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उत्तराखंड में भारी बारिश, सड़के बनी तालाब, कई मोटरमार्ग बंद!

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देहरादूनः उत्तराखंड में भारी बारिश, सड़के बनी तालाब, कई मोटरमार्ग बंद! उत्तराखंड में कल से लगातार जरी बारिश में उत्तराखंड में जन जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई मार्ग बंद हैं और मूसलाधार बारिश से सड़कें नदी बन गयी है। मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी थी।

प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी देहरादून में बुधवार की शाम से झमाझम बारिश शुरू हो गई। जो कई घंटों तक जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में लगभग सभी क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 24 घंटों के दौरान गढ़वाल और कुमाऊं के कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में 27 जुलाई तक भारी बारिश का सिस्टम बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके बाद लोगों को भारी बारिश से कुछ राहत मिल सकती है।टनकपुर में बुधवार दोपहर बाद उफान में आए किरोड़ा नाले ने लोगों की राह रोक ली। इस दौरान नाला पार करने की कोशिश में एक पूर्व सैनिक और छात्रा बह गई।

दोनों को मौके पर मौजूद साहसी युवाओं ने बचा लिया। नाले के उफान में आने से पूर्णागिरि मार्ग पर करीब तीन घंटे यातायात ठप रहा। दोनों ओर स्कूली बच्चे एवं यात्री फंसे रहे। उधर, नेपाल के दार्चुला जिले में मलबे में दबने से रौतेड़ा निवासी मजदूर मदन ओड़ (22) की मौत हो गई, जबकि अन्य ने वहां से भागकर जान बचाई। मौसम विभाग ने अगले दो दिन भारी बारिश की चेतावनी दी है।

इधर, निर्माणाधीन टनकपुर-चंपावत ऑलवेदर रोड पर तीन स्थानों पर मलबा आने से करीब दस घंटे यातायात ठप रहा। लगातार बारिश से टिप्पन टॉप और अमरू बैंड में मलबा हटाकर सड़क खोलते ही फिर मलबा आने से सड़क बंद होती रही। दोपहर तीन बजे तक भी सड़क खुल नहीं पाई थी। थल-मुनस्यारी सड़क भी मलबा आने से बाधित रही। मसूरीकांठा-होकरा सड़क पर भी यातायात बाधित रहा। दो जुलाई से बंद कई सड़कों पर अब भी यातायात बहाल नहीं हुआ है। नाचनी के पास हरड़िया और नई बस्ती में करीब 200 मीटर हिस्से में सड़क दरक गई है। रातीगाड़ में पहाड़ी पर पड़ी दरार बढ़ती जा रही है। चंपावत जिले के 11 आंतरिक मोटर मार्ग बंद हैं।

नैनीताल के तीन मोटर मार्ग बुधवार को मलबा आने से बंद हो गए। इन मार्गों में से छड़ा-अड़िया मोटर मार्ग और डोला न्याय पंचायत मोटर मार्ग को शाम तक खोल दिया गया, जबकि महैतो-मझोली मोटर मार्ग देर शाम तक भी नहीं खुल पाया था। भीमताल-हल्द्वानी मार्ग सलड़ी के मध्य पहाड़ी से गिरकर सड़क पर आए मलबे के चलते बुधवार दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक बाधित रहा। चंपावत के जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय ने सुरक्षा के चलते जिलेभर के इंटर तक के सभी स्कूल-कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बृहस्पतिवार को बंद रखने के आदेश दिए हैं।

लोहाघाट-बाराकोट सड़क मार्ग पर तहसील और जीआईसी के पास पहाड़ी दरकने से मुख्य सड़क पर दो स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। इस दौरान चंपावत के जिला आयुर्वेदिक और यूनानी अधिकारी (डीएओ) सुरेश चंद्र उप्रेती का वाहन मलबे की चपेट में आ गया। हालांकि वह और कार चालक बाल-बाल बच गए। उधर, गणाईगंगोली के नियोलियासेरा में बुधवार को सवारियों से भरी एक मैक्स जीप कुलूर नदी में अचानक बाढ़ आने से फंस गई। स्थानीय लोगों ने खतरे की परवाह न करते हुए जीप में सवार नौ लोगों को नदी पार पहुंचाया।

ऊधमसिंह नगर जिले में सुबह से हो रही रिमझिम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। जिले में कुल 72 एमएम बारिश हुई। जिले का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पहाड़ों पर बारिश से सितारगंज में कैलाश नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिलाधिकारी ने मानसून सीजन को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
केदारघाटी में आए दिन हो रही बरसात से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग की हालत दिनोंदिन खराब हो रही है। हाईवे पर रामपुर व डोलिया मंदिर सहित जगह-जगह पर मलबा व बोल्डर गिर रहे हैं, जिससे आए दिन घंटों यातायात प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी से गिर रहे मलबे के कारण जानमाल के नुकसान का खतरा भी बना हुआ है।

जोशीमठ-मलारी हाईवे बुधवार को शाम करीब साढ़े छह बजे सलधार के पास करीब पचास मीटर तक मलबा आने से अवरुद्घ हो गया। हाईवे बंद होने से चीन सीमा क्षेत्र में सेना और आईटीबीपी के जवानों के साथ ही सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। बदरीनाथ हाईवे पिनोला में चट्टान से मलबा आने से करीब एक घंटे तक अवरुद्ध रहा। सुबह दस बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक हाईवे बंद रहने से बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंच रहे तीर्थयात्रियों अपने वाहनों में ही हाईवे खुलने का इंतजार करना पड़ा।