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उत्तराखंड : संवरेगी कृषि एवं औद्यानिकी की तस्वीर !

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गैरसैंण। राज्य सरकार की कोशिशें रंग लाई तो प्रदेश में रसातल पर पहुंच रही खेती किसानी को न सिर्फ संबल मिलेगा, बल्कि इसकी तस्वीर भी बदलेगी। केंद्र की भांति राज्य के बजट में कृषि और औद्यानिकी को तवज्जो दी गई है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के अनुरूप उत्तराखंड को जैविक प्रदेश बनाने की दिशा में भी सरकार ने प्रतिबद्धता दर्शायी है।

असल में विभिन्न कारणों के चलते प्रदेश में खेती पर संकट गहरा रहा है। खुद सरकार मानती है कि पिछले 17 सालों में 70 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि घटी है। यही नहीं, पलायन के कारण खाली होते गांवों के कारण खेत बंजर में तब्दील हो रहे हैं। हालांकि, 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाए हैं,

जिन्हें अब पंख लगेंगे। बजट में किए गए प्रावधानों पर यदि गंभीरता से अमल हुआ तो कृषि और बागवानी की तस्वीर बदलेगी ही, किसानों की आय भी दोगुना करने में मदद मिलेगी। बंजर भूमि को आबाद कर इससे आर्थिकी मजबूत करने की दिशा में सगंध खेती को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया है। जड़ी-बूटी मिशन को भी संबल देने का प्रयास बजट में किया गया है।

यही नहीं, पौष्टिकता से लबरेज राज्य के जैविक कृषि उत्पादों की मांग के मद्देनजर प्रधानमंत्री की उत्तराखंड को जैविक प्रदेश बनाने की ओर अग्रसर करने की घोषणा को मूर्त रूप देने में सरकार जुटी है। वर्तमान में 10 विकासखंड जैविक घोषित किए गए हैं। इस मुहिम को पूरी तरह आकार देने के लिए सरकार प्रदेश में जैविक अधिनियम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं, सरकार ने बजट में कृषि और उससे जुड़े रेखीय विभागों की योजनाओं को समग्र रूप से संचालित करने पर जोर दिया है।

बजट में कृषि-उद्यान
-बजट में कृषि विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए 966.68 करोड़ का प्रावधान।

-उद्यान विभाग के लिए 20 करोड़ की बाह्य सहायतित योजनाओं सहित कुल 311.23 करोड़ का बजट।

-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 63.55 करोड़ के बजट की व्यवस्था।

-पर ड्रॉप मोर क्रॉप योजना में 20 करोड़, परंपरागत कृषि विकास योजना में 83 करोड़ की व्यवस्था।

-किसानों को ऋण मुहैया कराने को दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना में 30 करोड़ की व्यवस्था।

-कृषि यंत्रीकरण के लिए 300 अतिरिक्त फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना।

-औद्यानिक विकास को बाह्य सहायतित परियोजनाओं में 20 करोड़ की व्यवस्था।

-800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 3000 किसानों को सगंध फसलों से जोडऩे का लक्ष्य।

-कृषकों की आय दोगुनी करने की तर्ज पर मत्स्य पालकों की आय भी 2022 तक दोगुना करने का लक्ष्य।

-राजकीय व भेषज संघों की नर्सरियों के विकास व संवद्र्धन योजना के लिए बजट का प्रावधान।

-औद्यानिकी के अंतर्गत 700 करोड़ की बाह््य सहायतित योजना की सैद्धांतिक सहमति।

-राष्ट्रीय उद्यान मिशन योजना में 50.60 करोड़ की राशि का प्रावधान।