udaydinmaan, News Jagran, Danik Uttarakhand, Khabar Aaj Tak,Hindi News, Online hindi news विजयनगर और चन्द्रापुरी में एक सप्ताह के भीतर पुल निर्माण को मिलेगी धनराशि

विजयनगर और चन्द्रापुरी में एक सप्ताह के भीतर पुल निर्माण को मिलेगी धनराशि

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सीएम से मिले नगर पंचायत अध्यक्ष खत्री ,पुल निर्माण को लेकर की चर्चा

रुद्रप्रयाग। विजयनगर और चन्द्रापुरी में निर्माणधीन झूलापुलों को धनराशि मिलने की संभावना नजर आ रही है। एक सप्ताह के भीतर पुलों के निर्माण कार्य को लेकर धनराशि अवमुक्त की जायेगी, जिसके बाद जल्द ही पुलों का निर्माण कार्य शुरू होने से जनता की समस्याएं भी खत्म हो जायेंगी।

नगर पंचायत अगस्त्यमुनि के अध्यक्ष अशोक खत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मिलकर उन्हें केदारघाटी की समस्याओं से रूबरू करवाया गया है। उन्हें बताया गया कि विजयनगर और चन्द्रापुरी में पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है, जिससे जनता की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में जनता के बीच सरकार की भी किरकिरी हो रही है।

पैंसा न मिलने से निर्माण कार्य रूका पड़ा है। उन्होंने बताया कि विजयनगर पुल से रुद्रप्रयाग और केदारनाथ विधानसभा की दस हजार से अधिक की जनसंख्या जुड़ी हुई है। हर दिन ग्रामीण जनता अपनी रोजमर्रा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विजयनगर और अगस्त्यमुनि पहुंचती है, लेकिन उन्हें ट्राली से आवागमन करना पड़ता है।

जो लोग ट्राली से आर-पार जाने में कतराते हैं उन्हें मीलों दूर पैदल चलकर आना पड़ता है। श्री खत्री ने बताया कि सीएम रावत के सम्मुख केदारघाटी के प्रभावितों की समस्या को रखा गया है। सीएम रावत को बताया गया है कि पुल न बनने से नाराज ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है और पिछले दस-बारह दिनों से प्रभावित धरना दे रहे हैं।

चन्द्रापुरी और विजयनगर में ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं और उन्हें क्षेत्रीय जनता का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। श्री खत्री ने बताया कि सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ग्रामीणों को परेशानियों को समझते हुए तत्काल मुख्य सचिव उत्पल कुमार से वार्ता की और वित्तीय समिति की बैठक बुलाकर पुल के संसोधित आंगणन को मंजूरी दे दी गई है।

अब एक सप्ताह के भीतर ही पुलों के निर्माण के लिए धन आवंटन कर लिया जायेगा और उसके बाद निर्माण कार्य पुनः शुरू हो जायेगा। नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री ने बताया कि केदारघाटी के विकास के लिए संघर्ष किया जा रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में भी पुल निर्माण को लेकर काफी संघर्ष किया गया था और आज भी पुलों के निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन और सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आपदा के साढ़े चार साल गुजर चुके हैं और ग्रामीण जनता को खासी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि जनसंघर्षों के लिए आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी जायेगी।