udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news विधायक निधि के कार्यों के लिए भी बजट के अनुसार कार्य करने को कहा

विधायक निधि के कार्यों के लिए भी बजट के अनुसार कार्य करने को कहा

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पौड़ी:  जिला योजना की बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के 32 विभागों के प्रस्तावित परिव्यय के सापेक्ष धनराशि व्यय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभागों को प्रस्तावित परिव्यय के सापेक्ष प्राप्त होने वाली धनराशि को तय समय पर व्यय करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी निर्माण दायी विभागों को विधायक निधि के कार्यों के लिए भी बजट के अनुसार कार्य करने को कहा। 
विकास भवन सभागार में जिला सेक्टर, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित, बाह्य सहायतित योजनाओं तथा बीस सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस मौके पर जिलाधिकारी ने जनपद में विधायक निधि से प्रास्तावित होने वाले कार्यों के लिए बजट के अनुसार कार्य योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि विधायक निधि में अधिकतर कार्य लोक निर्माण विभाग तथा जल निगम व जल संस्थान से संबंधित होते हैं। लिहाजा विभाग बजट के अनुसार कार्यों का सटीक आंगणन कर बजट को व्यय करें।
उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष के लंबित कार्यों को वरियता देते हुए शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। बैठक का संचालन करते हुए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल कुमार शाह ने बताया कि वित्तीय वर्ष के लिए जनपद के 32 विभागों को जिला योजना से 66 करोड़ की धनराशि का प्रस्तावित परिव्यय तैयार किया गया है।
जिसमें लोनिवि को सर्वाधिक 14 करोड़, जल संस्थान को 11, जल निगम को 9, सिंचाई को 7 तथा पीआरडी को तीन करोड़, पूल्ड आवास, वन, एमआई, कृषि, उद्यान, पशु पालन, सहकारिता, पर्यटन, खेल कूद आदि विभागों के लिए एक-एक करोड़ की धनराशि को प्रस्तावित किया गया है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की ओर से जिला योजना के अन्तर्गत पूंजीगत कार्यों के लिए करीब 56 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई है। उन्होंने विभागों को जिला योजना के अन्तर्गत लंबित तथा प्रस्तावित कामों के लिए अभी से कसरत करने को कहा।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, मुख्य कृषि अधिकारी डा0 देवेंद्र सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी डा0 नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी हरेराम यादव, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह, परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत, ईई विद्युत अभिनव रावत समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत तथा पंचायती राज विभाग की पहल पर स्वच्छ पंचायत के निर्माण में कूड़ा प्रबंधन को लेकर बैठक आयोजित की गई। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उन्होंने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से ग्राम पंचायत स्तर पर ही कूड़े का उचित प्रबंधन करने को कहा। उन्होंने कहा कि  अब शहरों की ही तर्ज पर ग्राम पंचायत स्तर पर ही कूड़ा फैकने आदि पर दंडित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचातय राज से संबंधित सभी ब्लाक व ग्राम पंचातय प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में कूड़े का प्रबंधन कर उसका निस्तारण करेंगे। कहा कि भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायतें भी कूड़ा निस्तारण करने में सहयोग करेंगी। कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को तकनीकी जानकारियां उपलब्ध करायी जाएंगी।
इस मौके पर जिला पंचातय राज अधिकारी एमएम खान ने प्रोजेक्टर के माध्यम से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं हथालन नियम 2016, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं हथालन नियम 2016 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 29 में जारी विभिन्न दिशा निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी।
बताया कि कूड़े को इधर- उधर फैंकना कानून अपराध की श्रेणी में शामिल हो गया है।  कहा कि इसके तहत दंडात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक की थैलियों का प्रयोग न करने को कहा। उन्होंने ठोस एवं गीला कूड़ा निस्तारण की वैज्ञानिक विधियों पर भी रोशनी डाली।
इस मौके पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, मुख्य कृषि अधिकारी डा0 देवेंद्र सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी डा0 नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी हरेराम यादव, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह, परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत, ईई विद्युत अभिनव रावत समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में प्राप्त शिकायतें व निस्तारित शिकायतों की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी सुशील कुमार की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान ने बैठक का संचालन करते हुए बताया कि जनपद में 536 लंबित शिकायतें हैं। जिलाधिकारी ने जनपद के 61 अधिकारियों में से कुल 16 अधिकारी ही गांव में गये। जिनके द्वारा 36 शिकायतें विभिन्न विभागों से प्राप्त हुई तथा उसमें से 32 शिकायतें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत गांव में रात्रि विश्राम तथा लोगों की शिकायतें न सुनने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसको गम्भीरता से  लें। कहा कि इसी प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति हुई तो अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
इस दौरान बीएसएनलएल के कार्यों की समीक्षा के दौरान जीपीओ से दूरस्थ गांवों को बीएसएलएन सेवा से जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पौड़ी, खिर्सू, पाबौ, सतपुली तथा कोटद्वार में कम कार्यों पर नाराजगी जताते हुए कार्यों में शीघ्र गति लाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि यदि समय पर कार्य पूरा नहीं किया गया तो कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। उन्होंने इस दौरान सीएससी के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि  जहां जहां सीएचसी नहीं खोली गई हैं वहां पर तत्काल सीएचसी खुलवाने तथा कार्य शुरू करने के निर्देश दिये।  उन्होंने सीएचसी, बीएसएनएल तथा एनआईसी आपस में समन्वय बनाते हुए कार्यों को तत्काल संचालित करने के निर्देश दिये संबंधित अधिकारियों को दिये।
उन्हांेंने सीएचसी को जहां-जहां सीएचसी शुरू हो गई है उनकी रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसक मौके पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान, मुख्य कृषि अधिकारी डा0 देवेंद्र सिंह राणा, जिला उद्यान अधिकारी डा0 नरेंद्र कुमार, जिला शिक्षाधिकारी हरेराम यादव, जिला पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह, परियोजना अर्थशास्त्री दीपक रावत, ईई विद्युत अभिनव रावत समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।