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वीभत्स- निर्मम : 11 साल की बच्ची से रेप, हत्या,शरीर पर 86 चोटें

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अहमदाबाद। पूरे भारत में जब जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के वीभत्स रेप और निर्मम हत्या की वजह से उबाल है, गुजरात के सूरत में लगभग 10 दिन से एक अज्ञात बच्ची का शव पहचाने जाने की राह देख रहा है।

 

लगभग 11 साल की इस बच्ची के साथ भी उतनी बर्बरता किए जाने की खबर है जिससे कठुआ की पीडि़ता बच्ची गुजरी थी। बच्ची के शरीर पर चोटों के 86 निशान मिले हैं।लगभग 10 दिन पहले पांडेसेरा पुलिस को जियाव बुडिया रोड के पास क्रिकेट ग्राउंड में झाडिय़ों के पीछे बच्ची का शव मिला था। सूत्रों के मुताबिक, बच्ची को लगभग आठ दिन तक बेरहमी से पीटा गया, रेप किया गया और फिर जान से मार दिया गया।

सूखे आंसू बयान कर रहे क्रूरता की कहानी
बच्ची के साथ की गई क्रूरता जिस हालत में उसकी लाश मिली है, उससे पता लगाई जा सकती है। उसका मुंह खुला था, चेहरे, हाथ, पैर और पीठ पर बांधे जाने के निशान हैं। उसके प्राइेवट पार्ट्स पर भी चोटें पाई गई हैं। उसके दांतों और नाक पर खून जमा हुआ है। यही नहीं, उसके गालों पर सूखे आंसू पाए गए हैं, जिससे समझा जा सकता है कि मासूम को यह निर्दयता झेलने में कितना दर्द हुआ होगा।

 

गला दबाने से मौत
पुलिस ने बताया कि डॉक्टरों की जांच में बच्ची की मौत गला दबाने पर दम घुटने के कारण हुई है। सूरत के सिविल अस्पताल में फरेंसिक विभाग के हेड गणेश गोवेकर ने बताया है कि बच्ची को लगी चोटें किसी लकड़ी के हथियार के इस्तेमाल की ओर इशारा करती हैं। उसके घाव एक से सात दिन पुराने हैं। उसे 86 बाहरी चोटें लगी हैं।

 

अज्ञात के खिलाफ रेप केस दर्ज
पुलिस ने बच्ची के घरवालों की जानकारी देने पर 20,000 रुपये इनाम की घोषणा की है लेकिन अभी तक कोई सामने नहीं आया है। फरेंसिक जांच में बच्ची के साथ रेप की पुष्टि भी की गई है। अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी और पॉक्सो ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

 

पुलिस को शव के बारे में पांडेसेरा निवासी ओम प्रकाश राजपूत ने 6 अप्रैल को बताया। वह अपनी पत्नी और एक अन्य पड़ोसी के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे जब उन्होंने बच्ची को देखा। पुलिस ने तब ऐक्सिडेंटल डेथ का केस दर्ज किया था। हालांकि, फरेंसिक जांच रिपोर्ट सामने आने पर रेप का केस दर्ज किया गया।

मार्शल आर्ट्स टीचर ने दो महिलाओं के सामने की अश्लील हरकत, अरेस्ट
हाल में वह जेल से बाहर निकाला और शनिवार को फिर महिलाओं के सामने अश्लील हरकत करने के जुर्म में अरेस्ट हो गया। दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में दो महिलाओं के सामने गुरुवार को अश्लील हरकत की, हस्तमैथुन किया। संदीप चौहान नाम के इस आरोपी ने महज आधे घंटे में एक ही बिल्डिंग में रहने वाली दो महिलाओं के सामने अश्लील हरकतें कीं। पहले के केस में आरोपी जबरन एक महिला के घर में घुस गया था और उसके सामने हस्तमैथुन करने लगा, घबराई महिला दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट से कूद गई थी।

 

गुरुवार की घटना का पता पुलिस को तब चला जब पीडि़त महिलाओं में से एक ने शिकायत दर्ज कराई। कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद पुलिस ने पाया कि संदीप करीब आधे घंटे से उस एरिया में घूम रहा था और उसके बाद ग्राउंड फ्लोर के एक घर की तरफ बढऩे लगा। वह घर के आसपास घूमता रहा और उसने देखा कि महिला बालकनी में खड़ी हैं।

 

महिला ने बताया कि शुरू में उन्होंने ध्यान नहीं दिया कि वह अश्लील हरकतें कर रहा है, लेकिन जब उनकी बहन और दोस्त बालकनी में उनके पास आए तब उन्होंने उसे हस्तमैथुन करते देखा। उन्होंने बताया, उसने केबल कनेक्शन चेक करने की बात की और जैसे ही मैं अंदर जाने लगीं तो उसने एक बार चेक करने के लिए जोर दिया। शायद वह चाहता था कि हम गेट खोल दें और उसे अंदर आने दें।

दूसरी पीडि़ता रात 12:30 पर जैसे ही अपनी ऑफिस कैब से उतरकर अपने घर की तरफ जा रही थीं, तभी उन्होंने एक शख्स को देखा। उन्होंने बताया, मुझे ऐसा लगा कि कोई मेरा पीछा कर रहा है। मैं तेजी से तीसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में जाने लगी तब भी वह मेरा पीछा कर रहा था, मैं घर की तरफ दौड़ी और वह भी दौडऩे लगा।

जैसे ही महिला ने डोरबेल बजाई, वह उनपर अश्लील कॉमेंट्स करते-करते हस्तमैथुन करने लगा। महिला ने बताया, मैं जल्दी से घर में घुस गई और थोड़ी देर बाद झांककर देखा तो वह वहीं खड़ा था। मैंने घबराहट में अपनी दोस्त को कॉल किया और यह जानकर हैरान रह गई कि उसके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

आरोपी साउथ दिल्ली स्कूल में मार्शल आर्ट्स का टीचर है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं वहां भी आरोपी के खिलाफ कोई ऐसी कंप्लेंट तो नहीं है। आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 292 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

 

मामा-मौसी के बेटों को सजा दिलाओ, करते थे गंदा काम
आईआईटी स्टूडेंट ने अपने सूइसाइड नोट में अपने मामा के बेटे का नाम लिखा है। पुलिस जांच में पता चला है कि नोट में स्टूडेंट ने लिखा है कि मेरी अंतिम इच्छा है कि उसके मामा और मौसी के बेटों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। अभी तक इस मामले में वसंत विहार पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।

डीसीपी मिलिंद डुबड़े का कहना है कि स्टूडेंट के परिजनों ने उनसे एक-दो दिन का समय मांगा है, मामला परिवार के बीच ही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि वह अपनी ओर से कार्रवाई करेगी। इस मामले में चूंकि वारदात वेस्ट बंगाल में ही हुई थी इसलिए दिल्ली में जीरो एफआईआर दर्ज करके मामले को वहीं रेफर कर दिया जाएगा। आगे की जांच कोलकाता पुलिस करेगी।

सूत्रों का कहना है कि सूइसाइड नोट में स्टूडेंट ने छोटे भाइयों, भाभी और माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा है कि जब वह 11 साल का था, तब हुगली में मामा के लडक़े ने उसके साथ यौन शोषण किया था। इसके कुछ दिन बाद मौसी के लडक़े ने भी सोडोमी की थी। यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा।

जब वह दिल्ली आया, तब उसे पता लगा कि यह बहुत गंदा काम है। इससे वह लगातार डिप्रेशन का शिकार होने लगा। नोट में लिखा है कि ऐसी जिल्लत भरी जिंदगी से परेशान होकर ही मैं अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहा हूं। इस मामले में यह भी पता लगा है कि वह पिछले साल जुलाई में दिल्ली आ गया था। इसके बाद उसके दोनों कजन फोन कर उसपर कोलकाता आने का दबाव बनाते रहते थे। वह बहुत ज्यादा डिप्रेशन का शिकार हो गया था।

पहले भी की थीं जान देने की कोशिशें
स्टूडेंट ने 10 अप्रैल को भी नींद की गोलियां खाकर जान देने का प्रयास किया था। जांच में पता लगा है कि स्टूडेंट ने इससे पहले भी 10वीं क्लास में सूइसाइड करने की कोशिश की थी।साउथ-वेस्ट दिल्ली के डीसीपी मिलिंद डूबड़े ने भी इस बात को कन्फर्म किया है। आईआईटी स्टूडेंट्स ने बताया कि वेस्ट बंगाल के हुगली में रहने वाले इस स्टूडेंट ने वहीं पर एक बार और सूइसाइड का प्रयास किया था। तब वह कामयाब नहीं हुआ था। इसी तरह से 10 अप्रैल की रात को भी नींद की गोलियां खाकर सूइसाइड करने का प्रयास किया। तब समय रहते उसे सफदरजंग हॉस्पिटल ले गए, जहां उसकी जान बच गई।

स्टूडेंटस ने बताया कि 10 अप्रैल को तो उसकी जान बच गई थी। हालांकि हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने के बाद हॉस्टल में वह सबसे दूर ही रह रहा था। शायद वह अंदर ही अंदर बहुत गलत महसूस कर रहा था। उस दिन भी उसने एक पेज का सूइसाइड नोट लिखा था। उसमें इन्हीं तमाम बातों का जिक्र किया था। अब गुरुवार रात को की गई आत्महत्या के बाद ऐसा ही एक सूइसाइड नोट सामने आया है।

 

अस्पताल से हॉस्टल आने के बाद 12 अप्रैल की रात को उसके साथ रह रहे दो स्टूडेंटस में से एक दूसरे रूम में शिफ्ट हो गया था। एक लडक़ा वहां सो रहा था। पता चला है कि स्टूडेंट ने रूममेट को खुद ही दूसरे कमरे में जाने को कहा था। उनका कहना था कि यहां वह दवाइयों की बदबू में रहेगा। उसने यह भी कहा था कि वह लाइट बंद करके सोना चाहता है, ऐसे में उनकी पढ़ाई का भी नुकसान होगा। यह कहते हुए उसने रूममेट को दूसरे कमरे में भेज दिया था।

 

किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि वह उसी रात अपनी जान दे देगा। अगले दिन शुक्रवार सुबह जब कमरे का दरवाजा बहुत देर तक नहीं खुला तो रूममेट ने गेट को खुलवाने की कोशिश की। अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब खिडक़ी से देखा गया तो वह पंखे से हुआ मिला। इस बात का पता शुक्रवार सुबह 8:05 बजे लगा। तुरंत इस बारे में सिक्यॉरिटी को खबर दी गई और फिर पुलिस को बताया गया। पुलिस ने रमेश के शव का सफदरजंग हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया।