पौधरोपण के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य करने की कार्य योजना तैयार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को आयोजित हरियाली दिवस पर प्रदेश सरकार की ओर से एक घंटे में एक लाख पौधरोपण की जाएगी। इसके अलावा हरियाली दिवस के दिन लोगों को भी स्वैच्छिक रूप से पौधरोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
उन्होंने पौधरोपण के क्षेत्र में मैती आंदोलन के प्रयास को सराहनीय बताया। इसी तर्ज पर उन्होंने लोगों से पौधरोपण करने को कहा।  उन्होंने पहाड़ों में निरंतर कम हो रहे पानी की कमी को पूरा करने तथा अन्य स्व रोजगार के कार्यक्रमों के लिए मनरेगा योजना को अहम बताया। कहा कि मनरेगा से ग्रामीण क्षेत्रों की तमाम समस्याओं का निस्तारण सम्भव है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में होम स्टे योजना, पिरूल से तारपीन का तेल, गुलाब का इत्र, गुलाब की खेती, भंाग उत्पादन आदि से स्वरोजगार को बढ़ाने की बात कही।  
उन्होंने किनवा की खेती पर जोर दिया। कहा कि इसे कम पानी व कम समय में उत्पादित कर अच्छी आर्थिकी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने स्वैच्छिक चकबंदी करने की भी बात कही। लैमनग्रास, चैकडेम आदि के बढ़ाने की भी बात कही। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने अपने लगभग 45 मिनट के संबोधन में पहाड़ी क्षेत्रों की सभी समस्याओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का निस्तारण एकजुटता के साथ ही किया जा सकता है। लिहाजा सभी लोगों को सामूहिक रूप से प्रयास करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि टैली मेडिसिन सेवा बैलून के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवायें दी जा रही हैं। उन्होंने लोगों से इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ लेने का आव्हान किया। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने चमोली के घेस ग्राम का उदाहरण देते हुए कहा कि ग्रामीणों के सार्थक प्रयास से मटर की उत्कृष्ट खेती को आज डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों में शामिल किया गया है। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने हिल मेल फाउंडेशन की ओर से युवाओं को दी जा रही सेना भर्ती प्रशिक्षण कार्यक्रम का मौके मुआयना किया।
उन्होंने युवाओं के लिए इसे बेहतर बताया। कार्यक्रम में बनास तल्ला व मल्ला समेत विभिन्न गांव के लोगों ने क्षेत्र में पानी की किल्लत तथा राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाले मोटर मार्ग आदि की समस्याओं से मुख्यमंत्री को रूबरू किया। ग्रामीणों ने क्षेत्र को पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई। जिस पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र ने शीघ्र ही बनास में पेयजल योजना तैयार करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक मनजीत नेगी, विक्रम रौथाण, महावीर कुकरेती, विनोद नेगी ग्राम प्रधान बनास मल्ला, मीरा रतूड़ी, उपेश राणा के साथ ही जिला प्रशासन की ओर से मुख्य विकास अधिकारी दीप्ति सिंह, उप जिलाधिकारी यमकेश्वर कमलेश मेहता के साथ ही विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी व स्थानीय जनता उपस्थित रही।
जिला योजना समिति के सदस्यों के निर्वाचन हेतु जिला पंचायत के सदस्यों की मतदाता सूची को तैयार किये जाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग उत्राखंड की अधिसूचना के तहत जिलाधिकारी/रिटर्निग ऑफिसर (जिला योजना समिति) ने समय सारणी निर्धारित की है। जिसके अनुसार समिति के सदस्यों के निर्वाचन के लिए उपयोग में लायी जाने वाली अंतिम मतदाता की सूची प्रकाशित की जाएगी।
जिलाधिकारी/रिटर्निग ऑफिसर द्वारा बताया गया कि 21 जून को निर्वाचक नामावलियों के आलेख प्रकाशन, 21 से 24 जून तक निरीक्षण एवं दावा/ आपत्ति दाखिल करने की अवधि, 25 जून को दावा/आपत्ति दाखिल करने की अवधि तथा दावा/आपत्ति का निस्तारण, 26 जून को अंतिम रूप से तैयार निर्वाचक नामावली का प्रशसन के अलावा आपत्ति दाखिल करने तथा निस्तारण का स्थान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय होगा। 
 
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार देर सांय आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग की  कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पर्यटन से संबंधित योजनाओं का दूरस्थ क्षेत्रों में प्रचार प्रसार किया जाय ताकि इन योजनाओं से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा सके।
जनपद के होम स्टे योजना के तहत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी सुशील कुमार ने पर्यटन विभाग, सिंचाई, नाबार्ड, बैंकों को ऋण व आवेदन फार्मों पर सरलीकरण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनपद में अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार योजना से जोड़ा जाय। उन्होंने कहा कि विभाग जनपद के गावों तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को होम स्टे योजना का लाभ युवाओं को बतायें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा होम स्टे योजना के तहत आर्थिक सहायता व अन्य सुविधायें मुहैया करायी जाती हैं। राजकीय सहायता की धनराशि एवं मूल सब्सिडी का संयोजन सरकार द्वारा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इच्छुक लाभार्थी जिनका अपना भवन व पट्टे पर भूमि हो वह इस योजना का लाभ ले सकता है। कहा कि योजना के तहत प्रथम पांच वर्षों में पर्वतीय क्षेत्र के लाभार्थियों हेतु पंूजी सकर्म की लागत के 33 प्रतिशत या रूपये दस लाख इसमें जो भी कम मूल सब्सिडी के रूप में एवं पांच वर्ष मे ऋण के सापेक्ष देय ब्याज का 50 प्रतिशत अधिकतम रूपये 1.50 लाख की दर से देय होगी।
उन्होंने पर्यटन विभाग के सभी आवेदनों को ऑनलाइन करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को सतपुली व खैरासैंण में झील निर्माण के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी द्वारा पर्यटन विभाग में लाभार्थियों के आवेदन को गहनता से निरीक्षण करने के उपरान्त वाहन, होटल आदि आवेदनों में से सात में से एक को स्वीकृत किया गया। जबकि एक आवेदन पर पुनः विचार किया गया।
उन्होंने कहा कि रेखीय विभाग आपस में समन्वय बनाकर स्वरोजगार से लाभार्थियों को लाभांवित करें। इस अवसर पर पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी, सहासिक खेल अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, एलडीएम नंदकिशोर समेत पुशपालन, नाबार्ड आदि के अधिकारी उपस्थित रहे।